












































लखनऊ। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है लेकिन बुखार से ग्रसित मरीज बढ़े हैं। इसकी वजह मौसम का बदलाव होना बताया जा रहा है। बलरामपुर अस्पताल में डेंगू व मलेरिया से प्रभावित मरीज ज्यादा संख्या में हैं लेकिन अब अधिकांश मरीजों को उपचार के बाद उनके ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। चिकित्सकों का दावा है कि अब नये मरीजों का अस्पताल में पहुंचना भी कम हुआ है। बीते 48 घंटे में मलेरिया के केस में कमी आयी है। डेंगू के मरीज भी कम हुए है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड (emergency ward) में दो दिनों में मलेरिया के लक्षण वाले दो ही मरीज पहुंचे है।
बदले मौसम के कारण ज्यादातर केस वायरल बुखार के आ रहे हैं। बलरामपुर अस्पताल (Balrampur Hospital) के चिकित्सक डाॅक्टर सर्वेश सिंह ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण जुकाम, नजला, बुखार (fever), सिर दर्द, बदन दर्द जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या भले ही बढ़ी हो लेकिन मलेरिया के मरीजों में कमी देखने को मिली है। आने वाले मरीजों को मलेरिया (malaria) के रोकथाम के लिए आवश्यक बातों को बताया जाता है। इसे फाॅलो कर बीमारी से बचा जा सकता है। वहीं, शहर के प्रमुख अस्पतालों श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल (Shyama Prasad Mukherjee Civil Hospital), भाऊराव देवरस अस्पताल (Bhaurao Deoras Hospital), लोकबंधु अस्पताल, रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल (Rani Laxmibai Hospital) में भी मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी आयी है। बीते 48 घंटे में मलेरिया के लक्षण वाले 20 से ज्यादा मरीजों का अस्पतालों में पहुंचना हुआ। इनकी जांच में बीमारी की पुष्टि नहीं हुई।
केजीएमयू में जांच के बाद ही भर्ती हो रहे मरीज - Patients getting admitted only after investigation in KGMU
किंग जार्ज मेडिकल काॅलेज (King George's Medical College) में मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों का पहुंचना हो रहा है। जांच के बाद मलेरिया की पुष्टि होने पर ही मरीज को भर्ती किया जा रहा है। अन्य मरीजों को दवा देकर सावधनी बरतने की सलाह देकर छुट्टी दी जा रही है। काॅलेज में जनरल वार्ड में भर्ती मलेरिया के मरीजों (malaria patients) के डिस्चार्ज के बाद नये मरीजों की संख्या में कमी आई है।
डाॅक्टर तुलिका ने बताया कि मलेरिया से बचाव आवश्यक है। इसके लिए मच्छरों (Mosquitoes) को न लगने दिया जाये। मलेरिया होने के बाद निकट के अस्पताल में डाॅक्टर को अवश्य ही दिखायें। मेडिकल काॅलेज में मलेरिया के रोजाना ही मरीज आ रहे हैं। सामान्य ओपीडी में मरीजों की भरमार थी, जिसमें कमी आयी है। फिलहाल बदले मौसम के कारण फीवर, जोड़ों में दर्द, ज्वाइंडिस, फूड प्वाइजिनिंग के मामले आ रहे हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
जनरल ओपीडी, सर्जरी सहित विभिन्न चिकित्सा कार्य पूरी गति से किये जाएं। लखनऊ के ट्रॉमा सेन्टरों में ब
Thalassemia ग्रसित बच्चों के लिएAIIMS हॉस्पिटल दिल्ली के सहयोग से मुफ्त MRI T2 star टेस्ट कैम्प का आ
इसकी पहुंच दूर दराज़ और दुर्गम क्षेत्रों तक है। रोगी को डॉक्टर तक पहुंचने वाले बहुमूल्य समय की बचत हो
39 किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण हुआ, जिनमें 33 सम्प्रेक्षण गृह व 6 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की
सरकार का भी पूरा प्रयास है कि कोरोना की तीसरी लहर जैसी स्थिति उत्पन्न ही न हो, इसके लिए ज्यादा से ज्
अभी तक की जानकारी के मुताबिक, महिला डॉक्टर को कोरोना के बेहद हल्के लक्षण हैं। उनकी हालत ठीक है और फि
पितृपक्ष मेला में गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य
दुनियाभर में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली एम्स ने एडवाइजरी जारी की है।अब परिसर में मास्
जिला स्तर पर एडीएम प्रशासन अमर पाल सिंह, डीसीपी प्रोटोकॉल और सीएमओ इन टीमों की निगरानी करेंगे और निर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश को टीबी मुक्त करने की दिशा में एक बड़ी पहल हो

COMMENTS