











































लखनऊ। गर्मियों के तपते मौसम में गर्भस्थ और नवजात शिशुओं की देखभाल एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे गर्म मौसम में गर्भवती महिलाओं को भी खास ध्यान रखना पड़ता है। इन्ही सब बेहद महत्वपूर्ण जानकारियों को लेकर हेल्थ जागरण ने वरिष्ठ महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ दीपा त्यागी से खास बातचीत की।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब गर्मी के इस मौसम में गर्भस्थ और नवजात शिशुओं की देखभाल कैसे करनी चाहिए और गर्भवती महिलाओं को कैसे खानपान का ध्यान रखना चाहिए?
डॉ दीपा त्यागी - इस समय बहुत तेज गर्मी है और इस मौसम में गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखना चाहिए। यदि बाहर निकलना बहुत जरूरी हो तो अच्छी मात्रा में पानी पिएं और शरीर को ढ़क कर ही बाहर निकलें। एमदम गर्मी से उनका ब्लडप्रेशर गिर सकता है और डिहाईड्रेशन हो सकता है। रक्तचाप गिरने से चक्कर आ सकता है, बुखार आ सकता है और शॉक की स्थिति हो सकती है। ब्लडप्रेशर गिरने से गर्भस्थ शिशु को रक्त की सप्लाई प्रभावित हो जाती है और इससे शिशु को नुक़सान पहुंच सकता है। ऐसे में शिशु की मृत्यु हो सकती है या उसके जन्म पर असर पड़ सकता है।
नवजात शिशुओं की देखभाल करने की जानकारी देते हुए डॉ दीपा त्यागी ने बताया कि नवजात का शरीर और त्वचा बेहद नाज़ुक होते हैं इसलिए उनकी खास देखभाल करनी चाहिए। नवजात को ठंडे में रखना जरूरी है और यदि बाहर निकलना बहुत जरूरी हो तो गीले तौलिए में बच्चे को लपेट कर बाहर निकलें। एसी या कूलर का उपयोग करें, तेज धूप से बचाएं। कमरे का तापमान 28-30 डिग्री के बीच होना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को खानपान की सलाह देते हुए डॉ दीपा त्यागी ने बताया कि इस मौसम में जो न्यूट्रीशन ले उसमें पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बहुत जरूरी है। ऐसे मौसम में रसदार फलों और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
गर्मियों में गर्भवती महिलाओं को खास सलाह देते हुए डॉ दीपा त्यागी ने बताया कि इस मौसम में खुले पदार्थ या बासी भोजन बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे डायरिया, डिहाईड्रेशन या वोमेटिंग की समस्याएं हो सकती है और बुखार भी आ सकता है। गर्भवती महिलाएं ताज़े भोजन खाएं और उपरोक्त बीमारियों से स्वयं को सुरक्षित रखें।
स्वास्थ्य सम्बन्धी ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरें देखने के लिए हेल्थ जागरण को फॉलो करें। धन्यवाद।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से 20-20 सैंपल और मेरठ से पांच सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई के लैब में भेज गए थ
डेंगू मरीजों से निजी पैथोलाजी सेंटर और प्राइवेट अस्पताल मनमानी फीस न वसूल सकें इसके लिए चिकित्सा एवं
संविदा या ऐजेंसी के माध्यम से कार्यरत नर्सेज को समान पद का समान वेतन दिया जाय, व अन्य मागों पर भी वि
नई नीति राज्य में अस्पतालों के विकास में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकारी सहयोग की योजना लाई
घी और सौंठ, दोनों ही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सौंठ अदरक को सुखाकर बनाई जाती है। बहुत से लो
अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कहा कि पशु चिकित्सकों ने अहर्निश सेवा चिकित्सा के द्वारा बीमार गायों की जा
अध्ययन में शामिल जिन लोगों ने टीकाकरण कराने के बाद डेढ़ घंटे तक साइकिल चलाई या सैर की, उनमें आगामी च
यह प्रदेश का पहला इम्पल्स ऑसिलोमीटर है। यह फेफड़े में ध्वनि तरंग उत्पन्न करके श्वसन रोगों के निदान ह
वित्त मंत्री ने अमृतकाल के विजन के अनुरूप 2014 के बाद से स्थापित 157 मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के साथ सह
फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान की तीसरी मंजिल पर स्थित पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चल रह

COMMENTS