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लखनऊ। सड़क दुर्घटनाओं से चिंतित उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लगभग ढाई करोड़ वाहन चालकों के आंखों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आंखों की जांच से लगभग 12 फ़ीसदी सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस पर जो भी खर्च आएगा उसे गृह और परिवहन विभाग आपसी सहमति से वहन करेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गाधी प्रतिष्ठान में सड़क सुरक्षा माह के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिया कि आंखों की जांच का लक्ष्य एक साल में पूरा किया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि जितने भी हाईवे हैं उनके किनारे ट्रामा सेंटर खोलने के लिए सरकार उनको बहुत ही कम कीमत पर जमीन मुहैया कराएगी।
इन ट्रामा सेंटर के चालू होने पर हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों का समय से उपचार हो सकेगा जिससे मृतकों की संख्या में कमी आएगी। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने कहा कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 37 फीसदी मौतें ओवर स्पीड के कारण होती हैं। जिनमें सर्वाधिक 18 से 35 साल के युवा शामिल हैं।







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