देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

वायसा मेंटल हेल्थ ऐप का हिंदी वर्जन विकसित करेगा

वायसा अपनी स्केलेबिलिटी और कम लागत के कारण नियोक्ताओं तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच लोकप्रिय है। एआई आधारित ऐप होने के नाते वायसा बदनामी और गोपनीयता की चिंता से दूर रखता है जो अक्सर लोगों को उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद मांगने से रोकता है।

0 32288
वायसा मेंटल हेल्थ ऐप का हिंदी वर्जन विकसित करेगा वायसा एप्प का प्रतीक चिन्ह

लखनऊ। व्यावहारिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एआई आधारित डिजिटल साथी, वायसा ने हिंदी भाषा में मेंटल हेल्थ ऐप (Mental Health App) पेश करने की घोषणा की है। इसे व्हाट्सएप के जरिये ऐक्सेस किया जा सकेगा। एसीटी एक एनजीओ है जो लोकोपकार करने वाले मंच के रूप में काम करता है, इस पहल को समर्थन दे रहा है और विकास को आगे बढ़ाने के लिए एक को.फंडिंग पार्टनर की तलाश कर रहा है। अपेक्षा है कि 2023 के शुरू में पायलट चालू हो जाएगा। एसीटी (ACT) की डायरेक्टर हेल्थकेयर नीता जॉय (Nita Joy) कहती हैं कि हमारे लिए यह अपनी तरह का पहला प्रयास है कि एक स्थापित संस्था के साथ साझेदारी करके एक जाने पहचाने और उपयोगी हल को लाखों लोगों तक पहुंचाया जा सके। हमारी 14 प्रतिशत आबादी मानसिक स्वास्थ्य विकारों से पीडि़त है और महामारी की वजह से गुणवत्ता देखभाल तक पहुंच की कमी बढ़ गई है।

 

इस अंतर को भरने के लिए हमें नए उपकरणों की आवश्यकता है क्योंकि इस गुप्त मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित देखभाल उपलब्ध नहीं हैं। हिंदी ऐप की पहली पुनरावृत्ति उपयोगकर्ताओं को संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive Behavioral Therapy) सीबीटी अभ्यास के माध्यम से मोबाइल फोन आधारित संवाद एजेंट के साथ पाठ के माध्यम से मार्गदर्शन करेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को डिप्रेशन और चिंता को मैनेज करने में मदद मिलेगी, जो उपयोगकर्ता मामूली से गंभीर लक्षण दिखाते हैं ऐप उनका मार्गदर्शन क्लीनिकल प्रोग्राम में करेगा। दूसरों के लिए यह वेलनेस टूल की तरह काम करेगा।

 

वायसा (Vysa) अपनी स्केलेबिलिटी और कम लागत के कारण नियोक्ताओं तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच लोकप्रिय है। एआई आधारित ऐप (AI-based app) होने के नाते वायसा बदनामी और गोपनीयता की चिंता से दूर रखता है जो अक्सर लोगों को उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद मांगने से रोकता है। वायसा के अंग्रेजी वाले मेंटल हेल्थ ऐप ने मुख्य रूप से बड़े बहुराष्ट्रीय नियोक्ताओं और सीधे उपभोक्ता के पास डाउनलोड के माध्यम से भारत (India) में अब तक लगभग 528,000 लोगों की सेवा की है।

 

अपनी लोकप्रियता के बावजूद  हिंदी भाषा का सपोर्ट न होने से इसका विविध सामाजिक, आर्थिक समूहों और आम लोगों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। हिंदी में ऐप पेश करने का उददेश्य पहुंच संबंधी इस बाधा को कम करना है। देश का बड़ा हिस्सा हिंदी में बातचीत करता है, और यह भारत में अधिकतर समुदायों के लिए संचार और पहुंच बढ़ाने के लिए एक प्रमाणित और ठोस तंत्र लाता है।

 

भाषा की परेशानी (language issues) दूर करने के साथ यह व्हाट्सएप के माध्यम से वायसा के एआई थेरेपी संवादी एजेंट को उपलब्ध कराने का मकसद उन लोगों से अपील करना है जो नए ऐप डाउनलोड करने से बचना पसंद करते हैं। व्हाट्सएप भारत में शीर्ष मैसेंजर ऐप्लिकेशन है जिसके 487 मिलियन उपयोगकर्ता हैं। व्हाट्सएप न केवल सर्वव्यापी है, बल्कि उच्च उपयोगकर्ता जुड़ाव भी सुनिश्चित करता है, क्योंकि अधिकांश आबादी नियमित संचार के लिए इस पर निर्भर है। इससे चिकित्सा संवाद को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनने में मदद मिलती है। वायसा के सीईओ (CEO) और सह.संस्थापक जो अग्रवाल (Joe Aggarwal) ने कहा 2025 तक 50 मिलियन उपयोगकर्ताओं की मदद करने की हमारी महत्वाकांक्षा में हमें सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक पहुंच बनाने के लिए साक्षरता और भाषा की बाधाओं से परे जाना चाहिए। हमने दिखाया है कि वायसा के माध्यम से यह थेरेपी उन लोगों को आकर्षित करती है जो अपनी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बात करने के लिए आगे आने को तैयार नहीं हैं। हमें भारत में मानसिक स्वास्थ्य के कलंक पर काबू पाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य (mental health) के बारे में दुनिया भर में लोकप्रिय इस ऐप के हिंदी संस्करण के साथ व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिये डिलीवर किया जाना इसकी शुरुआत के लिए शानदार जगह है।

