देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

लेख

मानसिक रोगों की उत्पत्ति के लिए मनुष्य की प्रवृतियां जिम्मेदार

प्राचीन काल में ऋषि-मुनि वर्षों तक ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर चिंतन मनन कर मनुष्यों के कल्याणार्थ उपदेश देते थे। उनके उपदेशों में जीवन के उद्देश्य से लेकर जीवन से सम्बंधित समस्याओं के निवारण के सूत्र समाहित होते थे।

0 96771
मानसिक रोगों की उत्पत्ति के लिए मनुष्य की प्रवृतियां जिम्मेदार प्रतीकात्मक चित्र

कुछ वर्षों पहले तक शारीरिक रोगों की शिक्षा ग्रहण करने में चिकित्सकों का ध्यान अधिक था जबकि वर्तमान में स्थिति बदल रही है। शारीरिक रोगों के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य संबधित बीमारियों से मनुष्य पीड़ित दिख रहा हैं। जैसे जैसे मनुष्य आर्थिक रूप से सबल और सक्षम होता जा रहा हैं। उसके मानसिक रोग बढ़ते जा रहे है।

 

प्राचीन काल में ऋषि-मुनि वर्षों तक ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर चिंतन मनन कर मनुष्यों के कल्याणार्थ उपदेश देते थे। उनके उपदेशों में जीवन के उद्देश्य से लेकर जीवन से सम्बंधित समस्याओं के निवारण के सूत्र समाहित होते थे। वेदों (Vedas) में अनेक मन्त्र मनोरोग (psychiatric diseases) की चिकित्सा अंग्रेजी में कहावत Prevention is better than cure अर्थात -‘रोकथाम इलाज से बेहतर है’के सिद्धांत का पालन करते हुए करते हैं। 

 

मानसिक रोगों की उत्पत्ति में मनुष्य की प्रवृतियां जैसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या-द्वेष, अहंकार आदि का प्रमुख योगदान हैं। प्रारम्भ में आंशिक रूप से उत्पन्न हुई प्रवृतियां कालांतर में मनुष्यों को मानसिक रोगों की ओर धकेल देती हैं। वेदों की उदात्त भावनाएं और सूक्षम सन्देश मनुष्य के चिंतन पर सकारात्मक प्रभाव डाल कर उसकी इन रोगों से कुशल रक्षा करते हैं।

 

इन संदेशों पर आचरण करने वाला इन रोगों से कभी ग्रसित नहीं होता। इस लेख में कुछ उदहारण के माध्यम से समझते हैं।

 

 ईर्ष्या त्याग - Abandoning Jealousy

अथर्ववेद (Atharvaveda) 6/18/1-3 मन्त्रों  में आया है कि मनुष्यों दूसरों की उन्नति देखकर कभी ईर्ष्या न करे। जैसे भूमि ऊसर हो जाने से उपजाऊ नहीं रहती और जैसे मृतक प्राणी का मन कुछ नहीं कर सकता, वैसे ही ईर्ष्या करने वाला जल-भुनकर ईर्ष्या हीन हो जाता हैं।  ईर्ष्या-द्वेष न करे अपितु पुरुषार्थ से उन्नति करे। ईर्ष्यालु व्यक्ति मनरोगों का घर होता है।

 

दुर्व्यसन त्याग - Quit Addiction

अथर्ववेद 8/4/22 मन्त्र में पशुओं के व्यवहार के उदाहरण देकर दुर्व्यसन के त्याग की प्रेरणा दी गई है। मनुष्यों को उल्लू के समान अन्धकार में रहने वाला नहीं होना चाहिए, कुत्ते के समान क्रोधी और सजातीय से जलने वाला नहीं होना चाहिए, हंस के समान कामी नहीं होना चाहिए, गरुड़ के समान घमण्डी नहीं होना चाहिए, गिद्ध के समान लालची नहीं होना चाहिए। दुर्व्यसन मनोरोग की नींव हैं।

