











































लखनऊ। देश भर में चिकित्सकों तथा चिकित्साकर्मियों के साथ हिंसा तथा हमले के विरोध में इण्डियन मेडिकल एसोसियेशन लखनऊ ने आई0एम0ए0 भवन लखनऊ में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रेस वार्ता का आयोजन नई दिल्ली मुख्यालय के आह्वान पर किया गया। यह निर्णय लिया गया कि 18 जून को इण्डियन मेडिकल एसोसियेशन के नेतृत्व में विरोध दिवस मनाया जायेगा।
इण्डियन मेडिकल एसोसियेशन ने चिकित्सा एवं चिकित्साकर्मियों पर हो रहे हमलों के विरोध में डाक्टरों की एकजुतटा और नाराजगी प्रकट करने के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया। विरोध प्रदर्शन का नारा होगा 'योद्धाओं की रक्षा करो'। इसमें चिकित्सा पेशें से जुड़े डाक्टरों एवं कर्मियों पर हमले रोकने की मांग किया जाएगा।

आईएमए की सभी शाखाओं द्वारा देशभर में 15 जून को नेशनल डिमांड डे और प्रेस वार्ता आयोजित किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के विरोध में श्वेत पत्र जारी किया जाएगा।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेए जयालाल ने कहा, 'आईएमए अपने उन सभी 724 योद्धाओं को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने महामारी की दूसरी लहर के दौरान अपनी शहादत दी है। हमारे 724 योद्धाओं की शहादत के बावजूद समर्पण भाव से स्वास्थ्य सेवा देते आ रहे हैं और कई डॉक्टर संक्रमित भी हो चुके हैं।
आईएमए के महासचिव डॉ. जयेश एम लेले ने कहा, 'पिछले दो सप्ताह के अंदर असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और कई अन्य जगहों पर डॉक्टरों पर हिंसा की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई डॉक्टरों की हड्डियां भी टूटीं और कई गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
महिला डॉक्टरों के साथ भी गाली—गलौच और हिंसक घटनाएं हुई हैं। आईएमए ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील किया कि स्वास्थ्यसेवा प्रदाताओं को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराया जाए। केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी की धारा और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल किया जाये। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाने, अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने, दोषियों के खिलाफ फास्ट—ट्रैक अदालत में सुनवाई और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान को शामिल किया जाए।
18 जून 2021 को हिंसा के खिलाफ देशभर में डॉक्टर काला बिल्ला, काले झंडे, काले मास्क, काली रिबन, काली शर्ट पहनकर विरोध प्रकट करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन कार्यस्थलों और आईएमए बिल्डिंग के प्रमुख केंद्रों और अस्पतालों में मनाया जाएगा। आमजन को कोई समस्या ना हो इसीलिए इमरजेंसी सेवाएं एवं ओपीडी सेवाएं सुचाररूप से चलती रहेगी। विरोध प्रदर्शन के बाद सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसके बाद सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के साथ संवाददाता सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रेस वार्ता में डॉ रुकसाना खान, डॉ मनीष टंडन, डॉ मनोज अस्थाना उपस्थित रहे।







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