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भविष्य में कोविड-19 से निपटने के लिए एक्शन में डब्ल्यूएचओ

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ऐसे 'पैथोजन्स' की पहचान के लिए एक लिस्ट बनाएगा, जो भविष्य में कोरोना जैसी महामारी को जन्म दे सकते हैं।

हे.जा.स.
November 26 2022 Updated: November 26 2022 23:15
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भविष्य में कोविड-19 से निपटने के लिए एक्शन में डब्ल्यूएचओ विश्व स्वास्थ्य संगठन

नयी दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस ने कहर बरपाया था। जिसको लेकर अब डब्ल्यूएचओ एक्शन मोड़ में नजर आ रहा है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ऐसे 'पैथोजन्स' की पहचान के लिए एक लिस्ट बनाएगा, जो भविष्य में कोरोना जैसी महामारी को जन्म दे सकते हैं। पिछले दो वर्षों में कोरोना के अलावा जीका, मंकीपॉक्स और निपाह जैसे वायरस की वजह से लाखों लोगों की जान गई है। ऐसे में डब्ल्यूएचओ ने अज्ञात बीमारी "डिजीज एक्स" अभी से काम करना शुरू कर दिया है, जो आने वाले समय में महामारी का रूप धारण कर सकती है।


डब्ल्यूएचओ द्वारा प्राथमिकता वाले रोगजनकों की इस लिस्ट में कोरोना, इबोला वायरस (ebola virus), मारबर्ग वायरस, लस्सा फीवर (lassa fever), एमईआरएस, सार्स, जीका और डिजीज एक्स शामिल हैं। इन रोगाणुओं को किसी भी महामारी के उत्पन्न होने की स्थिति में एक उपाय के तौर पर कड़ी निगरानी में रखा गया है।

 

डब्ल्यूएचओ द्वारा रोगजनकों की पहली सूची 2017 में प्रकाशित की गई थी। वर्तमान में कोविड -19 क्रीमियन-कॉन्ग हेमोररहाजिक बुखार (hemorrhagic fever), इबोला वायरस रोग और मारबर्ग वायरस रोग, लस्सा फीवर बुखार, मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (मर्स), सिंड्रोम और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स), निपाह और हेनिपाविरल रोग, रिफ्ट वैली फीवर, जीका और डिजीज "एक्स" शामिल हैं।

 

बता दें कि पैथोजन्स (Pathogens) का मतलब रोगजनक यानी बीमारी को जन्म देने वाला होता है। इसमें  विषाणु, जीवाणु, कवक और परजीवी शामिल हैं। इन सभी की वजह से अलग-अलग तरह की बीमारियों का जन्म होता है। ये किसी भी जीव, पेड़-पौधे या अन्य सूक्ष्म जीवों (microbes) को बीमार कर सकते हैं। मानव में जीवों के कारण होने वाले रोग को रोगजनक कहा जाता है।

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