 

ईर्ष्या की औषधि - Heartburn Potion

अथर्ववेद 7/45/1-2 मन्त्र में ईर्ष्या की औषधि का वर्णन है। जिस प्रकार से वन में लगी आग पहले वन को ही नष्ट कर देती है। उसी प्रकार ईर्ष्या रूपी अग्नि मनुष्य को अंदर से भस्म कर देती हैं। जिस प्रकार से वर्षा रूपी जल वन की अग्नि को समाप्त कर देता है उसी प्रकार से विवेकरूपी जल ईर्ष्या को समाप्त कर देता हैं। यह विवेक रूपी जल है सज्जनों का संग। सज्जनों की संगती से सदविचारों का ग्रहण होता है। जिससे मनुष्य विचारों में निष्पक्षता और सत्यता ग्रहण कर ईर्ष्या रूपी व्याधि से अपनी रक्षा कर पता हैं।

 

मधुर वाणी बोलें - Speak melodiously

अथर्ववेद 12/1/48 में आया है कि हम सदा मधुर वाणी बोलें, सत्य, प्रिय एवं हितकर वाणी बोलें।  सभी के लिए प्रेमपूर्वक व्यवहार करे। वैर, विरोध, ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध अदि भावनाओं को मार भगाये। दृढ़ संकल्प लिया हुआ व्यक्ति कभी मनोरोगी नहीं होगा। पहाड़ के समान दुःख को भी वह झेल जायेगा।

 

 श्रेष्ठ धन - Best Money

ऋग्वेद 2/21/6 में सन्देश आया है कि हे ईश्वर हमें श्रेष्ठ धन दीजिये। यह श्रेष्ठ धन क्या है? यह श्रेष्ठ है ईमानदारी का धन। यह धन सदा सुख देता है। धन की तीन ही गति है। दान, भोग और नाश। वेद विरुद्ध माध्यमों से प्राप्त धन व्यक्ति का नाश कर देता है। भ्रष्टाचार से प्राप्त धन स्वयं व्यक्ति और उसकी संतान का नाश कर देता हैं और मानसिक रोगों की उत्पत्ति का प्रमुख कारण हैं। अपने किये गए पाप कर्मों के फलों से ग्रसित होकर व्यक्ति मनोरोगी बन जाता हैं। 

 

त्याग की भावना - Sense of Sacrifice

यजुर्वेद 40/1 का प्रसिद्द मन्त्र ‘ई॒शा वा॒स्यमि॒दं’  का सन्देश है कि हे मनुष्य जगत का रचियता और स्वामी ईश्वर सब ओर विद्यमान है और तुम त्याग की भावना से इस संसार के पदार्थों का भोग कर। इस भावना से प्रकाशित व्यक्ति कभी अवसाद आदि मनोरोग से ग्रसित नहीं होता।

आत्मा को बल देने वाला - Spirit Booster

यजुर्वेद (Yajurveda) 25/13 मन्त्र में आया है कि ईश्वर आत्मज्ञान का दाता, शरीर, आत्मा और समाज के बल का देनेहारा हैं। आस्तिक व्यक्ति ईश्वर विश्वास के बल पर श्रेष्ठ कार्य करते हुए संध्या उपासना रूपी भक्ति द्वारा अपनी आत्मा को बलवती करते हुए संसार में सुख  होता हैं। यही ईश्वर विश्वास मनुष्यों को अवसाद आदि मनोरोग से बचाता हैं।

 

यजुर्वेद - Yajurveda

यजुर्वेद 34/1-6 मन्त्रों को शिवसंकल्प (Shiva Sankalpa) मन्त्रों का सूक्त (Sukta) कहा जाता है। इन मन्त्रों में मनुष्य ईश्वर से प्रार्थना करता है कि हे ईश्वर हमारा मन नित्य शुभ संकल्प वाला हो। सोते-जागते यह सदा शुभ संकल्प वाला हो। अशुभ व्यवहार को छोड़ शुभ व्यवहार में हमारा मन प्रवृत्त हो।

