











































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोनावायरस के अलग-अलग वैरिएंट्स ने तबाही मचाना जारी रखा है। ज्यादातर देशों में फिलहाल डेल्टा वैरिएंट को रिप्लेस कर के ओमिक्रॉन वैरिएंट काबिज हो रहा है। इस बीच एक नए तरह का कोरोनावायरस सामने आने की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, काफी समय से इंटरनेट पर ऐसी रिपोर्ट प्रसारित हो रही है, जिसमें कहा गया है कि एक नए वायरस- नियोकोव (NeoCoV) को दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों में फैला पाया गया है। कहा गया है कि यह वायरस इतना खतरनाक है कि इससे संक्रमित होने वाले हर तीन लोगों में से एक की मौत हो सकती है। हालांकि, यह रिपोर्ट कितनी सही है इसका अभी तक पुख्ता दावा नहीं किया जा सकता।
कहां से आई है ये रिपोर्ट, जिससे लोगों में फैला डर?
जो न्यूज रिपोर्ट इस वक्त दुनियाभर में वायरल हो रही है, वह चीन के वैज्ञानिकों का एक रिसर्च पेपर है, जिसकी अन्य वैज्ञानिकों द्वारा पुष्टि (पीयर रिव्यू) नहीं हुई है। हालांकि, अगर फिर भी इस रिसर्च पेपर में दी गई बातों को सही माना जाए तो भी मीडिया में चल रही बातें इससे अलग हैं। इस रिपोर्ट को देखने वाले चंद वैज्ञानिकों का कहना है कि रिसर्च पेपर की बातों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लोगों के सामने रखा जा रहा है।
तो क्या है NeoCoV वायरस की सच्चाई?
ऐसा नहीं है कि नियोकोव वायरस दुनिया में मौजूद नहीं है। कुछ समय पहले ही दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों में इस वायरस को पाया गया था। बताया जाता है कि यह नियोकोव की बनावट काफी हद तक उस कोरोनावायरस जैसी है, जिसने 2012 में दक्षिण एशिया में फैलने वाले संक्रमण 'मिडिल-ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम' (MERS) को जन्म दिया था।
अपनी रिसर्च में चीनी वैज्ञानिकों ने पाया कि चमगादड़ों को संक्रमित करने के लिए नियोकोव वायरस ने जिन रिसेप्टर्स (अनुग्राही कोशिकाओं) का इस्तेमाल किया, वे इंसान की उन कोशिकाओं से काफी मिलती-जुलती हैं, जिनकी मदद से सार्स-सीओवी-2 इंसानों के शरीर में फैलता है।
रिपोर्ट में NeoCoV को लेकर कितना भ्रम?
हालांकि, नियोकोव को लेकर इसके आगे कही जा रही अधिकतर बातें बढ़ा-चढ़ाकर ही पेश की गई हैं। महाराष्ट्र के कोरोनावायरस टास्क फोर्स के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर शशांक जोशी ने अपने ट्वीट के जरिए नियोकोव को लेकर फैले भ्रम को दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा...
1. "नियोकोव एक पुराना वायरस है, जो कि MERS की तरह ही डीपीपी4 रिसेप्टर्स के जरिए कोशिकाओं तक पहुंचता है।"
2. "इस वायरस में नया ये है कि यह चमगादड़ों के एसीई2 रिसेप्टर्स (ACE2 Receptors) को प्रभावित कर सकता है, लेकिन जब तक इसमें नया म्यूटेशन नहीं होता, यह इंसानों के एसीई2 रिसेप्टर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकता। बाकी सब सिर्फ बढ़ा-चढ़ाकर की गई बातें हैं।"
खुद रिसर्च पेपर में भी कहा गया है कि नियोकोव को अब तक सिर्फ चमगादड़ों में पाया गया है और इससे कभी भी इंसान संक्रमित नहीं हुए। इसकी हर तीन में से एक व्यक्ति को मारने की क्षमता इस तथ्य से आई है कि यह मर्स (MERS) वायरस जैसा है। स्टडी में मर्स संक्रमण से मृत्यु दर 35 फीसदी आंकी गई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जब दक्षिण एशिया में मर्स फैला था, तब यह एक सीमित स्तर तक ही प्रभावी था। कोरोनावायरस के मौजूदा प्रारूप की तरह यह महामारी नहीं बना था। फिलहाल नियोकोव के चमगादड़ों से इंसानों में फैलने के कोई सबूत नहीं हैं। रिसर्चरों ने कहा है कि लैब एक्सपेरिमेंट्स में भी वायरस को इंसानों के एसीई2 रिसेप्टर्स को प्रभावित करने में नाकाम पाया गया।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3059
एस. के. राणा January 20 2026 0 2681
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2646
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2513
एस. के. राणा February 01 2026 0 2149
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106732
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97047
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109253
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109438
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने लुधियाना की जनता को आज 80 नए आम आदमी क्
विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और परामर्श दिया गया। शिविर में निःशुल्क दवाओं का भी वि
बच्चों का गला और ऊपरी श्वसन तंत्र वयस्कों की तुलना में काफी छोटा होता है। ओमिक्रोन इसी हिस्से को सबस
शुक्रवार को दिन के दौरान 27 बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया और 25 बच्चों का स्वास्थ्य ठीक हो
दुनियाभर में कोरोना ने कोहराम मचा दिया था। कोविड-19 की चपेट में आने से लाखों लोगों ने अपनी जान गंवा
NMC ने यूक्रेन के एकेडमिक मोबिलिटी प्रोग्राम को मान्यता दे दी है। इसके तहत ऐसे छात्रों को अपना बचा
आवेदन के इच्छुक अभ्यर्थी इस लिंक पर जाकर http://uppsc.up.nic.in/Notifications.aspx पर जाकर निर्देशों
अमेरिका से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कपल ने मात्र 48 घंटे में बच्चे को जन्म दिया
महामहिम आनंदीबेन पटेल ने कहा मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल जैसे राष
डॉ. आशुतोष वर्मा पूरी तरह से लोगों के लिए समर्पित रहते हैं। हर महीने की 20 तारीख को वह सभी मरीज़ों का

COMMENTS