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मेदांता हॉस्पिटल में पहली बार, बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर्जरी और उन्नत रोबोटिक प्रक्रियाओं की शुरुआत

मेदांता लखनऊ ने हेल्थकेयर क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। अस्पताल ने बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर्जरी की तकनीक को अपनाया है, जिससे मरीजों को अधिक सुरक्षित और तेज़ रिकवरी वाला इलाज मिल सकता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
March 06 2025 Updated: March 06 2025 21:54
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मेदांता हॉस्पिटल में पहली बार, बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर्जरी और उन्नत रोबोटिक प्रक्रियाओं की शुरुआत मस्तिष्क सर्जरी प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। मेदांता लखनऊ ने हेल्थकेयर क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। अस्पताल ने बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर्जरी की तकनीक को अपनाया है, जिससे मरीजों को अधिक सुरक्षित और तेज़ रिकवरी वाला इलाज मिल सकता है। रोबोटिक द्वारा निर्देशित घुटने और कूल्हे की रिप्लेसमेंट सर्जरी भी यहां की जाती है, जिससे ऑपरेशन अधिक सटीक और रिकवरी की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।


पिछले पांच वर्षों से मेदांता लखनऊ (Medanta Lucknow) मरीज़ों को बिना किसी बाधा के बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है। अब तक मेदांता लखनऊ ने 10,000 से अधिक जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। अत्याधुनिक इलाज के जरिये इसने उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। इस दौरान अस्पताल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। 


अब तक 3,500 से अधिक हृदय सर्जरी (heart surgeries) की जा चुकी हैं, जिनमें बायपास, वॉल्व रिप्लेसमेंट और मिनिमली इनवेसिव तकनीक शामिल हैं। 4,000 से अधिक न्यूरो सर्जरी भी सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं, जिनमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जटिल बीमारियों का इलाज किया गया है। कैंसर मरीजों के लिए अस्पताल ने 2,000 से अधिक कैंसर सर्जरी (cancer surgeries) की हैं, जो अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी केयर से लैस हैं। इसके अलावा, अस्पताल ने 260 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट, 50 से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट और 60 से अधिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट (bone marrow transplants) किए हैं, जिससे यह ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है।

 

कैंसर के उन्नत इलाज के लिए अस्पताल में वेरियन एज रेडिएशन थेरेपी और ब्रैकीथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, CAR-T सेल थेरेपी को अपनाकर मरीजों को पर्सनलाइज्ड कैंसर ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। टोटल बॉडी इरैडिएशन (TBI) भी यहां उपलब्ध है, जो कैंसर के जटिल मामलों के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रही है।

 

हृदय रोगों के इलाज में अस्पताल ने ट्रांसकैथेटर एऑर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेंट (TAVI) तकनीक को अपनाया है, जिससे दिल की वॉल्व रिपेयर के लिए कम तकलीफदेह और कम जोखिम वाली प्रक्रिया संभव हुई है। 3D इम्प्लांट सर्जरी का उपयोग ऑर्थोपेडिक और रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रियाओं में किया जा रहा है, जिससे मरीजों को अधिक प्रभावी इलाज मिल रहा है।

मेदांता लखनऊ ने इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी (electrophysiology) और ब्लूटूथ CRTD इम्प्लांट जैसी नवीनतम तकनीकों को भी अपनाया है, जिससे उन्नत कार्डियक ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी प्रगति हुई है। इसके अलावा, अस्पताल में ऑन्कोलॉजी, स्त्री रोग, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑन्कोलॉजी, यूरोलॉजी और यूरो ऑन्कोलॉजी में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध है। आधुनिक डायग्नोसिस के लिए यहाँ अत्याधुनिक रेडियोलॉजी, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन और लेब सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

 

मेदांता लखनऊ एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जहाँ अत्याधुनिक सुविधाओं, अनुभवी डॉक्टरों और आधुनिक तकनीकों के जरिये विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं दी जाती हैं। अस्पताल में 7 विशेष संस्थान और 26 मेडिकल विभाग हैं, जो हर मरीज को समर्पित और संपूर्ण इलाज उपलब्ध कराते हैं।

 

मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. नरेश त्रेहन (Dr. Naresh Trehan) ने कहा "हमारा लक्ष्य हमेशा से इस क्षेत्र में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है। पिछले पांच वर्षों में हमने जीवनरक्षक प्रक्रियाएं और आधुनिक तकनीकें पेश की हैं, जो हेल्थकेयर को आम लोगों तक पहुंचा रही हैं।"

 

मेदांता लखनऊ के निदेशक, डॉ. राकेश कपूर ने कहा "इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हमें गर्व है। जटिल ट्रांसप्लांट से लेकर रोबोटिक और कैंसर ट्रीटमेंट तक, हम अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं और मरीजों के लिए नवीनतम चिकित्सा तकनीकों को ला रहे हैं।"

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