 

वायसा में मुख्य मनोवैज्ञानिक (Chief Psychologist) स्मृति जोशी ने कहा भारत में उपयोग की जाने वाली सबसे लोकप्रिय भाषाओं में से एक हिंदी में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करके व्हाट्सऐप (WhatsApp) के जरिए एक ऐसा मंच जिसकी ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिकांश भारतीयों तक पहुंच है, हम डिजिटल अंतर को कम कर रहे हैं। हम स्केलेबल एक समान और पहुंच योग्य भावनात्मक सपोर्ट प्रदान करने के अपने लक्ष्य के करीब जा रहे हैं।

 

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और सर गंगा राम अस्पताल (Sir Ganga Ram Hospital) नई दिल्ली में वरिष्ठ सलाहकार डॉ रोमा कुमार ने कहा  कि भारत में आबादी का एक बड़ा हिस्सा मुख्य रूप से हिंदी बोलता है, जो बदनामी के अलावा मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त करने के लिए एक बड़ी भाषा बाधा है। हिंदी में वायसा न केवल मेट्रो शहरों बल्कि टीयर 2 और टीयर 3 तक पहुंचने की क्षमता रखता है। ऐसे शहर जहां मानसिक स्वास्थ्य के मुददे अधिक प्रमुख हैं और कम चर्चा की जाती है।

 

इस ऐप की सादगी और विज्ञान समर्थित तकनीक जैसे सीबीटी के साथ हिंदी बोलने वालों के लिए अपनी मूल भाषा में मार्गदर्शन प्राप्त करना बेहद फायदेमंद है। मेरे कई वर्षों में काम में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मैंने ऐसी पहल कभी नहीं देखी और मैं सकारात्मक हूं कि इससे बहुत से लोगों को लाभ होगा।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

पटना में नहीं थम रहा डेंगू का कहर, 24 घंटे में मिले 60 नये मरीज

पटना में नहीं थम रहा डेंगू का कहर, 24 घंटे में मिले 60 नये मरीज

विशेष संवाददाता September 23 2022 35000

बिहार की राजधानी पटना में डेंगू जमकर कहर ढा रहा है। पिछले 24 घंटों में पटना के 3 अस्पतालों में डेंगू

मारवाड़ी युवा मंच द्वारा नि:शुल्क कैंसर जांच एवं रक्तदान शिविर आयोजित
यूपी में बूस्टर डोज 2 करोड़ के पार, सीएम योगी ने ट्वीट कर दी बधाई

यूपी में बूस्टर डोज 2 करोड़ के पार, सीएम योगी ने ट्वीट कर दी बधाई

आरती तिवारी August 23 2022 30607

कोरोना टीकाकरण में उत्तर प्रदेश ने 2 करोड़ से अधिक नि:शुल्क बूस्टर डोज का आकड़ा पार कर लिया है। इस

लखनऊ में डेंगू का डंक, बुखार सिरदर्द के बढ़े 20% मरीज

लखनऊ में डेंगू का डंक, बुखार सिरदर्द के बढ़े 20% मरीज

आरती तिवारी July 24 2023 36001

घरों में डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस दिया जा रहा है। बढ़ते मामले को देखते हुए नगर निगम सक्रिय हो ग

कोविड टीकाकरण शिविर में 150 लोगों को लगा टीका।

कोविड टीकाकरण शिविर में 150 लोगों को लगा टीका।

हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2021 25295

चाइल्डलाइन टीम इचवालिया गांव में घर-घर जाकर लोगों को कोरोना टीका लगवाने के प्रति लगातार जागरूक करने

भारत में कैंसर की “सुनामी” के चेतावनी

भारत में कैंसर की “सुनामी” के चेतावनी

विशेष संवाददाता January 24 2023 24567

हेमाटोलॉजी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, क्लीवलैंड क्लिनिक, ओहियो, यूएसए के अध्यक्ष डॉ. जेम अब्राहम ने

प्राकृतिक चिकित्सा का विश्वस्तरीय केंद्र गोरखपुर का आरोग्य मंदिर

प्राकृतिक चिकित्सा का विश्वस्तरीय केंद्र गोरखपुर का आरोग्य मंदिर

हुज़ैफ़ा अबरार January 22 2023 91956

आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ. विमल कुमार मोदी ने बताया कि  आरोग्य मंदिर में अधिकतर दमा, कब्ज, मधुमेह, स

प्रेग्नेंसी के पता चलने के दो दिन बाद दिया बच्चे को जन्म

प्रेग्नेंसी के पता चलने के दो दिन बाद दिया बच्चे को जन्म

हे.जा.स. October 21 2022 29506

अमेरिका से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कपल ने मात्र 48 घंटे में बच्चे को जन्म दिया

आईआईटी जोधपुर ने कोविड-19 वायरस के आरएनए में बदलाव को चिन्हित किया

आईआईटी जोधपुर ने कोविड-19 वायरस के आरएनए में बदलाव को चिन्हित किया

एस. के. राणा February 11 2022 31695

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर के अनुसंधानकर्ताओं ने जीनोम सिक्वेंसिंग सिद्धांत की मदद से कोविड

25 हजार से अधिक सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन करने वाली डॉ. पल्लवी सिंह सम्मानित

25 हजार से अधिक सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन करने वाली डॉ. पल्लवी सिंह सम्मानित

हुज़ैफ़ा अबरार July 01 2026 959

वैसे तो शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण अंग हमारी आंखें है अगर उनमें कोई दिक्कत हो जाएं तो उसका इलाज समय पर

Login Panel