देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

लेख

मानसिक रोगों की उत्पत्ति के लिए मनुष्य की प्रवृतियां जिम्मेदार

प्राचीन काल में ऋषि-मुनि वर्षों तक ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर चिंतन मनन कर मनुष्यों के कल्याणार्थ उपदेश देते थे। उनके उपदेशों में जीवन के उद्देश्य से लेकर जीवन से सम्बंधित समस्याओं के निवारण के सूत्र समाहित होते थे।

0 97128
मानसिक रोगों की उत्पत्ति के लिए मनुष्य की प्रवृतियां जिम्मेदार प्रतीकात्मक चित्र

कुछ वर्षों पहले तक शारीरिक रोगों की शिक्षा ग्रहण करने में चिकित्सकों का ध्यान अधिक था जबकि वर्तमान में स्थिति बदल रही है। शारीरिक रोगों के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य संबधित बीमारियों से मनुष्य पीड़ित दिख रहा हैं। जैसे जैसे मनुष्य आर्थिक रूप से सबल और सक्षम होता जा रहा हैं। उसके मानसिक रोग बढ़ते जा रहे है।

 

प्राचीन काल में ऋषि-मुनि वर्षों तक ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर चिंतन मनन कर मनुष्यों के कल्याणार्थ उपदेश देते थे। उनके उपदेशों में जीवन के उद्देश्य से लेकर जीवन से सम्बंधित समस्याओं के निवारण के सूत्र समाहित होते थे। वेदों (Vedas) में अनेक मन्त्र मनोरोग (psychiatric diseases) की चिकित्सा अंग्रेजी में कहावत Prevention is better than cure अर्थात -‘रोकथाम इलाज से बेहतर है’के सिद्धांत का पालन करते हुए करते हैं। 

 

मानसिक रोगों की उत्पत्ति में मनुष्य की प्रवृतियां जैसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या-द्वेष, अहंकार आदि का प्रमुख योगदान हैं। प्रारम्भ में आंशिक रूप से उत्पन्न हुई प्रवृतियां कालांतर में मनुष्यों को मानसिक रोगों की ओर धकेल देती हैं। वेदों की उदात्त भावनाएं और सूक्षम सन्देश मनुष्य के चिंतन पर सकारात्मक प्रभाव डाल कर उसकी इन रोगों से कुशल रक्षा करते हैं।

 

इन संदेशों पर आचरण करने वाला इन रोगों से कभी ग्रसित नहीं होता। इस लेख में कुछ उदहारण के माध्यम से समझते हैं।

 

 ईर्ष्या त्याग - Abandoning Jealousy

अथर्ववेद (Atharvaveda) 6/18/1-3 मन्त्रों  में आया है कि मनुष्यों दूसरों की उन्नति देखकर कभी ईर्ष्या न करे। जैसे भूमि ऊसर हो जाने से उपजाऊ नहीं रहती और जैसे मृतक प्राणी का मन कुछ नहीं कर सकता, वैसे ही ईर्ष्या करने वाला जल-भुनकर ईर्ष्या हीन हो जाता हैं।  ईर्ष्या-द्वेष न करे अपितु पुरुषार्थ से उन्नति करे। ईर्ष्यालु व्यक्ति मनरोगों का घर होता है।

 

दुर्व्यसन त्याग - Quit Addiction

अथर्ववेद 8/4/22 मन्त्र में पशुओं के व्यवहार के उदाहरण देकर दुर्व्यसन के त्याग की प्रेरणा दी गई है। मनुष्यों को उल्लू के समान अन्धकार में रहने वाला नहीं होना चाहिए, कुत्ते के समान क्रोधी और सजातीय से जलने वाला नहीं होना चाहिए, हंस के समान कामी नहीं होना चाहिए, गरुड़ के समान घमण्डी नहीं होना चाहिए, गिद्ध के समान लालची नहीं होना चाहिए। दुर्व्यसन मनोरोग की नींव हैं।

 

