











































सांकेतिक चित्र
शिमला। मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या लोगों में तेजी से फैल रही है। वहीं युवा वर्ग इस तरह की बीमारी की जद्द में अधिक आ रहे हैं। आईजीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन 300 मरीजों का उपचार किया जाता है। आजकल इसमें वायरल फीवर के मामले अधिक हैं। ओपीडी में रोजाना 15 से 20 नए मामले आ रहे हैं। इनमें युवा अधिक हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है तो ऐसे में वायरल फीवर (viral fever) के साथ मरीजों को यह बीमारी भी हो सकती है। इसलिए एहतियात बरतें। पहले की तरह मास्क लगाकर रखें और हाथों को बार-बार धोएं।डॉक्टरों का कहना है कि आम तौर पर यह दिक्कतें कुछ समय में ठीक हो सकती हैं लेकिन हर बार सर्दी जुकाम होने पर वायरल फीवर होने से मुसीबत बढ़ भी सकती है। आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग (Department of Medicine) के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि इस तरह की समस्या आने पर तुरंत मरीज को उपचार के लिए अस्पताल आना चाहिए।
क्या है वायरल फीवर के लक्षण? (Symptoms of Viral Fever)
वायरल फीवर के आम तौर पर बहुत से लक्षण है जो की कई अन्य बीमारियों के लक्षणों के समान है। वायरल फीवर के कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों को जानना बहुत जरूरी है। जिससे वायरल फीवर और दूसरी बीमारी में फर्क किया जा सके। बुखार के स्तर को निर्धारित करने के लिए आपको लगातार शरीर के तापमान की जांच करनी चाहिए।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4018
एस. के. राणा January 20 2026 0 3913
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86413
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34133
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
फाइलेरिया एक परजीवी रोग है जो फाइलेरियोइडिया टाइप राउंडवॉर्म के संक्रमण से होता है। वे खून चूसने वा
आपात प्रयोग सूची में शामिल किये जाने की स्वीकृति दी है: कोवोवैक्स, मॉडर्ना, फ़ाइज़र, जैनसन, ऐस्ट्राज
देश में कोरोना संक्रमण में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। वहीं सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज महाराष्ट्र में
वेबिनर होम्योपैथी कि स्त्री रोगों में भूमिका विषय पर था। कार्यक्रम कि अध्यक्षता डॉ0 रचना श्रीवास्तव
लीवर की बीमारी होने में मात्र बहुत ज्यादा शराब का सेवन ही जिम्मेदार नहीं है। दरअसल बहुत से लोग जिन्ह
भरतपुर के 5 मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में अगले वित्तीय वर्ष में जल्दी ही एमआरआई की मशीन लगेगी। राज
यूपी की जनता को जल्द ही 6 अस्पताल की सौगात मिलेगी। वहीं कई जिलों में हॉस्पिटलों का निर्माण कार्य तेज
लखनऊ के सीएमओ मनोज अग्रवाल ने कहा, "हमने प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए केजीएमयू, एसजीपीजीआई, जिला स्
चीन में आम जीवन स्तर ऊंचा हो रहा है, लेकिन इसकी महंगी कीमत भी वहां के लोगों चुकानी पड़ रही है। हालात
खर्राटे लेना एक गम्भीर त्रासदी बन गई है। इसे हिडेन एपीडेमिक कहा जाने लगा है। कोविड-19 के दौरान लोग घ

COMMENTS