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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में अब इलाज की सुविधाएं पहले की ही तरह मिलेंगी। कोरोना महामारी से बचाव के लिए लगाए गए तमाम प्रतिबंधों को राज्य सरकार ने शुक्रवार को हटा दिया। कोरोना संक्रमण में लगातार आ रही कमी के कारण यह निर्णय लिया गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव जीएस प्रियदर्शी की ओर से जारी आदेश कहा गया है कि सभी मेडिकल कॉलेजों में अब ओपीडी और आइपीडी सेवाएं पूरी तरीके से संचालित की जाएगी। मरीजों को पहले की तरह ही उपचार व जांच की सुविधा दी जाएगी। वहीं कोरोना मरीजों के लिए एक अलग वार्ड बनाया जाएगा। मालूम हो कि कोरोना का संक्रमण कम होने के कारण कोविड-19 के लेवल वन के अस्पताल पहले ही बंद किए जा चुके हैं। 100 मेडिकल कॉलेजों और अस्पताल में चलाए जा रहे लेवल टू और लेवल थ्री के अस्पताल भी घटाकर सिर्फ 67 कर दिए गए थे।
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), संजय गांधी पीजीआइ के साथ-साथ प्रदेश के दूसरे बड़े चिकित्सा संस्थानों उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान और सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय समेत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहले की ही तरह इलाज की सुविधाएं बहाल किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। केजीएयमू सहित कई चिकित्सा संस्थान अब तक एक दिन में एक विभाग में 75 से 100 मरीज ही देख रहे थे।







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