











































प्रतीकात्मक
जयपुर/गोरखपुर। राजनीति जो न कराए, कम है। इस राजनीति का जहर इतना फैल गया है कि अब लेडी डाक्टर तक डिप्रेशन में जाकर आत्महत्या (suicide) कर रही हैं। आज का मामला राजस्थान के दौसा जिले का है जहां डा. अर्चना शर्मा ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। वह डिप्रेशन में थी और कांग्रेस नेताओं के उकसावे पर पीड़ित पक्ष द्वारा प्रताड़ित किये जाने पर तथा पूरे अस्पताल पर धारा 302 लगाने से बेहद ही आहत थी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, गोरखपुर (IMA Gorakhpur) के अध्यक्ष डा. शिव शंकर शाही ने इस घटना पर

तीव्र नाराजगी जताई है और कहा है कि राजस्थान में तो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के अनुसार, अगर अस्पताल में मौत हुई है तो इलाज में लापरवाही की धारा 304 लगाकर और कमेटी बनाकर जांच कर सकते हैं। यहां तो उस अस्पताल के सभी चिकित्सकों पर ही धारा 302 लगा कर नया कानून लिखने की कोशिश हो रही है। आईएमए इस घटना की पुरजोर निंदा करती है। इस संबंध में जल्द ही एक आपातकालीन बैठक कर दो मिनट का शोक रखा जाएगा और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस बीच राजस्थान में आज डाक्टरों ने हड़ताल किया। दिल्ली में भी डाक्टरों ने काली पट्टी बांध कर अपने रोष का इजहार किया।
मामला क्या है
दौसा अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने बताया कि 22 साल की महिला आशा प्रसव के लिए अस्पताल आई थी। उसकी हालत पहले से ही बहुत ज्यादा खराब थी। उसे लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। अंततः उसे काफी प्रयास करने के बावजूद बचाया नहीं जा सका। स्थानीय कांग्रेस नेताओं की वजह से डॉक्टर अर्चना शर्मा पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया था, जबकि उनकी कोई गलती थी नहीं। ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो चुकी थी। डा. अर्चना ने पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। डा. अर्चना लगातार अस्पताल के बाहर प्रसूता और नेताओं के धरने से भी परेशान थी। उन्होंने इस संबंध में कई बार पुलिस से कहा मगर पुलिस उल्टे उन्हीं को परेशान कर रही थी। इससे आजिज आकर उन्होंने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी के पूर्व उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिख छोड़ा है।
सुसाइड नोट में लिखा- डॉक्टरों को प्रताड़ित करना बंद करो

(लेडी डॉक्टर की फाइल फोटो)
दौसा जिले के लालसोट में लेडी डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस में सुसाइड नोट भी सामने आया है। इस सुसाइड नोट में घटना से पहले डॉक्टर अर्चना शर्मा ने लिखा, 'मैंने कोई गलती नहीं की है, किसी को नहीं मारा। मैं क्यों मारूंगी किसी को। पीपीएच एक कॉम्प्लिकेशन है। इसके लिए डॉक्टरों को प्रताड़ित करना बंद करो। प्लीज मेरे बच्चे को मां की कमी महसूस नहीं होने देना।
मुख्यमंत्री बोले- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दौसा में डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या की घटना बेहद दुखद है। हम सभी डॉक्टरों को भगवान का दर्जा देते हैं। हर डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करता है परन्तु कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना होते ही डॉक्टर पर आरोप लगाना न्यायोचित नहीं है। अगर इस तरह डॉक्टरों को डराया जाएगा तो वे निश्चिन्त होकर अपना काम कैसे कर पाएंगे। हम सभी को सोचना चाहिए है कि कोविड महामारी या अन्य दूसरी बीमारियों के समय अपनी जान का खतरा मोल लेकर सभी के सेवा करने वाले डॉक्टरों से ऐसा बर्ताव कैसे किया जा सकता है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3059
एस. के. राणा January 20 2026 0 2681
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2618
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2513
एस. के. राणा February 01 2026 0 2149
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106725
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97047
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109253
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109431
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
विश्व स्वास्थ्य संगठन में पोषण और खाद्य सुरक्षा विभाग में निदेशक ने कहा कि फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थ बन
गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी मवेशियों में लंपी वायरस की पुष्टि होने के बाद बस्तर में जिला
प्रदेश के 21 जिला अस्पतालों में 32-32 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू जल्द बनकर तैयार होंगे। बलरामपुर और क
किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्य को लेकर काम करने वाली स्वंयसेवी संस्था ब्रेकथ्रू ने हालिय
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों का शत प्रतिशत
बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 6,822 मामले सामने आए हैं जो कि 558 दिनों में सबसे कम है। इस दौरान
राजस्थान में अब अन्य राज्यों के मुक़ाबले सबसे तेज फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन होगा। फार्मासिस्टों के
दिल्ली के एक अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक, दिल्ली के आसमान में छाए स्मॉग में धुएं के साथ-सा
एमपी के बीना जिले में सोमवार को नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह के विशेष प्रयासों से खुरई
कोटक हेल्थ शील्ड फिक्स्ड बेनिफिट, काॅम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान प्रस्तुत करता है जिसमें शुर

COMMENTS