












































आवारा कुत्तों के हमले में कटी थी बच्ची की सांस नली, ईएनटी सर्जन ने बचाई जान।
लखनऊ । कुत्तों के हमले में बच्ची की सांस की नली कटकर दो हिस्सों में बंट गई थी, जिससे उसकी हालत काफी गम्भीर हो गई थी। बच्ची के पिता ने उसे इलाज के लिए अपोलोमेडिक्स अस्पताल में भर्ती कराया जहां कई घन्टों तक चली जटिल सर्जरो के बाद उसकी जान बचाई जा सकी।
राजधानी के अपोलोमेडिक्स अस्पताल ने एक बार फिर अपने अल्ट्रा मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी से एक मासूम की जान बचाने में सफलता पाई है। 8 वर्षीया बच्ची को एचएएल कैंपस में आवारा कुत्तों ने हमला कर मरणासन्न हालत में पहुंचा दिया था।
सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए अपोलोमेडिक्स अस्पताल की ईएनटी सर्जन डॉ सोनम राठी ने बताया, " बच्ची को जब अपोलोमेडिक्स लाया गया तो उसके शरीर पर मल्टीप्ल डॉगबाईट के चलते खोपड़ी, गाल, चेहरे, पोस्टौरल क्षेत्र , जांघों, गर्दन पर काफी गहरे और गम्भीर घाव थे। साथ ही उसकी सांस की नली कटकर दो हिस्सों में बंट चुकी थी।"
डॉ राठी ने बताया, "बच्ची की हालत काफी नाजुक थी और हमने तुरंत सर्जरी कर उसकी सांस की नली को जोड़ने का फैसला किया। इस सर्जरी में सबसे बड़ी चुनौती थी कि क्या बच्ची की कृत्रिम सांस की नली बनानी पड़ेगी।
टीम के साथ विचार विमर्श के बाद, बच्ची की सांस की नली के दोनों टुकड़ों को आपस मे जोड़ा गया। सर्जरी सफल रही लेकिन आशंका यह थी कि घाव भरने के साथ कहीं सांस की नली के जुड़ाव वाले हिस्सों में गांठे न बन जाएं। इसके लिए बच्ची को लगातार ऑब्जरवेशन में रखा गया।
घाव भरने के साथ ही बच्ची की सांस की नली सामान्य तौर पर जुड़ गई और उसमें गांठें भी नहीं बनी। बच्ची को सर्जरी के बाद दो दिन वेंटिलेटर पर रखा गया और उसकी सामान्य हालत को देखते हुए डिस्चार्ज कर दिया गया।
बच्ची लगातार फॉलोअप के लिए अपोलोमेडिक्स अस्पताल आ रही है और उसको बोलने में कोई कठिनाई नही है। उसकी आवाज पहले की तरह साफ और स्पष्ट है और बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। यह एक जटिल सर्जरी थी जिसे अपोलोमेडिक्स की टीम ने पूरे प्रोफेशनलिसज्म के साथ अंजाम दिया और हम सफल रहे।"
अपोलोमेडिक्स अस्पताल के सीईओ और एमडी डॉ मयंक सोमानी ने बताया, "डॉगबाईट के चलते बच्ची की हालत काफी नाजुक हो चुकी थी, उसकी सांस की नली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिससे उसकी जिंदगी खतरे में पड़ चुकी थी।
मुझे गर्व है अपोलोमेडिक्स की ईएनटी सर्जन्स की टीम पर जिन्होंने पूरे प्रोफेशनलिज्म के साथ अपने कर्तव्य को निभाया और मासूम की जान बचाई। मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि हम इसी तरह लोगों के भरोसे को हमेशा कायम रखेंगे।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3472
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1281
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 749
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 490
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 427
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9177
एस. के. राणा January 20 2026 0 5656
एस. के. राणा February 01 2026 0 5425
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5320
एस. के. राणा January 13 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35400
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35945
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73267
आगरा दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश में जल्द ही दवा कम्पनियों से होम्योपैथिक दवाओं की खरीद बंद होगी। राजधानी में होम्योपैथि
भारत में कोरोना संक्रमितों की घटती संख्या से लग रहा है कि कोरोना महामारी कुछ ही दिनों की मेहमान है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘इस महामारी के बीच, देश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के खिलाफ शार
उत्तर प्रदेश में 24 घंटे में कोरोना का एक मरीज सामने आया हैं। इस दौरान एक मरीज रिकवर भी हुआ। इसी के
रविवार को 15 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। तीन मरीजों का ऑपरेशन कर जान बचाने की कोशिश की गई है। 24 घंटों
डॉ. जैसवार कहती हैं कि माहवारी के दौरान स्वच्छता के अभाव में प्रजनन प्रणाली के संक्रमित (आरटीआई) होन
सीएसजेएमयू के फार्मेसी विभाग में डीफार्मा, बीफार्मा लेट्रल इंट्री, बीफार्मा, एमफार्मा (फार्मास्युटिक
इंडियन सोसायटी ऑफ हाइपरटेंशन की अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी बीपीकॉन 2022 का आरम्भ अटल बिहारी वाजपेई कंवे
उपचाराधीन मरीजों की संख्या 63 दिन के बाद 11 लाख से कम है जबकि 24 घंटों में आए 84,332 नए मामले 70 दिन

COMMENTS