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लखनऊ। बरेली के एम खान अस्पताल में बच्चे की जीभ के बजाए खतना करने का मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। बरेली के डॉ. एम खान अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ (cm yogi) ने मामले का संज्ञान लिया था, औऱ सीएम ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे जिसके बाद ये एक्शन मोड में कार्रवाई की गई।खतना मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने प्रथम दृष्टया अस्पताल (hospital) प्रबंधन को जिम्मेदार माना है।
स्वास्थ्य विभाग (health Department) के अनुसार परिजनों ने बताया कि स्टाफ ने अंग्रेजी में लिखी फाइल पर हस्ताक्षर कराए थे। हस्ताक्षर के दौरान परिजनों ने कहा था कि उन्हें अंग्रेजी समझ में नहीं आती पर डॉक्टर ने कोई खास बात नहीं कहकर हस्ताक्षर करने को कहा था।
मामला सुर्खियों में आने के बाद शनिवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Deputy Chief Minister Brajesh Pathak) ने भी संज्ञान लिया। उन्होंने सीएमओ को कमेटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य महकमे (health department) ने जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया। हालांकि, अभी अभिलेखों की जांच बाकी है। दो दिन में जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने की बात सीएमओ ने कही है। बता दें कि हिंदू संगठनों (Hindu organizations) ने हंगामा काटा, तो पुलिस के साथ आईएमए पदाधिकारी भी पहुंच गए। देर शाम पिता ने बारादरी थाने में तहरीर दी थी। अब कड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. एम खान अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।







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