












































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण की गति को तेज किया गया है। कोविड -19 टीके प्रभावी हैं लेकिन हाल के महीनों में उनकी क्षमता में गिरवाट देखी गयी है। यह निष्कर्ष अमेरिका में हुए ताजा शोध का है। अमेरिका के आठ अलग-अलग स्थानों पर एक अध्ययन किया गया। अध्यन में पाया गया कि समय के साथ कोविड-19 टीके कम प्रभावी हो जाते हैं।
यूटा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय (University of Utah Health) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वैज्ञानिकों ने दिसंबर 2020 और अगस्त 2021 के बीच पूरी तरह से टीकाकरण वाले फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के एक बड़े समूह में टीके की प्रभावशीलता का अध्ययन किया, जो पहले के सर्वेक्षणों में 91 प्रतिशत थी। यह अनुमान आरटी-पीसीआर परीक्षण पर आधारित थे। इस अध्ययन में यह शामिल नहीं था कि अस्पताल में भर्ती होने मृत्यु सहित गंभीर बीमारी से बचाने में प्रभावकारिता में कोई बदलाव आया है या नहीं।
परिवर्तन का एक कारण प्रतिरक्षा में कमी हो सकता है, वायरस के खिलाफ शरीर में वैक्सीन-सक्रिय सुरक्षा की ताकत में कमी कारण हो सकता है। अंतर इस तथ्य को भी प्रतिबिंबित कर सकता है कि टीके अत्यधिक संक्रामक डेल्टा संस्करण के खिलाफ उतने प्रभावी नहीं हैं, जो जून 2021 से अमेरिका में कोविड -19 का सबसे आम कारण बन गया है।
यह अध्ययन 24 अगस्त को यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की मॉर्बिडिटी मॉर्टेलिटी वीकली रिपोर्ट में प्रकाशित हुआ था।
HEROES नेटवर्क ने अमेरिका के कुछ राज्यों में कई स्थानों पर प्रयोग किया. सबसे पहले 4,136 स्वास्थ्य कर्मियों, पहले उत्तरदाताओं श्रमिकों को चुना जिनको पहले कोविड -19 नहीं था। अध्ययनकर्ताओं ने साप्ताहिक आधार पर आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए नमूने जमा किए 2,976 प्रतिभागियों को अध्ययन अवधि के भीतर फाइजर-बायोएनटेक (65%), मॉडर्न (33%), या जॉनसन एंड जॉनसन (2%) का टीका लगाया गया।
14 दिसंबर, 2020 से 14 अगस्त, 2021 के बीच इन समूहों के परीक्षा परिणाम बताते हैं कि असंक्रमित अध्ययन प्रतिभागियों में 181357 व्यक्ति-दिनों में 194 संक्रमण हुए। पूरी तरह से टीका लगाए गए प्रतिभागियों में 454,832 व्यक्ति-दिनों में 34 संक्रमण हुए। उस अवधि के दौरान टीके पूरी तरह से टीकाकरण अध्ययन प्रतिभागियों के लिए 80% प्रभावी थे लेकिन प्रारंभिक आंकड़ों से संकेत मिलता है कि पूर्ण टीकाकरण के पांच या अधिक महीनों के बाद टीके कम प्रभावी हो सकते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 560
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9765
एस. के. राणा January 20 2026 0 5978
एस. के. राणा February 01 2026 0 5950
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5572
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5117
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87456
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35631
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36120
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73526
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में कई दिनों तक इलाज चलने के बाद शुक्रवार को बच्चे की मौत हो गई। जापानी बुखार से
झारखंड के धनबाद में 170 करोड़ रुपए से बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जल्द ही ओपीडी सेवा शुरू होगी
आयुष मंत्रालय ने हल्का औऱ मध्यम रोगियों में भी होम्योपैथिक दवाईओं के प्रयोग के लिए गाइड लाइन जारी कर
इधर प्रशासन की ओर से लगातार डेंगू नियंत्रण का काम चल रहा है, फिर भी मामलों में कमी नहीं देखी जा रही
कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को उत्तर भारत का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान बनाने की ओर एक क
एस्ट्राजेनेका के टीके से कुछ लोगों में खून का थक्का जमने की दुर्लभ स्थिति के बारे में पता चलने के बा
राजधानी में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर खराब रसमलाई भारी पड़ गई और एक ही परिवार के सात लोग बीमार हो गए
सीढ़ियां चढ़ने से आपको एक मूड-बूस्टिंग एनर्जी मिल सकती है। इससे न सिर्फ कैलोरी को जलाने में मदद ली ज
अगर अचानक से त्वचा जल जाती है तो सबसे पहले आप ठंडा पानी डालें। उसके बाद अगर आपके घर में कोई क्रीम है
एसीएमओ डा. आरएन सिंह का कहना है कि डेंगू के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू मरीजों की संख

COMMENTS