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लखनऊ। मानसिक स्वास्थ्य पर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर कोरोना के बाद से एंग्जायटी एवं डिप्रेसन बढ़ गया है। लोग अवसाद में चले गये है, बहुतों ने अपनों को खोया तो बहुतों ने अपना रोजगार, करियर खो दिया इन सभी कारणों से लोगों में मानसिक विकार बढ़ गये है। यह बातें विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) 10 अक्टूबर के अवसर पर राम मनोहर लोहिया (Ram Manohar Lohia's) के मानसिक विभाग एवं मेडिसिन विभाग के संयुक्त प्रयास से संगोष्ठी में लोहिया की निदेशक प्रो सोनिया नित्यानंद ने कहीं। उन्होने बताया कि जो लोग इस दौर से गुजरे है, उनको इससे बाहर आने में काफी समय लगने के साथ बहुत सी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों को किसी काउंसलर से जरुर संपर्क करना चाहिए, अपने शौक और दोस्तों के साथ अपने विचारों को जरुर साझा करें ताकि मन बहल सके और आपका मानसिक तनाव कम हो सके।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो ए के ठक्कर निदेशक न्यूरोसाइन्स (Neuroscience) मेदांता लखनऊ (Medanta Lucknow) ने वृद्ध लोगो मे होने वाली मानसिक बीमारी fronto temporal dementi के विषय पर बताया कि इसमें याददाश्त के साथ बर्ताव में भी परिवर्तन आ जाता है। यदि आपको लगे की आपका मन दुखी है, और आपको कुछ अच्छा नहीं लगता मन कुछ करने का नहीं है, आपको मानसिक बीमारी होने के यह सभी लक्षण हो सकते है। यदि आपको लगे यह सब हो रहा है, तो एक बार डाक्टर से जरुर सलाह ले और मनोचिकित्सक के पास जाये ताकि आपकी परेशानियों का सही समाधान मिल सके। कभी भी भूलकर भी झाड-फूक के चक्कर में नहीं पडऩा चाहिए इससे आपकी समस्या और गंभीर हो सकती है।
क्ता प्रो विक्रम सिंह विभागध्यक्ष मेडिसिन विभाग ने बताया के योग एवं धयान से बहुत सी मानसिक एवं शारीरिक बीमारियों से बचा जा सकता है। क्योंकि ध्यान एवं योग से स्ट्रेस कम होता है एवं शरीर मे कोर्टिसोल का श्रव कम होता है, अत: ये लाभकारी है। डॉक्टर जिलानी प्रवक्ता मानसिक विभाग (Mental Department) आर एम एल ने (RML) बताया कि प्रत्येक 7 व्यक्ति में से एक व्यक्ति मानसिक रोग से पीडि़त हो जाता है। डॉक्टर सुमीत दीक्षित प्रवक्ता सामुदायिक मेडिसिन विभाग ने बताया है कि नियमित व्यायाम मानसिक रोगों के बचाओ एवं उपचार में लाभकारी है।







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