गोरखपुर। इसमें किसी को भी भ्रांति नहीं होनी चाहिए कि आयुर्वेद न केवल प्राचीनतम बल्कि आरोग्यता प्रदान करने वाली हानिरहित व श्रेष्ठतम भारतीय चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेद एक विशद क्षेत्र है जिसमें हम औषधियां प्रदान करने वाले पादपों व वृक्षों की सेहत का भी पूरा ध्यान रखते हैं। श्रेष्ठ गुणों वाली औषधियों को प्राप्त करने के लिए पादप के विकास हेतु भूमि चयन से लेकर बीजोत्पत्ति व पोषण पर वैज्ञानिक विधि से विश्लेषण करना होता है।
ये बातें केएलई कॉलेज ऑफ आयुर्वेद, बेलगावी, कर्नाटक में द्रव्यगुण विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अद्वेष बी. होलेयाधे ने कही। वह मंगलवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम की संस्था गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में बीएएमएस प्रथम वर्ष के दीक्षा पाठ्यचर्या (ट्रांजिशनल करिकुलम) समारोह के सातवें दिन "वृक्षार्युवेद एवं मृगायुर्वेद" विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दे रहे थे। डॉ. अद्वेष ने कहा कि सही मायने में वृक्षार्युवेद वृक्षों को रोगग्रस्त होने से बचाने का उपाय है।
वृक्षार्युवेद के अध्ययन से पादपों को रोगमुक्त करने के साथ ही उनसे प्राप्त फसल के आकार व उनके गुणों में भी अभिवृद्धि संभव है। इस संबंध में तमाम पादपों पर सफल शोध किया जा चुका है। वृक्षायुर्वेद इस पक्ष को मानता है कि मानव शरीर की भांति पेड़-पौधों में भी वात, पित्त और कफ के लक्षण होते हैं और इनमें गड़बड़ होने पर वनस्पतियां बीमार हो जाती हैं। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को वृक्षार्युवेद के पाठ्यक्रम से भी रूबरू कराया।
इसी क्रम में "वदतु संस्कृतम" के सत्र में डॉ. शिवानंद यादव ने आयुर्वेद के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसके व्याकरण पक्ष की विस्तार से जानकारी दी। गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में रचना विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गणेश पाटिल ने अपने व्याख्यान में 'मेडिकल एथिक्स' के बारे में बताया। एक अन्य सत्र में राहुल श्रीवास्तव ने कंप्यूटर स्किल्स की जानकारी दी।
संस्था के कुशल व सफल संचालन को छात्रों व शिक्षकों में सामंजस्य अनिवार्य : डॉ. राव
दीक्षा पाठ्यचर्या समारोह में मंगलवार के पहले सत्र में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने "आपकी संस्था-हमारी संस्था" विषय पर छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि केवल छात्र या केवल शिक्षक किसी संस्था को नहीं चला सकते। कुशल व सफल संचालन के लिए छात्रों व शिक्षकों में परस्पर सहयोग व सामंजस्य होना चाहिए। हमें मिल जुलकर इस संस्था को उन मानकों तक ले जाना है जिससे यह अन्य संस्थाओं के लिए रोल मॉडल बन सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप अपनी निजी वस्तुओं को संभालकर रखते हैं उसी प्रकार इस संस्था को उच्च मानकों पर सहेजने की भी जिम्मेदारी आपकी ही है।
डॉ राव ने कहा कि हर संस्था का एक निश्चित उद्देश्य होता है और हमारी संस्था का उद्देश्य है भारतीयता के आवरण में विविधतापूर्ण शिक्षा के अद्यानुतन स्वरूप से राष्ट्र व समाज की सेवा। कार्यक्रमों में गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्राचार्य डॉ. पी. सुरेश, प्रो. (डॉ) एसएन सिंह, एसोसिएट प्रो. डॉ. सुमिथ कुमार एम, एसोसिएट प्रो. डॉ प्रज्ञा सिंह, एसोसिएट प्रो. डॉ. पीयूष वर्सा, एसोसिएट प्रो. डॉ. दीपू मनोहर, असिस्टेंट प्रो. डॉ. प्रिया नायर आदि की सक्रिय सहभागिता रही।
एस. के. राणा March 06 2025 0 33855
एस. के. राणा March 07 2025 0 33744
एस. के. राणा March 08 2025 0 32301
यादवेंद्र सिंह February 24 2025 0 27084
हुज़ैफ़ा अबरार March 03 2025 0 23754
हुज़ैफ़ा अबरार March 20 2025 0 22755
सौंदर्या राय May 06 2023 0 81684
सौंदर्या राय March 09 2023 0 86411
सौंदर्या राय March 03 2023 0 85986
admin January 04 2023 0 86814
सौंदर्या राय December 27 2022 0 75864
सौंदर्या राय December 08 2022 0 65545
आयशा खातून December 05 2022 0 119436
लेख विभाग November 15 2022 0 88912
श्वेता सिंह November 10 2022 0 105063
श्वेता सिंह November 07 2022 0 87458
लेख विभाग October 23 2022 0 72683
लेख विभाग October 24 2022 0 74789
लेख विभाग October 22 2022 0 81510
श्वेता सिंह October 15 2022 0 87786
श्वेता सिंह October 16 2022 0 82016
डब्ल्यूएचओ की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक ऐसे वायरस की खोज की जा रही है, जो आने वाले समय में कोर
कंपनी ने बताया कि Myfembree को प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं में गर्भाशय फाइब्रॉएड से जुड़े भारी मासिक धर्म
रीजेंसी हॉस्पिटल समूह 25 वर्षों से अधिक अवधि में लखनऊ, कानपुर और आसपास के अन्य शहरों, ग्रामीण क्षेत्
रविवार को लोकबंधु अस्पताल में पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत नि:शुल्क स्वास्
आज हम मेडिकल साइंस के लिहाज़ से भी काफ़ी आगे बढ़ चुके हैं. लिहाज़ा उम्मीद यही है कि नए कोरोना वायरस
यूपी के कई जिलों लगातार हो रही बारिश से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुलंदशहर के
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएचसी में गर्भवती महिलाओं को उपचार के अलावा बाकी बीमारी से पीड़ितों को भी
तीन साल में शराब से लिवर सिरोसिस का ग्राफ 37 से बढ़कर 60 फीसदी तक पहुंच गया है। इसका खुलासा जीएसवीएम
Tavaborole टॉपिकल सॉल्यूशन ऐंटिफंगल है जिसे पैर की उँगलियों में होने वाले फंगल उपचार के लिए प्रयोग क
कई बार लेजऱ प्रक्रिया से ऑपरेशन के बाद रोगियों को रात में धुंधला दिखना या फ्लैप संबंधी समस्याओं का स
COMMENTS