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लखनऊ । त्योहारों के दिन करीब आते ही बाजारों में अलग ही रौनक छा जाती है। काजू कतली से लेकर बर्फी तक मिठाइयों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उन पर चांदी का वर्क लगाया जाता है। चमचमाती मिठाइयां देखकर किसी के भी मुंह में पानी आ सकता है। मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला चांदी का वर्क यदि नकली या गैर-खाद्य धातुओं से बना हो तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वर्क में एल्युमिनियम या अन्य अनुपयुक्त धातुओं का इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार हानिकारक धातुओं से दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे पेट संबंधी समस्याओं के अलावा लंबे समय तक संपर्क रहने पर किडनी और तंत्रिका तंत्र को भी नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
मिठाइयों पर लगाए जाने वाले चांदी के वर्क में मिलावट को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। लैब जांच की रिपोर्टों में कुछ नमूनों में असली चांदी के बजाय एल्युमिनियम और अन्य धातुएं मिलने की बात सामने आई है। नकली चांदी के वर्क में क्या मिला?
प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार मिठाइयों पर इस्तेमाल होने वाले चांदी और सोने के वर्क के नमूनों की जांच में मिलावट सामने आई।
कुछ नमूनों में एल्युमिनियम और लोहे जैसी धातुएं मिलीं। कुछ नमूनों में चांदी की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम थी।
असली चांदी के नाम पर दूसरी धातुओं से बना वर्क बेचे जाने की आशंका सामने आई।
नकली चांदी का वर्क खाने से नुकसान
यदि मिठाई पर लगा वर्क खाने के लिए अनुपयुक्त धातुओं से बना है या उसमें हानिकारक भारी धातुओं की मिलावट है, तो इसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। पेट की परेशानी पेट दर्द, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। लिवर पर असर: कुछ हानिकारक धातुओं के लंबे समय तक संपर्क से लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। किडनी को नुकसान: कुछ धातुओं के लगातार सेवन से किडनी प्रभावित हो सकती है। तंत्रिका तंत्र पर असर: कुछ भारी धातुओं का लंबे समय तक संपर्क मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि नुकसान की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि वर्क में कौन-सी धातु है, उसकी कितनी मात्रा शरीर में गई है और कितने समय तक उसका सेवन हुआ है। एक बार ऐसी मिठाई खा लेने का मतलब यह नहीं है कि आपको गंभीर नुकसान हो गया है।
ध्यान दें: ये निष्कर्ष जांचे गए नमूनों से संबंधित हैं। इनके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि बाजार में बिकने वाला हर चांदी का वर्क नकली है। नकली चांदी का वर्क केवल दिखावे का मामला नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंता है। हालांकि असली चांदी का निर्धारित मानकों के अनुरूप बना वर्क और हानिकारक धातुओं से बना नकली वर्क एक जैसे नहीं हैं। इसलिए घबराने के बजाय मिठाई की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।







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