











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली (भाषा)। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 60,471 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,95,70,881 हो गई। देश में 75 दिन बाद संक्रमण के इतने कम नए मामले सामने आए हैं और दैनिक संक्रमण दर भी घटकर 3.45 प्रतिशत हो गई है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकडों के अनुसार, देश में 2,726 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,77,031 हो गई। उपचाराधीन मामले भी कम होकर 9,13,378 हो गए हैं, जो संक्रमण के कुल मामलों का 3.09 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मामलों में कुल 59,780 की कमी आई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर अब 95.64 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 38,13,75,984 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 17,51,358 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 3.45 प्रतिशत है। पिछले आठ दिन से यह दर पांच प्रतिशत से कम बनी हुई है। वहीं, संक्रमण की साप्ताहिक दर भी कम होकर 4.39 प्रतिशत हो गई है। संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या लगातार 33वें दिन संक्रमण के नए मामलों से अधिक रही।
देश में अभी तक कुल 2,82,80,472 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। कोविड-19 से मत्यु दर बढ़कर 1.28 प्रतिशत हो गई है। देश में अभी तक कुल 25,90,44,072 लोगों को कोविड-19 रोधी टीके लग चुके हैं।
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख के पार हो गए। देश में 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार और चार मई को दो करोड़ के पार चले गए थे।
आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में जिन 2,726 लोगों की संक्रमण से मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 1,592, तमिलनाडु के 254, केरल के 161 और कर्नाटक के 120 लोग थे।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक कुल 3,77,031 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,12,696 मरीज , कर्नाटक के 33,033 मरीज, तमिलनाडु के 29,801 मरीज, दिल्ली के 24,839 मरीज, उत्तर प्रदेश के 21,858 मरीज, पश्चिम बंगाल के 16,974 मरीज, पंजाब के 15,602 मरीज और छत्तीसगढ़ के 13,334 मरीज थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 1253
हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2026 0 1071
हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 553
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 525
हुज़ैफ़ा अबरार September 27 2026 0 504
हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2026 0 483
हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2026 0 434
हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 525
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9695
एस. के. राणा January 20 2026 0 5929
एस. के. राणा February 01 2026 0 5901
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5565
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5110
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87449
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35624
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36099
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73498
भारत में बने कफ सीरप से अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के दावे पर सरकार ने सख्त रुख अपनात
महिला नसबंदी करवाने पर लाभार्थी को 1400 रूपये की प्रतिपूर्ति धनराशि तथा पुरुष नसबंदी करवाने पर लाभार
आयोजन में एसोसिएशन ऑफ डायग्नोस्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स इंडिया (एडीएमआई), फोर्स बायोमेडिकल और पब्लिक प्
वर्ष 1987 में मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम (MHA-87) लागू किया गया। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1996 में मानसि
केंद्र सरकार से वैक्सीन मिलने के बाद लखनऊ को 42 हजार 700 कोविशील्ड वैक्सीन आवंटित कर दी गई है। स्वास
होम्योपैथी के पीछे का विज्ञान: एपिजेनेटिक्स पर प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम के वक्ता डॉ नितिन के.
शरीर के हर अंग की वैसे तो हमारे जीवन में खास अहमियत है किन्तु फेफड़े इसमें अहम भूमिका निभाते हैं क्यो
इस जागरूकता पहल के माध्यम से रीजेंसी हॉस्पिटल लखनऊ लंबे समय से कब्ज की समस्या से ग्रसित खासकर वे लोग
दो महीने से अधिक समय से दवा की देशव्यापी कमी के साथ, विशेषज्ञों ने कहा कि पॉसकोनाज़ोल के उपयोग पर सल
डेंगू के एक मरीज को कथित तौर पर प्लाज्मा की जगह मीठा नींबू का रस (मौसमी जूस) दिया गया। इससे उसकी मौत

COMMENTS