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दीपावली पर सुरक्षित एवं स्वस्थ उत्सव मनाएँ : सुनील यादव

पटाखों के धुएँ एवं धूल से दूर रहें। अत्यधिक प्रदूषण के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा बाहर व्यायाम करने से बचें। चिकित्सक द्वारा निर्धारित इनहेलर एवं अन्य दवाएँ अपने पास रखें तथा निर्धारित निर्देशों के अनुसार उनका उपयोग करें। घर के अंदर धुआँ आने से रोकने के लिए खिड़की-दरवाजे बंद रखें और स्वच्छ हवा वाले स्थान पर रहें। सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, बोलने में परेशानी, होंठ नीले पड़ना या इनहेलर से राहत न मिलने पर तत्काल अस्पताल जाएँ। बच्चों गर्भवती महिलाओं एवं बुजुर्गों को भी पटाखों के धुएँ और अत्यधिक वायु प्रदूषण से विशेष रूप से बचाना चाहिए।

हुज़ैफ़ा अबरार
November 08 2026 Updated: November 08 2026 23:15
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दीपावली पर सुरक्षित एवं स्वस्थ उत्सव मनाएँ : सुनील यादव Image of Safe and Healthy Diwali

लखनऊ। दीपावली प्रकाश, उल्लास एवं खुशियों का पर्व है। इस अवसर पर फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने एक वर्चुअल बैठक में दीपावली के दौरान संभावित स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाव, अस्पतालों की आपातकालीन तैयारियों तथा आम जनमानस को जागरूक करने के संबंध में जन अपील की। श्री यादव ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहार की खुशियों को दुर्घटनाओं आगजनी आंखों की चोट जलने की घटनाओं मिलावटी खाद्य पदार्थों एवं वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याओं में परिवर्तित न होने दें। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

 पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव
पटाखे केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से खरीदें तथा पैकेट पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। पटाखे खुले एवं सुरक्षित स्थान पर ही जलाएँ। घरों, अस्पतालों, वाहनों, पेट्रोल पंपों तथा ज्वलनशील पदार्थों के नजदीक पटाखे न जलाएँ। बच्चों को पटाखे अकेले न जलाने दें। हमेशा वयस्कों की निगरानी रखें। सूती एवं शरीर से सटे हुए कपड़े पहनें। ढीले, सिंथेटिक एवं अधिक लटकने वाले वस्त्रों से बचें। पैरों में बंद जूते पहनें। पटाखे जलाते समय पानी एवं रेत से भरी बाल्टी पास में रखें। पटाखे हाथ में पकड़कर न जलाएँ, न ही जलाने के बाद उसके पास झुकें। जो पटाखा जलाने पर नहीं फूटता (Dud Firecracker), उसके पास न जाएँ उसे छुएँ या उठाएँ नहीं और दोबारा जलाने का प्रयास बिल्कुल न करें। आसपास के लोगों को दूर रखें तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशानुसार ही सुरक्षित निस्तारण करें। उपयोग की गई फुलझड़ी की लोहे की तार भी गर्म रहती है, उसे तुरंत न छुएँ।

 

पटाखों से जलने पर तुरंत क्या करें
यदि किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लग जाए तो उसे रुकने जमीन पर लेटकर लुढ़कने (Stop, Drop and Roll) या कंबल से आग बुझाने में सहायता करें। जलने की स्थिति में: प्रभावित स्थान को तुरंत लगभग 20 मिनट तक साफ, ठंडे बहते पानी से ठंडा करें। जले हुए स्थान पर बर्फ, टूथपेस्ट, घी, तेल, हल्दी, स्याही अथवा कोई घरेलू लेप न लगाएँ। फफोले न फोड़ें और जले हुए स्थान से चिपड़े कपड़े को जबरदस्ती न हटाएँ।प्रभावित स्थान को साफ, सूखी एवं ढीली, न चिपकने वाली ड्रेसिंग से ढकें। चेहरे हाथ पैर आंख जननांग या बड़े क्षेत्र में जलने गहरे घाव सांस लेने में कठिनाई अथवा बच्चे एवं बुजुर्ग के जलने पर तत्काल अस्पताल पहुँचें। 

