












































प्रतीकात्मक चित्र
भारत में डेंगू बीमारी एक खास मच्छर के काटने से फैलती है। साल दर साल देश में डेंगू के केस की संख्या में इजाफा ही देखने को मिल रहा है। मानसून के बाद इसमें काफी तेजी से बढ़ोतरी होती है। डेंगू वायरस गंदे पानी में पनपने वाले मच्छरों से फैलता है।
इससे संक्रमित होने से बचाव का सबसे आसान तरीका यही है कि आप अपने आसपास के वातावरण को साफ रखें और गंदे पानी को एकत्रित होने से रोकें। इस बीमारी की शुरुआत सिर दर्द, उल्टी, शरीर में दर्द और तेज बुखार (fever) से शुरू होती है। अगर ये ज्यादा प्रभावी है तो मरीज को मसूड़ों से खून आना, पेट में दर्द और खून की उल्टी आदि जैसी गंभीर दिक्कत भी हो सकती है।
इस बीमारी के इलाज और दवाई के अलावा इससे बचाव के लिए बेहतर डाइट (diet) की सलाह दी जाती है। अगर आप तेजी से ठीक होना चाहते हैं तो आपको इसके लिए खास डाइट की जरूरत पड़ती है। डेंगू के बुखार में सबसे ज्यादा जरूरी है कि मरीज के शरीर में पानी की कमी ना होने दें। उसे ताजे फलों का रस (fruit juice), सूप, फ्रेश नारियल का पानी, अनार और अनानास का जूस देते रहें। इसमें बुखार और कमजोरी को दूर करने के लिए रीहाइड्रेशन ही सबसे अच्छी थैरेपी होती है।
डेंगू (dengue) के बुखार में मरीज की भूख मर जाती है। पाचन क्रिया भी सुस्त पड़ जाती है। इसलिए उसकी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल किया जाना चाहिए जो पौष्टिक होने के साथ-साथ आसानी से डाइजेस्ट हो सकें। इसके लिए आप मिक्स वेज खिचड़ी, दलिया और दाल जैसी चीजें खाने में दे सकते हैं। छोटे-छोटे दाने वाला फल अनार आयरन का बड़ा सोर्स है जो कि ब्लड प्लेटलेट्स काउंट को बनाए रखने में मदद करता है। डेंगू वायरस (dengue virus ) के कारण ब्लड प्लेटलेट्स (platelates) गिरते हैं। अगर इन्हें मेंटेन किया जाता है तो बॉडी में तेजी से सुधार होता है। इस बीमारी के दौरान बॉडी में थकावट होती है। अनार इसी के साथ थकान और थकावट को कम करने में भी मदद करता है।
डेंगू के मरीज को पपीते के पत्ते और बीज के सेवन की सलाह दी जाती है। पपीते के पत्तों और बीजों से निकाला गया रस इस वायरस के मरीजों को बहुत फायदा करता है, इन्हें पीसकर भी खाया जा सकता है। यह ब्लड प्लेटलेट्स बनाने में मदद करता है। रिसर्च से पता चला है कि एडीज मच्छरों के लिए पपीते के बीज टॉक्सिक हैं। पता हो कि एडीज वायरस फैलाने वाले मच्छरों में से एक हैं, जो कि डेंगू की शुरुआत करते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1218
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1078
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 903
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 700
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 623
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6601
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1491
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1484
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1435
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1351
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1218
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10241
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6601
एस. के. राणा February 01 2026 0 6468
एस. के. राणा January 20 2026 0 6314
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5880
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5775
एस. के. राणा January 13 2026 0 5320
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87652
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35918
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38825
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36323
लेख विभाग March 19 2022 0 35889
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73897
500 से अधिक रोगियों ने अपना पंजीकरण करवाया था जिसमें से 200 से अधिक रोगियों का मोतियाबिंद का आपरेशन
दातुन या परम्परागत मंजन वैक्टीरिया को मारता तो है लेकिन ये दांतों की सफाई पूरी तरह नहीं करता है। टूथ
यह पुरस्कार उनके द्वारा चिकित्सा शिक्षण, अध्यापन एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने एवं कोर
देश को 2025 तक क्षय रोग मुक्त किये जाने हेतु सभी लोग जागरुक हों। क्षय ग्रस्त बच्चों को गोद लें और उन
अगर प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया तो हम कोरोना प्रतिबंधों में ढील के फैसले को फिर से रद्द कर सकते
यूरोलाजिस्ट डा. शिव शंकर शाही का मानना है कि उच्च रक्तचाप, हाइपर टेंशन, असमय भोजन, अशुद्ध भोजन, अशु
ज्यादातर महिलाओं में स्किन के लूज होने की वजह बढ़ती उम्र होती है। लेकिन आज के समय में कम उम्र में भी
कोरोना संक्रमितों का ग्राफ यूपी में धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में दो को
यूरोप क्षेत्र में शामिल 53 देशों में (मध्य एशिया के करीब) पिछले हफ्ते कोरोना के 30 लाख नए मामले सामन
120/80 के स्थान पर डायरिया रोगी का ब्लड प्रेशर 85/45 तक हो जाता है। उसका बीपी और पल्स नहीं मिलती। रो

COMMENTS