











































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। मशहूर वायरोलॉजिस्ट टी जैकब जॉन ने दावा किया कि भारत में कोविड महामारी असल में स्थानिक बीमारी (endemic) बनने की तरफ बढ़ रही है। जब किसी समुदाय में संक्रमण के मामलों को ग्राफ पर देखा जाता है, तो मामले बढ़ने, चरम पर पहुंचने और कम होने की प्रक्रिया को महामारी कहा जाता है। वहीं मामलों की संख्या की स्थिर अवस्था को स्थानिक व स्थानीय बीमारी कहा जाता है।
बाद में जब कभी भी महामारी की स्थिति बनती है, तो इसे लहर माना जाता है। हालांकि, जब तक मामलों की संख्या चार सप्ताह तक मामूली उतार-चढ़ाव के साथ कम और स्थिर नहीं बनी रहती, तब तक एंडेमिक घोषित नहीं कर सकते।
आती रह सकती हैं छोटी-छोटी लहरें
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सेंटर ऑफ एडवांस्ड रिसर्च इन वायरोलॉजी (Center of Advanced Research in Virology) के पूर्व निदेशक टी जैकब जॉन ने कहा, देश में एंडेमिक का दौर कई महीनों बना रहेगा। ओमिक्रॉन की तरह कोई नया वैरिएंट भी आ सकता है। हालांकि, इसकी संभावना बहुत कम है कि ओमिक्रॉन से अधिक संक्रामक और डेल्टा से अधिक खतरनाक कोई और स्वरूप सामने आएगा। छोटी-छोटी कोविड लहरें आती रह सकती हैं।
लोगों को रहन-सहन के तरीके में तब्दीली की जरूरत
महामारी विशेषज्ञ और फाउंडेशन फॉर पीपल-सेट्रिक हेल्थ सिस्टमस, (Foundation for People-Centric Health Systems,) दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने कहा कि भारत एंडेमिक चरण में प्रवेश कर रहा है या नहीं, इसकी प्रासंगिकता नहीं है। ध्यान यह रखना है कि लोग संक्रमण के प्रति संवेदनशील हो और अपने जीने और रहन-सहन के तरीकों में तब्दीली करें।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 693
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4032
एस. के. राणा January 20 2026 0 3920
एस. के. राणा January 13 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3591
एस. के. राणा February 01 2026 0 3276
एस. के. राणा February 04 2026 0 3129
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86413
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34140
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने 2-डीजी को मध्यम से गंभीर कोविड-19 रोगियों में सहायक चिकित्सा के रू
आज चिकित्सक व चिकित्साकर्मियों की मानसिक व सामाजिक सुरक्षा भी बहुत बड़ा मुद्दा है। दौसा की डा. अर्चन
लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय में सीटी स्कैन केंद्र की सौगात मिली है। अब मरीजों को सीटी स्कै
कोविड से उबरने के बाद किसी अन्य समस्या से बचने के लिए फ़ालोअप केयर में कार्डियो वैस्कुलर डैमेज का पत
यदि किसी व्यक्ति को पाचन में परेशानी होती है, अकारण थकावट होती है, मांसपेशियों की कसावट कम होने लगती
प्रसव चाहे सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में हुआ हो या निजी, लाभ सभी को मिलता है | पंजीकरण के लिए गर्भवती
कोरोना के मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। शनिवार को 1614 लोग कोरोना की जद में आ गए हैं। अधिकारियों का
राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू का डंक बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली में मच्छर-जनित बीमारी से पीड़ित लोगों
राज्यव्यापी धरने के तहत पारा मेडिकल छात्रों ने अपने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर भगवान महावीर आयुर्विज्ञ
कोविड-19 का टीका लगवाने में हिचक या इससे इनकार करने का सीधा संबंध उपेक्षा, घरेलू हिंसा जैसे बचपन के

COMMENTS