 आंखों एवं अन्य चोटों में विशेष सावधानी
पटाखों से निकलने वाले कण, चिंगारी एवं रासायनिक पदार्थ आंखों को गंभीर क्षति पहुँचा सकते हैं। आंख में धूल, रसायन अथवा पटाखे का कोई कण जाने पर साफ पानी से 15–20 मिनट तक लगातार आंख धोएँ। आंख को बिल्कुल न रगड़ें और न ही दबाव डालें। आंख में फँसी हुई वस्तु को स्वयं निकालने का प्रयास न करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई आई ड्रॉप या मलहम न डालें। आंख की चोट होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ अथवा निकटतम अस्पताल में उपचार कराएँ। पटाखों के विस्फोट से गंभीर चोट रक्तस्राव एवं आंतरिक चोट भी हो सकती है। अत्यधिक रक्तस्राव होने पर सुरक्षित स्थिति में साफ कपड़े से घाव पर सीधा दबाव बनाएँ तथा तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

हृदय एवं सांस के मरीजों के लिए विशेष सावधानियाँ
दीपावली में पटाखों का धुआँ, बढ़ता वायु एवं ध्वनि प्रदूषण विशेष रूप से हृदय रोगियों उच्च रक्तचाप मधुमेह अस्थमा, COPD तथा अन्य सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हृदय रोगियों के लिए-चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन करें। दवाएँ स्वयं बंद न करें। अत्यधिक धुएँ ध्वनि प्रदूषण एवं अनावश्यक शारीरिक परिश्रम से बचें। सीने में दर्द दबाव भारीपन सांस फूलना ठंडा पसीना चक्कर या दर्द का हाथ कंधे अथवा जबड़े तक फैलना गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत 112 अथवा 108 पर संपर्क कर चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल न जाएँ।

अस्थमा एवं COPD के मरीजों के लिएपटाखों के धुएँ एवं धूल से दूर रहें। अत्यधिक प्रदूषण के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा बाहर व्यायाम करने से बचें। चिकित्सक द्वारा निर्धारित इनहेलर एवं अन्य दवाएँ अपने पास रखें तथा निर्धारित निर्देशों के अनुसार उनका उपयोग करें। घर के अंदर धुआँ आने से रोकने के लिए खिड़की-दरवाजे बंद रखें और स्वच्छ हवा वाले स्थान पर रहें। सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, बोलने में परेशानी, होंठ नीले पड़ना या इनहेलर से राहत न मिलने पर तत्काल अस्पताल जाएँ। बच्चों गर्भवती महिलाओं एवं बुजुर्गों को भी पटाखों के धुएँ और अत्यधिक वायु प्रदूषण से विशेष रूप से बचाना चाहिए।

 मिठाइयों एवं डेयरी उत्पादों में मिलावट से बचाव
दीपावली के दौरान मावा खोया पनीर दूध एवं मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। मिठाइयाँ हमेशा प्रतिष्ठित एवं FSSAI लाइसेंस/पंजीकरण प्राप्त दुकानों से ही खरीदें। पैक्ड उत्पादों पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, पैकेजिंग एवं FSSAI लाइसेंस नंबर अवश्य देखें। अत्यधिक चमकीले एवं असामान्य रंग वाली मिठाइयों से बचें। मावा एवं छेना से बनी मिठाइयों को खरीदने के बाद शीघ्र फ्रिज में रखें। फ्रिज का तापमान 5°C से कम बनाए रखें तथा इन्हें लंबे समय तक सामान्य तापमान पर न छोड़ें। संदिग्ध गंध रंग स्वाद अथवा बनावट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। FSSAI के DART घरेलू परीक्षण कुछ विशेष मिलावटों की प्रारंभिक पहचान में मदद कर सकते हैं, लेकिन ये खाद्य पदार्थ की पूर्ण शुद्धता का प्रमाण नहीं हैं।

 अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्थाएँ
 सुनील यादव ने सभी फार्मासिस्टों से अपील किया है कि दीपावली के दौरान सभी सरकारी चिकित्सालयों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। जलने आंखों की चोट पटाखों से विस्फोट एवं अन्य दुर्घटनाओं के उपचार हेतु आवश्यक दवाएँ, ड्रेसिंग सामग्री एवं उपकरण उपलब्ध रखें। ऑक्सीजन, सक्शन मशीन, Bag-Valve-Mask (Ambu Bag), एयरवे ट्रॉली, पल्स ऑक्सीमीटर, ECG, डिफिब्रिलेटर एवं नेबुलाइजर कार्यशील अवस्था में रखें। एम्बुलेंस ब्लड बैंक ICU, बर्न यूनिट एवं उच्च चिकित्सा संस्थानों के साथ रेफरल व्यवस्था सक्रिय रखें। अस्पताल परिसर में अग्निशमन यंत्रों, अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास एवं विद्युत बैकअप की जांच कराएँ।

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