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लखनऊ। सहारा अस्पताल के गुणवत्ता विभाग में "औषधि सुरक्षा" पर गत दिवस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अनिल विक्रम सिंह, वरिष्ठ सलाहकार - सहारा इंडिया परिवार तथा डॉ. मजहर हुसैन, निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य) ने संयुक्त रूप से किया।
गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों के दिये गये स्वागत भाषण में डॉ. आभा टंडन, प्रमुख - गुणवत्ता विभाग ने कहा कि असुरक्षित दवा पद्धतियां (unsafe drug practices) और दवा देने की प्रक्रिया में होने वाली त्रुटियां दुनिया भर में स्वास्थ्य (health) की देखभाल में टालने योग्य नुकसान का एक प्रमुख कारण हैं, इसलिए किसी भी स्वास्थ्य संस्थान (health institution) में दवा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
डॉ. मजहर हुसैन, निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य) ने भी दवा सुरक्षा को ध्यान रखने पर जोर दिया और कहा कि मरीज (patient) को दवा सही और समुचित मात्रा में देना किसी भी संस्था की प्राथमिकता में होनी चाहिए।
कार्यक्रम के संकाय सदस्यों में डॉक्टर रोमिल सेठ-( चिकित्सा अधीक्षक) डॉ. अहमद इमरान हनफी कंसलटेंट (इंटरनल मेडिसिन विभाग) प्रोफेसर रॉसली निर्मल प्राचार्य- सहारा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज (Sahara College of Nursing and Paramedical Sciences) और डॉ. आभा टंडन, प्रमुख गुणवत्ता विभाग थीं।
डॉक्टर रोमिल सेठ ने अस्पताल के फार्मूलरी के विकास और कार्यान्वयन की प्रक्रिया और मादक दवाओं (narcotic drugs), कीमोथेराप्यूटिक एजेंटों (chemotherapeutic agents), चिकित्सीय वस्तुओं की आपूर्ति के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया।
डॉक्टर अहमद इमरान हनफी ने सही दवा (proper drug) देने की प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया। प्रोफेसर रॉसली निर्मल ने दवाओं के सुरक्षित भंडारण वितरण और प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया और डॉ. आभा टंडन ने अस्पताल में एक सुरक्षित दवा देने की प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं और अस्पताल में फार्माकोविजिलेंस (pharmacovigilance) के बारे में कार्यक्रम में विस्तार से चर्चा की।
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लखनऊ के विभिन्न संस्थानों से कुल 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमें प्रतिभागियों को सहारा हॉस्पिटल के विभिन्न संकायों द्वारा विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गयी ।कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सहारा हॉस्पिटल के मैनेजमेंट द्वारा उन्हें व कार्यक्रम के संकाय सदस्यों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। समस्त प्रतिभागी प्रशिक्षुकों ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे काफी ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम में सहारा हॉस्पिटल (Sahara Hospital) के हास्पिटल प्रशासनिक अधिकारी सुब्रोतो चटर्जीजी भी उपस्थित थे।







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