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न्यूयॉर्क। कोरोना महामारी के दौरान भारत ने दुनियाभर के 98 देशों को 23.50 करोड़ से ज्यादा कोरोना वैक्सीन मुहैया कराई है। यह ऐतिहासिक कार्य वैक्सीन मैत्री (vaccine Maitri) पहल के तहत यह कदम उठाया गया।
नीति आयोग (niti aayog) के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी ने यह बात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के एक उच्च स्तरीय राजनयिक मंच (HLPF-2022) को संबोधित करते हुए कही। भारत के वैज्ञानिक शोध और वैक्सीन उत्पादन तंत्र की सराहना करते हुए बेरी ने कहा कि भारत ने कोरोना महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए कई पहल की और जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए कई कदम उठाए।
दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त कोरोना टीकाकरण अभियान
बेरी ने कहा कि भारत में वैक्सीन उत्पादन तंत्र के दम पर सबसे बड़ा मुफ्त कोरोना टीकाकरण अभियान (corona vaccination program) चल रहा है। 1.98 अरब से ज्यादा खुराक देश के सभी हिस्सों में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन 'मैत्री' पहल के तहत भारत ने दुनिया के 98 देशों को 23.50 करोड़ से अधिक टीकों की आपूर्ति की। मंत्रिस्तरीय राउंड टेबल सम्मेलन में बेरी ने कहा कि देश में कोरोना महामारी (corona panademic) के बाद आर्थिक विकास दर में रिकवरी के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित किया और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है।
बता दें, भारत ने जनवरी 2021 में 'वैक्सीन मैत्री'पहल शुरू की थी। यह वैश्विक स्तर पर कम आय वाले और विकासशील देशों को भारत में बने टीके (vaccine) मुहैया कराने की बड़ी पहल थी। इसके तहत बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल, भूटान, मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका, ब्राजील, मोरक्को, दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान, मैक्सिको, डीआर कांगो, नाइजीरिया, ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों को टीके भेजे थे। भारत ने देश में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने के चार दिन बाद 20 जनवरी 2021 को टीकों को विदेशों में भेजना बंद कर दिया था। भारत से मुफ्त टीके प्राप्त करने वाले पहले देश भूटान (Bhutan) और मालदीव थे।







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