











































प्रतीकात्मक
चकोतरा को अंग्रेज़ी में ग्रेपफ्रूट(Grapefruit) नाम से जाना जाता है। यह फल नींबू और संतरा के प्रजाति का फल है। यह सभी रसदार फलों में सबसे बड़े आकार का फल है | चकोतरे में संतरे की अपेक्षा सिट्रिक अम्ल अधिक तथा शर्करा कम होती है | इसका छिलका पीला तथा अंदर का भाग लाल रंग का होता है | इसमें नींबू और संतरे के सभी गुण मिलते हैं | चकोतरा शीतल प्रकृति का होता है तथा इसका स्वाद खट्टा और मीठा होता है | यह प्यास को रोकता है तथा भूख बढ़ाता है | इसके सेवन से चेहरे का रंग साफ़ होता है |

कच्चे चकोतरा का रंग हरा होता है तथा पकने के बाद हल्का नारंगी व पीला होता है। चकोतरे में नींबू और संतरे के सभी गुण है। यह स्वाद में खट्टा और मीठा होता है। चकोतरा की खेती सबसे पहले भारतीय उपमहाद्वीप पर की गई थी। चकोतरा स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है
विभिन्न रोगों में चकोतरे का उपयोग –
बुखार के लिए: चकोतरा में प्राकृतिक रूप से कुनैन होता है। जो मलेरिया बुखार में बहुत लाभदायक होता है। बुखार से छुटकारा पाने के लिए चकोतरा का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।
गठिया के लिए: गठिया जैसी समस्याओं के लिए चकोतरा फल बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है। जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद व गठिया रोग को दूर करता है।
पांचन क्रिया ठीक रखने के लिए: पांचनक्रिया को ठीक रखने चकोतरा अन्य फलो के मुकाबले हल्का होता है। जो आसानी से पेट में पच जाता है शरीर में पांचन किया को ठीक रखने में मदद करता है। जिससे पेट सम्बंधित अन्य विकार नहीं होता है।
बालो के लिए: बालो को मजबूत व सुंदर बनाने में चकोतरा बहुत उपयोगी होती है। इसमें अधिक मात्रा में विटामिन सी और कई एंटी-ऑक्सीडेंट होते है जो बालो की जड़ो को मजबूत बनाने में मदद करते है।
कैंसर से बचाव: कैंसर बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है। चकोतरा में फ्लेवोनोइड भरपूर होते है। जो संक्रमण से लड़ने में सहायता करता है। कार्सिनोजन को शरीर से बाहर निकालता है। जो कैंसर रोग को पैदा करते है। विटामिन ए और फ्लेवोनोइड कैंसर से शरीर की रोकथाम करने में मदद करते है।
कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए: शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बराबर रहना बहुत जरुरी होता है। अधिक कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हाइ ब्लड प्रेशर की समस्या या किडनी स्टोन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए चकोतरा का सेवन करना चाहिए। इसमें उपस्थित विटामिन और खनिज कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते है।
थकान दूर करने के लिए: थकान दूर करने के लिए चकोतरा को एक तरह का उपचार माना जाता है। रोजाना एक ग्लास Grapefruit का रस पीना चाहिए। इसमें उपस्थित विटामिन और नॉनकेटन एक दुर्लभ कम्पाउड होता है। जो शरीर में ऊर्जा की वृद्धि करती है और थकान को दूर करती है।
कब्ज दूर करने के लिए: कब्ज से पीड़ित लोगो को सुबह खाली पेट चकोतरा का रस पीने से कब्ज की समस्या नियंत्रित हो जाती है। इसके तरल पदार्थ फाइबर को उत्तेजित करते है। जिससे पांचन क्रिया ठीक रहता है कब्ज की समस्या नहीं होती है।
आंखो के लिए: चकोतरा में मौजूद विटामिन सी व बीटा केरोटीन आंखो की रौशनी बढ़ाने में बहुत फायदेमंद होता है। आंखो की रौशनी को अच्छा करने के लिए नियमित रूप से चकोतरा का सेवन जरूर करे।
नींद को बढ़ावा देना: नींद पूरी नहीं होना अनिद्रा जैसे समस्या उत्पन्न होती है। इन समस्याओं दूर करने के लिए चकोतरा का रस रोजाना पीना चाहिए। चकोतरा में ट्राईपटफान मौजूद होता है। जो नींद में आराम दिलाता है और अनिद्रा की समस्या को दूर करता है।

चकोतरा के सेवन में बरतें सावधानियाँ







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