











































स्तन कैंसर पीड़ित मरीज़ प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अध्ययन में पता चला कि कैंसर के मामलों में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर है और दुनिया में कैंसर से होने वाली 10 फीसदी से ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि आने वाले 20 सालों में भारत में कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ेगी, हर साल मामलों में 2 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
भारत में सबसे आम पांच तरह के कैंसर, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करते हैं, कुल कैंसर के 44 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। रिसर्चरों की टीम ने पिछले 20 सालों में भारत में अलग-अलग उम्र और लिंग के लोगों में 36 तरह के कैंसर देखे, जिसके लिए उन्होंने ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (ग्लोबोकैन) 2022 और ग्लोबल हेल्थ ऑब्जर्वेटरी (GHO ) द्वारा जारी आंकड़ों का इस्तेमाल किया।
भारतीय महिलाओं पर ज्यादा बुरा असर - Indian women are more affected by cancer
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह से महिलाओं पर कैंसर का ज्यादा असर पड़ रहा है। महिलाओं में स्तन कैंसर (breast cancer लगभग 30 फीसदी नए मामलों और 24 फीसदी से ज्यादा संबंधित मौतों के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) है, जो 19 फीसदी से ज्यादा नए मामलों और लगभग 20 फीसदी मौतों के लिए जिम्मेदार है।
वैश्विक कैंसर डाटा के एक विश्लेषण के अनुसार, भारत में हर पांच में से तीन लोग कैंसर का पता चलने के बाद मर जाते हैं, और पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर इसका "असामान्य रूप से ज्यादा असर" पड़ता है। 'द लैंसेट' पत्रिका (The Lancet' journal) में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में कैंसर के मामलों और मौतों का अनुपात लगभग चार में से एक पाया गया, जबकि चीन में यह दो में से एक था।
कैंसर (cancer) पर रिसर्च करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी (आईएआरसी) ने अनुमान लगाया है कि 2050 तक भारत में स्तन कैंसर के नए मामलों में 170 प्रतिशत और मौतों में 200 प्रतिशत की वृद्धि होगी, इसलिए जल्दी जांच और पहचान और भी जरूरी हो गई है।
आईएआरसी के अनुसार, दुनिया भर में 20 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में इस बीमारी का पता चलेगा और अगले 25 सालों में इससे जुड़े मामलों में 38 फीसदी और मौतों में 68 फीसदी वृद्धि होगी. यानी 2050 तक दुनिया भर में सालाना कैंसर के 32 लाख नए मामले आएंगे और इससे 11 लाख मौतें होंगी.
ग्लोबोकैन (Globocan) इस अध्ययन को भारत में कैंसर की मौजूदा और भविष्य की स्थिति का पहला व्यापक मूल्यांकन बताता है, जो विभिन्न आयु समूहों और लिंग असमानताओं पर केंद्रित है। यह दुनिया भर के 185 देशों और क्षेत्रों के लिए गैर-मेलानोमा त्वचा कैंसर सहित 36 तरह के कैंसर पर अपने आंकड़े प्रदान करता है।







हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 1239
हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2026 0 1036
हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 525
हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 27 2026 0 469
हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2026 0 371
हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 343
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 35
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9695
एस. के. राणा January 20 2026 0 5915
एस. के. राणा February 01 2026 0 5894
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5565
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5544
एस. के. राणा January 13 2026 0 5110
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87442
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35617
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36092
लेख विभाग March 19 2022 0 35672
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73477
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हो
हांगकांग बुधवार से सीबीडी पर प्रतिबंध लगाएगा, इसे "खतरनाक दवा" के रूप में वर्गीकृत करेगा और इसकी तस्
रुमेटॉयड आर्थराइटिस एक ऑटो-इम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का प्रतिरोधी तंत्र स्वयं की कोशिकाओं को नुकस
मार्च 2020 से दुनिया भर में करीब 50 लाख बच्चों ने कोरोना के कारण माता-पिता या देखभाल करने वाले को खो
नतीजों में देखा गया था कि वोल्बाचिया वाले मच्छरों को छोड़ने से डेंगू के मामलों में 77 प्रतिशत गिरावट
चार अक्टूबर को प्रभावी हुए ब्रिटेन के नए नियमों के अनुसार, कोविशील्ड टीके की दोनों खुराक लगवा चुके भ
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नई रणनीति से सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में सामान्य बीमारी से पीड़ित
अस्पतालों में दिन प्रति दिन लापरवाही बढ़ती जा रही है। स्वास्थ विभाग की टीम बिना लायसेंस के संचालित अ
आयुष्मान कार्ड अभी जिले स्तर पर मंडलीय चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों
लखनऊ में गुरुवार को 310 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। शहर व ग्रामीण क्षेत्र के ज्या

COMMENTS