











































प्रतीकात्मक
लीवर की बीमारी होने में मात्र बहुत ज्यादा शराब का सेवन ही जिम्मेदार नहीं है। दरअसल बहुत से लोग जिन्हें लीवर की बीमारी है, वे बिल्कुल भी शराब का सेवन नहीं कर रहे होते हैं। लीवर फेलियर (Liver Failure) के कुछ प्रारंभिक लक्षण और संकेतों में आपकी त्वचा तथा आंखों की पुतलियों का पीला हो जाना, आपके ऊपरी दाहिने पेट में दर्द होना, पेट में सूजन, मतली, उल्टी, अस्वस्थ महसूस करने की सामान्य भावना, नींद में रहना या भ्रम होना या मीठी गंध महसूस होना और कंपकंपी लगना शामिल हो सकता है।
रीजेंसी सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, (Regency Superspeciality Hospital) लखनऊ के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी- कंसल्टेंट, डीएम, एमडी डॉ प्रवीण झा के अनुसार इस तथ्य को भूल जाना चाहिए कि लीवर फेलियर की घटना जानलेवा होती है। अगर कोई आँखों या त्वचा में अचानक से पीलापन, ऊपरी पेट में कोमलता; या कोई असामान्य मानसिक स्थिति, व्यक्तित्व या व्यवहार में बदलाव महसूस करता है, तो तुरंत डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए।
बहुत ज्यादा एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल, पेरासिटामोल, आदि) का सेवन कई देशों में एक्यूट लीवर फेलियर का सबसे बड़ा कारण होता है। भारत में पेरासिटामोल सबसे ज्यादा ज्ञात एसिटामिनोफेन का रूप है। अध्ययन से पता चला है कि कई दिनों तक एसिटामिनोफेन के बहुत ज्यादा सेवन के कारण या कई दिनों तक हर दिन ओवर डोज से लीवर फेलियर की घटना हो सकती है। कावा, एफेड्रा, स्कलकैप और पेनिरॉयल जैसी हर्बल दवाएं और सप्लीमेंट एक्यूट लीवर फेलियर के लिए जिम्मेदार होते हैं। हालांकि ऐसे केसेस बहुत कम देखे जाते हैं। हमारे पास इस तरह के कारणों पर बहुत ही कम डेटा मौजूद है। इसलिए जब हर्बल सप्लीमेंट लेने की बात आती है, तो इसके बारे में विधिवत जानकारी बढ़ाना और जड़ी-बूटियों तथा हर्बल उत्पादों के संभावित खतरों के बारे में जन जागरूकता फैलाना जरूरी है।
हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B, और हेपेटाइटिस C से एक्यूट लीवर फेलियर हो सकता है। इन सभी बीमारियों में वायरस मुख्य रूप से हमारे लीवर पर हमला करते है, जिससे लीवर में चोट और सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस C सबसे गंभीर होता है और इस केस में लीवर की सूजन इतनी अधिक होती है कि इससे लीवर आसानी से खराब हो सकता है। एपस्टीन-बार वायरस, साइटोमेगालोवायरस और हर्पीज सिम्प्लेक्स इसी तरह के अन्य वायरस हैं जिससे लीवर ख़राब हो सकता है।
एंटीबायोटिक्स, नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स और एंटीकॉन्वेलेंट्स आदि प्रिस्क्रिप्शन दवाओं से एक्यूट लीवर फेलियर की घटना हो सकती है। आमतौर पर दवा से होने वाली लीवर की चोट थेरेपी को रोकने के कुछ दिनों से लेकर एक हफ्ते में ठीक होना शुरू हो जाती है। कुछ केसेस (एसिटामिनोफेन, नियासिन) में यह बहुत तेजी से ठीक होता है लेकिन ज्यादातर केसेस में चोट कई हफ्तों या महीनों तक पूरी तरह से ठीक नही हो पाती है।जिन टॉक्सिन से एक्यूट लीवर फेलियर हो सकता हैं उनमें जहरीला जंगली मशरूम अमानिता फालोइड्स शामिल है। इन्हे अगर कभी-कभी खाया जाए तो यह सुरक्षित हो सकता है। कार्बन टेट्राक्लोराइड, जो वार्निश, वैक्स और अन्य सामग्रियों में पाया जाता है, एक तरह का टॉक्सिन है जो एक्यूट लीवर फेलियर के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर (Non-alcoholic fatty liver disease) बीमारी कई लोगों में लीवर खराब होने का एक प्रमुख कारण होता है। होने नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर पर लीवर की कोशिकाओं में बहुत ज्यादा फैट जमा हो जाता है। नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर होने के प्रमुख कारकों में मोटापा, गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप 2 डायबिटीज हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 1239
हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2026 0 1001
हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 27 2026 0 469
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2026 0 371
हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 336
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 35
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9695
एस. के. राणा January 20 2026 0 5915
एस. के. राणा February 01 2026 0 5894
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5565
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5544
एस. के. राणा January 13 2026 0 5110
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87442
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35617
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36092
लेख विभाग March 19 2022 0 35672
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73477
प्राचीन काल में ऋषि-मुनि वर्षों तक ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर चिंतन मनन कर मनुष्यों के कल्याणार्थ उपदेश
हर्षवर्धन ने कहा कि एडवांस डिप्लोमा इन हॉस्पिटल लिनन एंड लांड्री सर्विस मैनेजमेंट, एडवांस डिप्लोमा
रोटेटर कफ कंधे की मांसपेशियों और टेंडन का समूह है, जिसके फटने पर कई मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ सक
ओपीडी में इस व्यवस्था लागू कर दिया गया है। कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट के बाद ही मरीज भर्ती किए जा रहे
इसमें कोई शक़ नहीं कि धूम्रपान करना एक बेहद ख़राब आदत है। स्मोकिंग एक व्यक्ति को कई तरह से प्रभावित
विकसित देशों में जहां कैंसर के 70 फीसदी से ज्यादा मामले शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाते हैं वहीं हमा
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमा कोहली की बेंच ने सोमवार को चेतावनी दी कि ऐसा करने वालों को कद
मरीज के भविष्य की मातृत्व क्षमता को बचाने के लिए, डॉ. नेगी ने रोबोटिक मायोमेक्टोमी (फाइब्रॉइड हटाने
कॉलेज के जो छात्र सुबह नाश्ता नहीं करते, उनके लिए सुबह बादाम खाना एक स्मार्ट विकल्प हो सकता है। इससे
राजधानी लखनऊ के दो बड़ी सरकारी अस्पतालों समेत 19 सीएचसी पर बिना पैथोलॉजिस्ट के ही मरीजों के खून की ज

COMMENTS