












































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने लॉकडाउन में
रोजाना लंबे समय तक काम करने वाले लोगों को स्वास्थ्य को लेकर आगाह किया है।
अध्ययनकर्ताओं ने हृदय रोग के 37 अध्ययनों में 7.68 लाख और स्ट्रोक के 22 अध्ययनों में 8.39 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करके यह अध्ययन किया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया था कि जो लोग दिन में ज्यादा देर तक काम करते रहते हैं, उनमें स्ट्रोक और हृदय रोगों से होने वाली मौतों की खतरा 29 प्रतिशत तक अधिक होता है, इसलिए लोगों को बहुत देर तक काम करने से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लंबे समय तक ऑफिस का काम करते रहने के कारण लोगों का सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। मानसिक स्वास्थ्य के साथ लोगों के काम का समय बढ़ जाने के कारण कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी हो रही है, जैसे कमर में दर्द, मोटापा या पाचन संबंधी समस्या। इन समस्याओं को दूर करने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से कुछ उपायों को प्रयोग में लाते रहना चाहिए।
विशेषज्ञ कहते हैं, डेस्क पर लगातार बैठे रहने से मांसपेशियां शिथिल होने लगती हैं, इसके चलते लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए रोजाना व्यायाम करना सुनिश्चित करें। कई तरह के व्यायाम और योग आसान घर पर ही किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं बैठने की तुलना में खड़े रहने या चलते समय अधिक कैलोरी बर्न किया जा सकता है। लंबे समय तक काम करने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग बिना किसी शारीरिक गतिविधि के दिन में आठ घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते हैं, उन्हें मोटापे या धूम्रपान से होने वाले खतरों के समान जोखिम होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को काम के दौरान हर 30 मिनट में छोटा से ब्रेक जरूर लेना चाहिए। लगातार बैठे रहने से शरीर गतिहीन हो जाता है, इससे तमाम तरह की गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, रक्तचाप जैसी क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।







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