देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

कैंसर के मामलों में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर

वैश्विक कैंसर डाटा के एक विश्लेषण के अनुसार, भारत में हर पांच में से तीन लोग कैंसर का पता चलने के बाद मर जाते हैं, और पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर इसका "असामान्य रूप से ज्यादा असर" पड़ता है।

एस. के. राणा
March 07 2025 Updated: March 07 2025 08:33
0 170176
कैंसर के मामलों में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर स्तन कैंसर पीड़ित मरीज़ प्रतीकात्मक चित्र

नयी दिल्ली। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अध्ययन में पता चला कि कैंसर के मामलों में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर है और दुनिया में कैंसर से होने वाली 10 फीसदी से ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार है।  अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि आने वाले 20 सालों में भारत में कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ेगी, हर साल मामलों में 2 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। 


भारत में सबसे आम पांच तरह के कैंसर, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करते हैं, कुल कैंसर के 44 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। रिसर्चरों की टीम ने पिछले 20 सालों में भारत में अलग-अलग उम्र और लिंग के लोगों में 36 तरह के कैंसर देखे, जिसके लिए उन्होंने ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (ग्लोबोकैन) 2022 और ग्लोबल हेल्थ ऑब्जर्वेटरी (GHO ) द्वारा जारी आंकड़ों का इस्तेमाल किया। 

भारतीय महिलाओं पर ज्यादा बुरा असर - Indian women are more affected by cancer
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह से महिलाओं पर कैंसर का ज्यादा असर पड़ रहा है। महिलाओं में स्तन कैंसर (breast cancer लगभग 30 फीसदी नए मामलों और 24 फीसदी से ज्यादा संबंधित मौतों के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) है, जो 19 फीसदी से ज्यादा नए मामलों और लगभग 20 फीसदी मौतों के लिए जिम्मेदार है। 


वैश्विक कैंसर डाटा के एक विश्लेषण के अनुसार, भारत में हर पांच में से तीन लोग कैंसर का पता चलने के बाद मर जाते हैं, और पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर इसका "असामान्य रूप से ज्यादा असर" पड़ता है। 'द लैंसेट' पत्रिका (The Lancet' journal) में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में कैंसर के मामलों और मौतों का अनुपात लगभग चार में से एक पाया गया, जबकि चीन में यह दो में से एक था। 


कैंसर (cancer) पर रिसर्च करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी (आईएआरसी) ने अनुमान लगाया है कि 2050 तक भारत में स्तन कैंसर के नए मामलों में 170 प्रतिशत और मौतों में 200 प्रतिशत की वृद्धि होगी, इसलिए जल्दी जांच और पहचान और भी जरूरी हो गई है। 


आईएआरसी के अनुसार, दुनिया भर में 20 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में इस बीमारी का पता चलेगा और अगले 25 सालों में इससे जुड़े मामलों में 38 फीसदी और मौतों में 68 फीसदी वृद्धि होगी. यानी 2050 तक दुनिया भर में सालाना कैंसर के 32 लाख नए मामले आएंगे और इससे 11 लाख मौतें होंगी.

ग्लोबोकैन (Globocan) इस अध्ययन को भारत में कैंसर की मौजूदा और भविष्य की स्थिति का पहला व्यापक मूल्यांकन बताता है, जो विभिन्न आयु समूहों और लिंग असमानताओं पर केंद्रित है। यह दुनिया भर के 185 देशों और क्षेत्रों के लिए गैर-मेलानोमा त्वचा कैंसर सहित 36 तरह के कैंसर पर अपने आंकड़े प्रदान करता है। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

त्योहारों के चलते सरकारी अस्पतालों में पसरा रहा सन्नाटा

त्योहारों के चलते सरकारी अस्पतालों में पसरा रहा सन्नाटा

रंजीव ठाकुर May 03 2022 28578

ईद उल फितर, परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया त्योहारों के चलते राजधानी के सरकारी अस्पतालों में सन्नाटा पस

गर्मी के मौसम में ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए जानिये समर मेकअप टिप्स

गर्मी के मौसम में ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए जानिये समर मेकअप टिप्स

सौंदर्या राय April 08 2022 35904

हर मौसम की तरह गर्मी के मौसम में भी त्वचा की ज़रूरतें बदल जाती हैं। गर्मियों में ब्राइट मेकअप करने से

अनुभवों को सुनें: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव लोहिया संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम

अनुभवों को सुनें: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव लोहिया संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम

हुज़ैफ़ा अबरार October 12 2026 406

मानसिक रोगों को लेकर समाज में मौजूद झिझक और भेदभाव को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने समय पर पहचान उचित

केजीएमयू रैह्पसोडी - 2022 का अंतिम दिन हम साथ साथ हैं और फिर मिलेंगे दुबारा के नाम रहा

केजीएमयू रैह्पसोडी - 2022 का अंतिम दिन हम साथ साथ हैं और फिर मिलेंगे दुबारा के नाम रहा

रंजीव ठाकुर September 25 2022 25520

केजीएमयू के तीन दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम रैह्पसोडी - 2022 के तीसरे व अंतिम दिन भी मेडिकल

कोरोना संक्रमण: ब्रिटेन और फ्रांस की दुर्दशा से लेना होगा सबक

कोरोना संक्रमण: ब्रिटेन और फ्रांस की दुर्दशा से लेना होगा सबक

एस. के. राणा November 14 2021 23802

भारत से संक्रमण गुजर गया और अब तीसरी लहर शायद ही आए। इस लापरवाही भरे आलम में आपको यह जान लेना चाहिए

सुरक्षित जच्चा-बच्चा सरकार की प्राथमिकता, गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं

सुरक्षित जच्चा-बच्चा सरकार की प्राथमिकता, गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं

हुज़ैफ़ा अबरार April 11 2022 123658

सरकार द्वारा पहली बार गर्भवती होने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के

एमपी में दिमागी बुखार  को लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क

एमपी में दिमागी बुखार को लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क

विशेष संवाददाता March 28 2023 33616

भोपाल, इंदौर, विदिशा और रायसेन में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) से बचाव के लिए भी निशुल्क टीका लगाया जा

नीट-पीजी काउंसिलिंग में विलंब के खिलाफ रेजीडेंट डॉक्टरों का प्रदर्शन।

नीट-पीजी काउंसिलिंग में विलंब के खिलाफ रेजीडेंट डॉक्टरों का प्रदर्शन।

एस. के. राणा December 20 2021 26103

केंद्र द्वारा संचालित तीन अस्पतालों और दिल्ली सरकार के कुछ अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने आपातकाल

टीबी से डरना नहीं बल्कि बचना है: डॉ. सूर्यकांत

टीबी से डरना नहीं बल्कि बचना है: डॉ. सूर्यकांत

हुज़ैफ़ा अबरार March 29 2022 50239

डॉ. सूर्यकांत ने ऑटो चालकों को सलाह दी कि ऑटो चलाते समय मास्क (mask) का जरूर इस्तेमाल करें, यह टीबी,

AIIMS में सभी मरीजों को बनवानी होगी ABHA ID, OPD में मिलेगी ये सुविधा

AIIMS में सभी मरीजों को बनवानी होगी ABHA ID, OPD में मिलेगी ये सुविधा

विशेष संवाददाता October 03 2022 34815

इसमें मरीज को खुद ही विभाग, डॉक्टर व अन्य का चयन करना होता है, जिसके आधार पर उसे कमरा नंबर की जानकार

Login Panel