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नयी दिल्ली। सर्दियों में उत्तर प्रदेश गाजियाबाद और नोएडा समेत देश के 73% शहरों की हवा मानक से प्रदूषित रही। अधिकतर शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर रहा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की ‘विंटर एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्नैपशॉट फॉर इंडिया’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
10 सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली एनसीआर के चार - Four of Delhi NCR's cities among the 10 most polluted cities
रिपोर्ट देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में हाजीपुर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, पटना, आसनसोल, दुर्गापुर और चरखी दादरी शामिल थे। राजस्थान के 34, बिहार के 24 और पश्चिम बंगाल के 7 शहरों में पीएम 2.5 का स्तर मानकों से अधिक था। इन राज्यों में एक भी शहर स्वच्छ वायु गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। महाराष्ट्र (Maharashtra) के 31 में से 30, ओडिशा के 16 में से 15 और उत्तर प्रदेश के 20 में से 15 शहरों की वायु गुणवत्ता राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के लगभग 73 फीसदी शहरों में पीएम 2.5 का स्तर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों से अधिक था। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के मानकों के अनुसार इस दौरान देश का कोई भी शहर स्वच्छ वायु गुणवत्ता की श्रेणी में नहीं था।
यह इंगित करता है कि ठंड के मौसम में भारत के अधिकतर शहरों की वायु गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थी। सीआरईए (CREA) ने 238 शहरों की वायु गुणवत्ता के आंकड़ों का अध्ययन किया, जिसमें पता चला कि 1 अक्तूबर 2024 से 28 फरवरी 2025 के बीच 173 शहरों में पीएम 2.5 का स्तर राष्ट्रीय मानकों से अधिक था।
जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु प्रभावी कदम जरूरी - Effective steps needed to protect public health
जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु शोधकर्ताओं ने सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई है। सरकारों को इस दिशा में गंभीरता से प्रयास होगा।







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