ईर्ष्या की औषधि - Heartburn Potion

अथर्ववेद 7/45/1-2 मन्त्र में ईर्ष्या की औषधि का वर्णन है। जिस प्रकार से वन में लगी आग पहले वन को ही नष्ट कर देती है। उसी प्रकार ईर्ष्या रूपी अग्नि मनुष्य को अंदर से भस्म कर देती हैं। जिस प्रकार से वर्षा रूपी जल वन की अग्नि को समाप्त कर देता है उसी प्रकार से विवेकरूपी जल ईर्ष्या को समाप्त कर देता हैं। यह विवेक रूपी जल है सज्जनों का संग। सज्जनों की संगती से सदविचारों का ग्रहण होता है। जिससे मनुष्य विचारों में निष्पक्षता और सत्यता ग्रहण कर ईर्ष्या रूपी व्याधि से अपनी रक्षा कर पता हैं।

 

मधुर वाणी बोलें - Speak melodiously

अथर्ववेद 12/1/48 में आया है कि हम सदा मधुर वाणी बोलें, सत्य, प्रिय एवं हितकर वाणी बोलें।  सभी के लिए प्रेमपूर्वक व्यवहार करे। वैर, विरोध, ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध अदि भावनाओं को मार भगाये। दृढ़ संकल्प लिया हुआ व्यक्ति कभी मनोरोगी नहीं होगा। पहाड़ के समान दुःख को भी वह झेल जायेगा।

 

 श्रेष्ठ धन - Best Money

ऋग्वेद 2/21/6 में सन्देश आया है कि हे ईश्वर हमें श्रेष्ठ धन दीजिये। यह श्रेष्ठ धन क्या है? यह श्रेष्ठ है ईमानदारी का धन। यह धन सदा सुख देता है। धन की तीन ही गति है। दान, भोग और नाश। वेद विरुद्ध माध्यमों से प्राप्त धन व्यक्ति का नाश कर देता है। भ्रष्टाचार से प्राप्त धन स्वयं व्यक्ति और उसकी संतान का नाश कर देता हैं और मानसिक रोगों की उत्पत्ति का प्रमुख कारण हैं। अपने किये गए पाप कर्मों के फलों से ग्रसित होकर व्यक्ति मनोरोगी बन जाता हैं। 

 

त्याग की भावना - Sense of Sacrifice

यजुर्वेद 40/1 का प्रसिद्द मन्त्र ‘ई॒शा वा॒स्यमि॒दं’  का सन्देश है कि हे मनुष्य जगत का रचियता और स्वामी ईश्वर सब ओर विद्यमान है और तुम त्याग की भावना से इस संसार के पदार्थों का भोग कर। इस भावना से प्रकाशित व्यक्ति कभी अवसाद आदि मनोरोग से ग्रसित नहीं होता।

आत्मा को बल देने वाला - Spirit Booster

यजुर्वेद (Yajurveda) 25/13 मन्त्र में आया है कि ईश्वर आत्मज्ञान का दाता, शरीर, आत्मा और समाज के बल का देनेहारा हैं। आस्तिक व्यक्ति ईश्वर विश्वास के बल पर श्रेष्ठ कार्य करते हुए संध्या उपासना रूपी भक्ति द्वारा अपनी आत्मा को बलवती करते हुए संसार में सुख  होता हैं। यही ईश्वर विश्वास मनुष्यों को अवसाद आदि मनोरोग से बचाता हैं।

 

यजुर्वेद - Yajurveda

यजुर्वेद 34/1-6 मन्त्रों को शिवसंकल्प (Shiva Sankalpa) मन्त्रों का सूक्त (Sukta) कहा जाता है। इन मन्त्रों में मनुष्य ईश्वर से प्रार्थना करता है कि हे ईश्वर हमारा मन नित्य शुभ संकल्प वाला हो। सोते-जागते यह सदा शुभ संकल्प वाला हो। अशुभ व्यवहार को छोड़ शुभ व्यवहार में हमारा मन प्रवृत्त हो।

इस लेख में वेदों के कुछ मन्त्रों के उदहारण मैंने दिए हैं। वेदों में कई सौ मन्त्रों में मनुष्यों के कल्याणार्थ मानसिक रोगों से निवृति करने का उपदेश दिया गया हैं। जिन पर आचरण करने से मनुष्य समाज के मानसिक स्वस्थ्य की रक्षा की जा सकती हैं। वेद वाणी सभी का कल्याण करे।

 

