











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। टीबी मरीजों को गोद लेने वालों का अब निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेलों में अनिवार्य रूप से टीबी का स्टाल लगेंगे।
संयुक्त निदेशक (क्षय)/राज्य क्षय नियन्त्रण कार्यक्रम (State Tuberculosis Control Program) अधिकारी डॉ शैलेन्द्र भटनागर ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (National Tuberculosis Eradication Program) के तहत इसी माह से विभिन्न गतिविधियों पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। इसके तहत अब यह व्यवस्था की गयी है कि टीबी मरीजों को गोद लेने वालों (donor) को चिन्हित कर निक्षय पोर्टल (NIKSHA portal) पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत किया जाएगा। इनको अब निक्षय मित्र (Nikshay Mitras) के रूप में जाना जायेगा।
डॉ भटनागर ने कहा की इस नई पहल से अब और भी लोग आगे आएंगे और टीबी मरीजों को गोद (adopt TB patients) लेकर उनको पोषक आहार (nutritious food) मुहैया कराने के साथ ही भावनात्मक संबल भी प्रदान करेंगे। प्रदेश में इसके तहत करीब 4505 निक्षय मित्रों का पंजीकरण कर दिया गया है।
इस बारे में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) व अन्य को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किया है। पत्र के मुताबिक़ क्षय रोगियों का नोटिफिकेशन बढाने के लिए अब सरकारी अस्पतालों (health units) की ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में से माहवार पांच फीसद मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों को टीबी की जांच के लिए रेफर किया जाए। इसके अलावा कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (CHO) को टीबी की स्क्रीनिंग और उपचार सेवाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए।
डॉ भटनागर ने कहा की निक्षय पोर्टल संचालित करने के लिए सीएचओ को हैंड्स ऑन प्रशिक्षण जल्द से जल्द प्रदान किया जाए। इसके साथ ही अब यह व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने को कहा गया है कि हर रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले (CM health fairs) में निश्चित रूप से टीबी का स्टाल (TB stalls) लगाया जाए।
इसके माध्यम से मेले में आने वालों को टीबी के लक्षण (symptoms of TB) जैसे- दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी आना व बुखार बना रहना (cough and fever), खांसी के साथ बलगम में खून आना (cough with blood in mucus), रात में पसीना आना, वजन गिरना (weight loss), भूख न लगना आदि के बारे में बताया जाए।
इसके अलावा मुफ्त जाँच और उपचार के बारे में भी विस्तार से बताया जाए। इसके अलावा इस माह विशेष अभियान चलाकर टीबी मरीजों को नोटिफाई करने वाले निजी चिकित्सकों का भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाए। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत क्षय रोगियों को इलाज के दौरान हर महीने मिलने वाले 500 रुपये का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।







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