











































कपूर के फायदे
कपूर एक प्राकृतिक उपचार है जो स्किन की सुरक्षा में मदद कर सकता है। यह एक सुंदर त्वचा के लिए एक प्राकृतिक उपाय हो सकता है, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखता है। यहाँ कुछ तरीके हैं जो आपको कपूर से स्किन की सुरक्षा करने में मदद कर सकते हैं:
1. कपूर के तेल का उपयोग करें: Use camphor oil
कपूर के तेल में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्किन इंफेक्शन के खतरे को कम करते हैं। आप इसे स्किन पर लगाकर त्वचा को सुरक्षित रख सकते हैं।
2. कपूर और दूध का मिश्रण: Mixture of camphor and milk
कपूर और दूध का मिश्रण त्वचा को सॉफ्ट और चमकदार बनाता है। आप इसे रोज स्नान के बाद इस्तेमाल कर सकते हैं।
3. कपूर और नींबू का मिश्रण: Mixture of camphor and lemon
कपूर और नींबू का मिश्रण त्वचा को स्वस्थ और सुरक्षित रखता है। आप इसे रोज इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. कपूर का धुंआ: Camphor smoke
कपूर के धुंए का इस्तेमाल त्वचा को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में मदद करता है। आप इसे सक्रिय धुंए के रूप में।
किसी को कहीं पर भी चोट लग जाए या कट जाए तो आप कपूर का इस्तेमाल कर सकते हैं। कपूर किसी भी गहरे घाव को तुरंत ठीक कर देता है। कपूर को पानी में मिलाकर लगाने से तुरंत राहत मिलती है और घाव हो गया दर्द तुरंत ठीक हो जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कपूर एक एंटीबायोटिक पदार्थ है।







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
खुशहाल परिवार दिवस के जरिये समुदाय तक पहुँचीं परिवार नियोजन की सेवाएं, हर माह 21 तारीख को स्वास्थ्य
गाज़ियाबाद की 8वीं बटालियन एनडीआरएफ आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 165 एनडीआरफ जवानों ने रक्तदान किया।
अभियान के तहत आईएफए कवरेज (आयरन की गोलियां वितरण) के आधार पर जारी हुए आंकड़ों में चालू वित्त वर्ष 20
वायरल इंफेक्शन के बाद अक्सर लोगों को सूखी खांसी (dry cough after viral infection) की समस्या हो जाती
इन पाठ्यक्रमों को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत संचालित किया जाएगा।जिनकी अवधि पूरी होने पर छात्र हेल्थ
लोकबंधु अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी का स्थानांतरण रद्द होते ही विकास कार्यों न
कोंडागांव जिला अस्पताल में नक्सल प्रभावित कुधूर गांव की गुमियापाल निवासी 20 वर्षीय पार्वती नाग के पे
सरकार कालाजार उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित है और कालाजार से प्रभावित सभी क्षेत्रों में रणनीति बनाकर
कार्यक्रम में रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के रोगियों व तीमारदारों को अच्छे स्वास्थ्य के बारे में विस्ता
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बीते चौबीस घंटे में कोरोना वायरस के 40,953 नए केस सामने आए

COMMENTS