इस लेख में वेदों के कुछ मन्त्रों के उदहारण मैंने दिए हैं। वेदों में कई सौ मन्त्रों में मनुष्यों के कल्याणार्थ मानसिक रोगों से निवृति करने का उपदेश दिया गया हैं। जिन पर आचरण करने से मनुष्य समाज के मानसिक स्वस्थ्य की रक्षा की जा सकती हैं। वेद वाणी सभी का कल्याण करे।

 

लेखक – डॉ विवेक आर्य, शिशु रोग विशेषज्ञ, दिल्ली

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया बाराबंकी जिला अस्पताल का निरीक्षण

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया बाराबंकी जिला अस्पताल का निरीक्षण

आरती तिवारी October 29 2022 29433

यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किय

बैक्टीरियल वेजिनोसिस: महिलाओं का गुप्त रोग, समझने की ज़रुरत

बैक्टीरियल वेजिनोसिस: महिलाओं का गुप्त रोग, समझने की ज़रुरत

लेख विभाग July 26 2022 36011

बैक्टीरियल वेजिनोसिस के होने से एचआईवी या एड्स सहित कई अन्य यौन संक्रमित संक्रमणों से संक्रमण का खतर

सहारा हॉस्पिटल ने स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

सहारा हॉस्पिटल ने स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

हुज़ैफ़ा अबरार October 03 2022 44410

सहारा हास्पिटल की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस शिविर के साथ रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक

कोरोना संक्रमण: 40 हजार से ऊपर नए मामले दर्ज।

कोरोना संक्रमण: 40 हजार से ऊपर नए मामले दर्ज।

एस. के. राणा September 05 2021 35417

देशभर में पिछले 24 घंटों में 308 लोगों की कोविड की वजह से मौत भी हुई है। अब तक देशभर में कुल 4,40,53

महामारियों में प्रभावी कदम उठाने के लिए अमेरिका, भारत को 12.2 करोड़ डॉलर का वित्तीय मदद देगा 

महामारियों में प्रभावी कदम उठाने के लिए अमेरिका, भारत को 12.2 करोड़ डॉलर का वित्तीय मदद देगा 

एस. के. राणा June 16 2022 23722

अमेरिका ने कहा कि 12,24,75,000 डॉलर की कुल धनराशि, तीन शीर्ष भारतीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थानों- भा

डेंगू के कहर को देखते हुए मंडलायुक्त ने किया मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण

डेंगू के कहर को देखते हुए मंडलायुक्त ने किया मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण

श्वेता सिंह November 05 2022 25261

मंडलायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू, मलेरिया के जो मरीज हैं इनके लिए एक वार्ड अलग बना लिया ज

प्रदेश में इन्फ्लूएंजा से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

प्रदेश में इन्फ्लूएंजा से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

आरती तिवारी March 11 2023 27559

सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सक अधीक्षक आरपी सिंह ने इन्फ्लूएंजा वायरस बचाव और रोकथाम को लेकर बताया

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर सील हुए दो अस्पताल

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर सील हुए दो अस्पताल

आरती तिवारी April 13 2023 29240

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि जनपद अमरोहा के गजरौला स्थित हसन नर्सिंग होम और धनौरा में अपोलो ह

सेल्फ डिफेंस महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाता है: आनन्द किशोर पाण्डेय

सेल्फ डिफेंस महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाता है: आनन्द किशोर पाण्डेय

रंजीव ठाकुर September 01 2022 26321

महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देना आज के समय की जरु

गुजरात में मिला कोरोना का कप्पा वेरियंट।

गुजरात में मिला कोरोना का कप्पा वेरियंट।

हे.जा.स. July 27 2021 18319

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कप्पा घातक साबित नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव

Login Panel