वॉशिंगटन । विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड संक्रमण से होने वाली मरीजों की मृत्यु पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस महामारी खत्म नहीं हुई है और कोविड संक्रमण की वजह से मरीजों की मृत्यु के मामलों में दुनिया भर में इजाफा भी देखा जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कोविड-19 टेक्निकल लीड डॉ. मारिया वान केरखोव (Maria Van Kerkhove, the WHO's technical lead) ने हाल ही में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कोविड की वजह से होने वाली मृत्युदर दुखद है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण से सुरक्षा देने के लिए आज इलाज के तरीके, वैक्सीनेशन और स्वास्थ्य इकाइयों के पास इंतजाम है। ऐसे में कोविड से लोगों का मरना तकलीफ देने वाली घटना है।
कुछ समय पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम ने भी बयान दिया था कि कोरोना वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। साल 2022 में ही अब तक कोरोना से 10 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी है जो इस संक्रमण के खतरे के बरकरार रहने का एक सबूत हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत ( दिसंबर 2019) से अब तक वैश्विक आबादी के स्वास्थ्य पर इस वायरस का बहुत अधिक असर देखा गया है। कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट्स की चपेट में आने के कारण दुनियाभर में करोड़ों लोगों को संक्रमण हुआ । वहीं, अब तक 64 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु भी कोविड-19 संक्रमण की वजह से हो चुकी है।
मारिया के अनुसार कोरोना संक्रमण से मृत्यु का खतरा बढ़ने के 2 प्रमुख कारण ये हैं-
एक्सपर्ट्स के अनुसार, विश्वभर में कोरोना वायरस के जिन वेरिएंट्स का असर सबसे अधिक देखा गया है उन्हें भी बहुत गम्भीर बीमारी का कारण नहीं बताया गया है। इससे एक बात साफ होती है कि लोग दुनियाभर में कोरोना वायरस और उसके स्ट्रेन्स को कम गंभीरता से लिया जा रहा है।
Edited by Shweta Singh
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