लेखक – डॉ विवेक आर्य, शिशु रोग विशेषज्ञ, दिल्ली

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

उपचार का खर्च कम कर सकती हैं जेनरिक दवाएं

उपचार का खर्च कम कर सकती हैं जेनरिक दवाएं

विशेष संवाददाता November 12 2022 31824

जेनेरिक दवाओं के एक ओमनी-चैनल रिटेलर मेडकार्ट के अनुमान से पता चलता है कि इंसुलिन के बिना, घर में ए

जेसीबी से कटकर अलग हुई व्यक्ति की कलाई, केजीएमयू के डॉक्टरों ने जोड़ी

जेसीबी से कटकर अलग हुई व्यक्ति की कलाई, केजीएमयू के डॉक्टरों ने जोड़ी

आरती तिवारी August 04 2023 31362

कि किंग जॉर्ज चिकित्साज विश्व(विद्यालय अस्पताल के प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव विभाग ने हाथ से पूरी

लोहिया संस्थान में एंड्रोलॉजी क्लीनिक की शुरुआत, पौरुष सम्बंधित बीमारियों का होगा इलाज

लोहिया संस्थान में एंड्रोलॉजी क्लीनिक की शुरुआत, पौरुष सम्बंधित बीमारियों का होगा इलाज

हुज़ैफ़ा अबरार April 08 2022 38843

इसमें पौरुष सम्बंधित बीमारियों का इलाज होगा। एंड्रोलॉजी क्लीनिक प्रत्येक गुरुवार को हॉस्पिटल ब्लॉक क

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: ANM भर्ती परीक्षा डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन प्रक्रिया शुरु

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: ANM भर्ती परीक्षा डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन प्रक्रिया शुरु

हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2021 29068

अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है, जोकि 18 अक्टूबर तक जारी रहेगी।

यूपी के नौ जिलों में लगेगी सीटी स्कैन यूनिट

यूपी के नौ जिलों में लगेगी सीटी स्कैन यूनिट

आरती तिवारी May 24 2023 33961

यूपी के नौ और जिलों में सिटी स्कैन यूनिट लगेगी। जिससे हर जिले में मरीजों को निशुल्क सिटी स्कैन की सु

यूपी में 52 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को मिलेगी नौकरी, योग्यता और पारिश्रमिक पर मंथन जारी

यूपी में 52 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को मिलेगी नौकरी, योग्यता और पारिश्रमिक पर मंथन जारी

रंजीव ठाकुर September 07 2022 29387

उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने लगभग 52 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के रिक्त पड़े

सेहत से जुड़ा होता है किताब का कनेक्शन, रोज पढ़ें

सेहत से जुड़ा होता है किताब का कनेक्शन, रोज पढ़ें

लेख विभाग January 21 2023 29263

किताब पढ़ना भी एक व्यायाम है जो आपके दिमाग को फिट रखने में मदद करता है। किताबें पढ़ना, धीरे-धीरे डिम

पोस्ट कोविड लंग फाइब्रोसिस मरीज का हुआ डबल लंग ट्रांसप्लांट।

पोस्ट कोविड लंग फाइब्रोसिस मरीज का हुआ डबल लंग ट्रांसप्लांट।

हुज़ैफ़ा अबरार December 13 2020 22829

मरीज को सफलतापूर्वक हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट इंस्टीट्यूट, केआईएमएस, हैदराबाद में स्थानांतरित कर दिय

कैंसर और हार्ट के मरीजों के लिए अच्छी खबर, अब मरीजों के लिए भी आएगी वैक्सीन!

कैंसर और हार्ट के मरीजों के लिए अच्छी खबर, अब मरीजों के लिए भी आएगी वैक्सीन!

एस. के. राणा April 09 2023 21893

अमेरिकी एक्सपर्ट्स कोविड वैक्सीन के बाद अब कई प्रकार के ट्यूमर वाले कैंसर को खत्म करने वाली वैक्सीन

जनसंख्या नियंत्रण अभियान को पलीता लगा रहा हैं नेहरू नगर सी.एच.सी.।

जनसंख्या नियंत्रण अभियान को पलीता लगा रहा हैं नेहरू नगर सी.एच.सी.।

हे.जा.स. February 12 2021 25280

अस्पताल के समीप मेडिकल अवशेष के साथ दवा भी जल रही थी। नजदीक जाकर देखने वालों ने बताया कि मौके से कई

Login Panel