देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

नियोकोव वायरस के खतरे को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लोगों के सामने रखा जा रहा है: वैज्ञानिकों

दुनियाभर में कोरोनावायरस के अलग-अलग वैरिएंट्स ने तबाही मचाना जारी रखा है। ज्यादातर देशों में फिलहाल डेल्टा वैरिएंट को रिप्लेस करके ओमिक्रॉन वैरिएंट काबिज हो रहा है।

एस. के. राणा
January 29 2022 Updated: January 29 2022 22:24
0 30013
नियोकोव वायरस के खतरे को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लोगों के सामने रखा जा रहा है: वैज्ञानिकों प्रतीकात्मक

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोनावायरस के अलग-अलग वैरिएंट्स ने तबाही मचाना जारी रखा है। ज्यादातर देशों में फिलहाल डेल्टा वैरिएंट को रिप्लेस कर के ओमिक्रॉन वैरिएंट काबिज हो रहा है। इस बीच एक नए तरह का कोरोनावायरस सामने आने की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, काफी समय से इंटरनेट पर ऐसी रिपोर्ट प्रसारित हो रही है, जिसमें कहा गया है कि एक नए वायरस- नियोकोव (NeoCoV) को दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों में फैला पाया गया है। कहा गया है कि यह वायरस इतना खतरनाक है कि इससे संक्रमित होने वाले हर तीन लोगों में से एक की मौत हो सकती है। हालांकि, यह रिपोर्ट कितनी सही है इसका अभी तक पुख्ता दावा नहीं किया जा सकता। 

कहां से आई है ये रिपोर्ट, जिससे लोगों में फैला डर?
जो न्यूज रिपोर्ट इस वक्त दुनियाभर में वायरल हो रही है, वह चीन के वैज्ञानिकों का एक रिसर्च पेपर है, जिसकी अन्य वैज्ञानिकों द्वारा पुष्टि (पीयर रिव्यू) नहीं हुई है। हालांकि, अगर फिर भी इस रिसर्च पेपर में दी गई बातों को सही माना जाए तो भी मीडिया में चल रही बातें इससे अलग हैं। इस रिपोर्ट को देखने वाले चंद वैज्ञानिकों का कहना है कि रिसर्च पेपर की बातों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लोगों के सामने रखा जा रहा है।

तो क्या है NeoCoV वायरस की सच्चाई?
ऐसा नहीं है कि नियोकोव वायरस दुनिया में मौजूद नहीं है। कुछ समय पहले ही दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों में इस वायरस को पाया गया था। बताया जाता है कि यह नियोकोव की बनावट काफी हद तक उस कोरोनावायरस जैसी है, जिसने 2012 में दक्षिण एशिया में फैलने वाले संक्रमण 'मिडिल-ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम' (MERS) को जन्म दिया था। 

अपनी रिसर्च में चीनी वैज्ञानिकों ने पाया कि चमगादड़ों को संक्रमित करने के लिए नियोकोव वायरस ने जिन रिसेप्टर्स (अनुग्राही कोशिकाओं) का इस्तेमाल किया, वे इंसान की उन कोशिकाओं से काफी मिलती-जुलती हैं, जिनकी मदद से सार्स-सीओवी-2 इंसानों के शरीर में फैलता है। 

रिपोर्ट में NeoCoV को लेकर कितना भ्रम?
हालांकि, नियोकोव को लेकर इसके आगे कही जा रही अधिकतर बातें बढ़ा-चढ़ाकर ही पेश की गई हैं। महाराष्ट्र के कोरोनावायरस टास्क फोर्स के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर शशांक जोशी ने अपने ट्वीट के जरिए नियोकोव को लेकर फैले भ्रम को दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा... 

1. "नियोकोव एक पुराना वायरस है, जो कि MERS की तरह ही डीपीपी4 रिसेप्टर्स के जरिए कोशिकाओं तक पहुंचता है।"

2. "इस वायरस में नया ये है कि यह चमगादड़ों के एसीई2 रिसेप्टर्स (ACE2 Receptors) को प्रभावित कर सकता है, लेकिन जब तक इसमें नया म्यूटेशन नहीं होता, यह इंसानों के एसीई2 रिसेप्टर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकता। बाकी सब सिर्फ बढ़ा-चढ़ाकर की गई बातें हैं।"

खुद रिसर्च पेपर में भी कहा गया है कि नियोकोव को अब तक सिर्फ चमगादड़ों में पाया गया है और इससे कभी भी इंसान संक्रमित नहीं हुए। इसकी हर तीन में से एक व्यक्ति को मारने की क्षमता इस तथ्य से आई है कि यह मर्स (MERS) वायरस जैसा है। स्टडी में मर्स संक्रमण से मृत्यु दर 35 फीसदी आंकी गई है।

