











































कालाजार उन्मूलन योजना पर लखनऊ में जुटे केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारीगण
लखनऊ। भारत में कालाजार उन्मूलन हेतु आज लखनऊ, उत्तर प्रदेश में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की शुरूआत हुई। समीक्षा बैठक का नेतृत्व राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (NCVBDC) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं पाथ ने संयुक्त रूप से किया। दो दिवसीय (15-16 जुलाई) चलने वाली इस समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में उन्मूलन लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा का आकलन कर कालाजार उन्मूलन के लिए एक व्यापक जिला और ब्लॉक स्तरीय कार्य योजना तैयार की जायेगी।
बैठक के उद्घाटन सत्र में डॉ. वी. के. चौधरी, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक, महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें (Directorate General Health Services), लखनऊ, उत्तर प्रदेश, डॉ. मानस प्रतिम रॉय, अपर महानिदेशक, महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें, भारत सरकार, डॉ. तनु जैन, निदेशक, एनसीवीबीडीसी, डॉ. नुपुर रॉय, सीनियर सीएमओ,एनसीवीबीडीसी, डॉ. नरेश कुमार गिल, उप-निदेशक, एनसीवीबीडीसी, राजीव मांझी, संयुक्त संचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ. अनिल गोयल, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ. पोलिन चान, टीम लीड, संचारी रोग विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ, चार प्रदेशों के राज्य कार्यक्रम अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं यथा- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज (Global Health Strategies), प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (Project Concern International), पाथ, केयर एवं सीफार के प्रतिनिधियों ने प्रतिभागिता की।

सरकार की कालाजार (kala-azar) उन्मूलन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, संयुक्त संचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि, “सरकार कालाजार उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित है और कालाजार से प्रभावित सभी क्षेत्रों में रणनीति बनाकर कार्य किया जा रहा है। कालाजार उन्मूलन हेतु एकीकृत सूक्ष्म कार्ययोजना बनाकर , गांव और ब्लॉक स्तर पर इसके उन्मूलन हेतु गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं और कालाजार से प्रभावित गांवों के हर घर में कीटनाशी छिड़काव (Insecticide Spraying) सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हम सभी को मिलकर अगले वित्तीय वर्ष तक कालाजार उन्मूलन (elimination of Kala-azar) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।” उन्होंने कहा कि इन दो दिवसीय समीक्षा बैठक में कालाजार उन्मूलन हेतु विस्तृत कार्य योजना के विकास पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया जायेगा।
डॉ. अनिल गोयल, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare), भारत सरकार ने बताया कि हम सब के समेकित प्रयास से विगत एक वर्ष में कालाजार मामलों में बहुत कमी की गई है और शीघ्र ही हम कालाजार मुक्त के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।
निदेशक एनसीवीबीडीसी, भारत सरकार, डॉ. तनु जैन ने सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि, “हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम कालाजार उन्मूलन की दिशा में कार्य करें। संबद्ध विभागों, स्वयं सहायता समूहों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और डेवलपमेंट पार्टनर्स के संयुक्त प्रयासों से हमें उन्मूलन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।”







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