












































प्रतीकात्मक
लखनऊ। बदलते मौसम के कारण जगह-जगह जल जमाव होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है । ऐसे में घर के आस-पास एवं घर के अन्दर मच्छरों के पनपने के स्थान यथा घरों के आस-पास होने वाले जल जमाव, गमले एवं पशु-पक्षियों के पानी पीने के पात्र एवं घरों की छतों पर रखी अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण किया जाना अति आवश्यक है | यह बातें जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) डी. एन. शुक्ला ने कहीं ।
डीएमओ ने जनसमुदाय से अपील किया कि मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें एवं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें | बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केन्द्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएँ | सभी सरकारी स्वाथ्य सुविधाओं पर जांच एवं उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है । इसलिए स्वयं से कोई दवा लेकर न सेवन करें |
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मादा मच्छर स्थिर पानी में अंडे देती है, इसलिए वर्षा के दिनों में जगह-जगह पानी भरने के कारण मच्छरों की संख्या बढ जाती है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि बीमारियों के प्रसार की संभावना बढ जाती है। इसीलिए मलेरिया रोधी माह जून के दौरान स्वास्थ्य विभाग व फेमिली हेल्थ इण्डिया की एम्बेड टीम के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं द्वारा नगरीय क्षत्रों में चयनित 100 संवेदनशील बस्तियों में कोविड-19 महामारी के साथ मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए व्यापक प्रचार - प्रसार एवं मच्छर पनपने वाली चीजों जैसे टूटे गमले, टायर,कंटेनर, टंकी व अन्य अनुपयोगी चीजों आदि को हटाने की कार्यवाही कोरोना से बचाव के प्रोटोकॉल के पालन के साथ कराई जा रही है ।

फेमिली हेल्थ इण्डिया द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति के समन्वय से संचालित एम्बेड परियोजना के समन्वयक धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि डेंगू , मलेरिया से सुरक्षा व सावधानियों के प्रसार पर जोर दिया जा रहा है | क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत एक ओर जहां बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन फेसिलिटेटर (बी0सी0सी0एफ0) द्वारा अतिसंवेदनशील बस्तियो में घर-घर भ्रमण कर मच्छर व डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, जल भराव को रोकने, पानी के बर्तन, कूलर, टंकी, ड्रम आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करने, घरों से टायर, टूटे, खिलौने /कबाड़ हटाने तथा सफाई रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर आशा एवं ए0एन0एम0 को ई-माड्यूल के माध्यम से प्रशिक्षित कर आम जन के व्यवहार परिवर्तन कराने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं ।







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