चौंकाने वाली बात यह है कि जब दक्षिण एशिया में मर्स फैला था, तब यह एक सीमित स्तर तक ही प्रभावी था। कोरोनावायरस के मौजूदा प्रारूप की तरह यह महामारी नहीं बना था। फिलहाल नियोकोव के चमगादड़ों से इंसानों में फैलने के कोई सबूत नहीं हैं। रिसर्चरों ने कहा है कि लैब एक्सपेरिमेंट्स में भी वायरस को इंसानों के एसीई2 रिसेप्टर्स को प्रभावित करने में नाकाम पाया गया।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मैत्री पहल के तहत भारत ने बारबाडोस और डोमिनिका को कोविड-19 टीकों की दो खेप भेजी।

मैत्री पहल के तहत भारत ने बारबाडोस और डोमिनिका को कोविड-19 टीकों की दो खेप भेजी।

हे.जा.स. February 09 2021 37454

मेरी सरकार और जनता की तरफ से, मैं कोविशील्ड टीकों के सबसे उदार दान के लिए आपकी सरकार और गणतंत्र की ज

उपेक्षित रोगों के उन्मूलन में समुदाय का सहयोग जरूरी: स्वास्थ्य राज्य मंत्री

उपेक्षित रोगों के उन्मूलन में समुदाय का सहयोग जरूरी: स्वास्थ्य राज्य मंत्री

हुज़ैफ़ा अबरार January 31 2026 3297

10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए निर्णायक सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान शुरू हो रहा है। सब लोग

आइए जानते है ब्लैक टी पीने के फायदे

आइए जानते है ब्लैक टी पीने के फायदे

आरती तिवारी November 27 2022 45891

रिसर्च के मुताबिक खाली पेट दूध वाली चाय पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। लेकिन वहीं चाय को ब

कोविड-19: चीन के हैनान प्रांत में लॉकडाउन का दायरा बढ़ा 

कोविड-19: चीन के हैनान प्रांत में लॉकडाउन का दायरा बढ़ा 

हे.जा.स. August 09 2022 31143

तटीय शहर सानया में शनिवार से ही अनिश्चितकालीन लॉकडाउन लगा हुआ है, जिससे चीनी नागरिक और पर्यटक अपने-अ

जम्मू में डेंगू का कहर

जम्मू में डेंगू का कहर

विशेष संवाददाता October 23 2022 32510

जम्मू शहर के प्रमुख अस्पतालों में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई वार्ड

अध्ययन में पाएं गए मंकीपॉक्स के दो नए लक्षण, समलैंगिकता भी है प्रमुख कारण

अध्ययन में पाएं गए मंकीपॉक्स के दो नए लक्षण, समलैंगिकता भी है प्रमुख कारण

हे.जा.स. August 10 2022 29682

अध्ययन में मंकीपॉक्स संक्रमण के नए लक्षण सामने आएं हैं। शोधकर्ताओं ने मंकीपॉक्स के दो नए लक्षण पाए ह

केंद्र सरकार ने दो फार्मा कंपनियों को बंद करने, तीन अन्य का विनिवेश करने का फैसला लिया।

केंद्र सरकार ने दो फार्मा कंपनियों को बंद करने, तीन अन्य का विनिवेश करने का फैसला लिया।

हे.जा.स. February 11 2021 27282

सरकार ने IDPL और RDPL के सभी कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लाभ देने की पेशकश की है।

मासिक धर्म से पहले महिलाएं क्यों हो जाती हैं उदास, जानिए इससे बचाव के उपाय

मासिक धर्म से पहले महिलाएं क्यों हो जाती हैं उदास, जानिए इससे बचाव के उपाय

श्वेता सिंह September 15 2022 29246

मासिक धर्म से पहले शारीरिक परेशानियों के बारे में तो महिलाएं जानती हैं लेकिन उससे जुड़े मानसिक बदलाव

'वन वर्ल्ड टीबी समिट' में बोले सीएम योगी, कहा- यूपी में 2.70 लाख टीबी मरीजों को लिया गया गोद

आरती तिवारी March 24 2023 24210

मुख्यमंत्री ने कहा कि संचारी रोग, जापानी बुखार और ‘एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम’ (चमकी खुबार) को उत्

विश्व अंगदान दिवस पर आरएमएलआईएमएस में जागरूकता कार्यक्रम

विश्व अंगदान दिवस पर आरएमएलआईएमएस में जागरूकता कार्यक्रम

हुज़ैफ़ा अबरार August 12 2026 756

संस्थान अब मृतक दाता से अंग प्रत्यारोपण शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़े और सभी संबंधित टीमें इ

Login Panel