देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

गंजेपन का कारण और इलाज

गंजापन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपके सिर पर से बहुत ज्यादा बाल गिरते हैं, और आपका स्कैल्प स्पष्ट रूप से दिखने लगता है। जब स्कैल्प पर से सारे बाल झड़ जाते हैं, तो इसे 100 फीसद गंजापन कहते हैं।

लेख विभाग
January 31 2022 Updated: February 01 2022 03:05
0 50335
गंजेपन का कारण और इलाज प्रतीकात्मक

गंजापन क्या है? - (What Is Baldness?)
गंजापन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपके सिर पर से बहुत ज्यादा बाल गिरते हैं, और आपका स्कैल्प स्पष्ट रूप से दिखने लगता है। जब स्कैल्प पर से सारे बाल झड़ जाते हैं, तो इसे 100 फीसद गंजापन कहते हैं। देखा जाए तो हर व्यक्ति के सिर पर से रोजाना 50 से 100 बाल गिरते हैं, जो आम बात है। लेकिन जब आप इससे ज्यादा बाल रोजाना खोते हैं और गिरने की तुलना में नए बाल कम उगते हैं, तो यह जरूर चिंता का विषय है। इसे ही गंजापन कहा जाता है। जब पैटर्न में बाल गिरें, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, उसे भी गंजापन कहा जाता है।

गंजेपन का इलाज - (Symptoms Of Baldness)
अमूमन गंजापन सिर के सामने और किनारे से शुरू होता है। हेयर लाइन धीरे- धीरे पीछे की ओर जाने लगती है। पुरुषों में अंग्रेजी अल्फाबेट का एम बनने लगता है और महिलाएं जहां मांग निकालती हैं, वहां से बाल सबसे पहले कम होने लगते हैं। धीरे- धीरे यह बढ़ता है और बाल बारीक, छोटे और पतले होने लगते हैं। कई दफा सर्कुलर या पैची स्पॉट्स भी दिखने लगते हैं।

गंजापन के लक्षण - (Causes Of Baldness)
गंजापन के कई कारण हैं, लेकिन इनमें से कुछ मुख्य कारण निम्न हैं –

1. एण्ड्रोजेनिक एलोपिसिया (androgenic alopecia)
एण्ड्रोजेनिक एलोपिसिया गंजेपन का एक पैटर्न है। फ्रेंकलिन स्थित अमेरिकन हेयर लॉस काउन्सिल के अनुसार, एण्ड्रोजेनिक एलोपिसिया 95% गंजेपन का कारण है। यह स्त्री और पुरुष दोनों में पाया जाता है। यह एक बायोलॉजिकल स्थिति है, जिसे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है।

ये टेस्टोस्टेरोन को डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) में तब्दील कर देते हैं। डीएचटी के बढ़े हुए स्तर से बालों के रोम कूप अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। वे कम होने लगते हैं, और यही गंजेपन का कारण बनता है। धूम्रपान करने, सप्लीमेंट या स्टेरॉयड लेने, वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज करने, तनाव में रहने या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन रीप्लेसमेंट थेरेपी करवाने से डीएचटी के बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।

2. एलोपिसिया एरीटा (alopecia areata)
यह एक ऑटो इम्यून डिजीज [3] है, जिसमें हमारा शरीर ही अपने बालों के रोम कूपों पर हमला करता है और जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसमें बाल वापस आ भी सकते हैं और नहीं भी। यह स्त्री और पुरुष सहित बच्चों को भी अपना शिकार बना सकता है।

3. एलोपिसिया टोटलिस (alopecia totalis)
इसमें स्कैल्प के सारे बाल गिर जाते हैं। शुरुआत में हेयर लॉस के छोटे पैच दिखते हैं लेकिन धीरे धीरे यह बढ़ता जाता है। यह अचानक शुरू होता है और इसके साथ नाखून भी टूटने शुरू हो जाते हैं।

4. ट्रैक्शन एलोपिसिया (traction alopecia)
यह लाइफस्टाइल में आए कुछ बदलावों की वजह से हो जाता है। जैसे हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करना, बहुत टाइट बाल बनाना आदि। बालों में आए तनाव की वजह से बाल गिरने लगते हैं। यदि शुरुआत में इस पर नियंत्रण पा लिया गया तो यह ठीक हो सकता है।

5. एनेजेन एफ्लुवियम (anagen effluvium)
यह कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या कुछ दवाइयों के सेवन की वजह से होता है। इन थेरेपीज से जुड़े टॉक्सिन बालों के रोम कूप को खराब कर देते हैं। यह भी ठीक हो सकता है।

6. टेलोजेन एफ्लुवियम (telogen effluvium)
यह किसी ट्रॉमा या तनाव की वजह से होता है। सर्जरी, वायरल बुखार, अचानक से वजन का कम होना या किसी दुर्घटना की वजह से ऐसा हो सकता है। यह ठीक हो सकता है।

7. टीनिया कैप्टिस (tinea captis)
इसे स्कैल्प का रिंगवर्म भी कहा जाता है। इस स्थिति में स्कैल्प पर फंगस की वजह से पैच बन जाते हैं और यदि तुरंत इलाज न किया गया तो स्थायी गंजापन हो सकता है।

गंजापन क्यों होता है? - (Baldness Treatment In Hindi)
गंजेपन को ठीक करने के लिए कई इलाज होते हैं और उनमें से कई अपने देश में भी उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ कॉस्मेटिक तो कुछ टेक्नोलॉजी आधारित हैं। कुछ दवाइयां भी हैं, जो गंजेपन की प्रक्रिया को धीमा करती हैं और बालों को दोबारा उगाने का काम करती हैं।

1. दवाएं - (Medicines)
कई ऐसी दवाइयां होती हैं, जो बालों को दोबारा उगा सकती हैं और गंजेपन की प्रक्रिया को धीमा करती हैं। लेकिन इन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं लेना चाहिए।

2. बालों का प्रत्यारोपण - (Hair Transplant)
यह एक ऐसी सर्जरी है, जिसमें सर्जन आपके सारे बाल हटाकर उसे वापस आपके स्कैल्प पर लगाता है। ऐसा वह अमूमन सिर के पिछले हिस्से से करता है।

3. सप्लीमेंट्स (आहार पूरक) - Supplements (dietary supplements)
कई शोध और अध्ययन बताते हैं कि जिन लोगों के सिर पर से सामान्य से ज्यादा बाल गिरते हैं, उन्हें एंटी- ऑक्सीडेंट के साथ ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स युक्त चीजें अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए। जैसे- मछली (सालमन), अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां, मीठा आलू, फल, नट्स, सीड्स आदि।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

रात में बार बार आंख खुलने से हो सकता है कैंसर का खतरा

रात में बार बार आंख खुलने से हो सकता है कैंसर का खतरा

श्वेता सिंह September 07 2022 30356

शोधकर्ताओं ने OSA से पीड़ित 2,093 रोगियों के डेटा का मिलान किया, जिसमें OSA का पता न लगने से 5 साल प

आइए जानते है ब्लैक टी पीने के फायदे

आइए जानते है ब्लैक टी पीने के फायदे

आरती तिवारी November 27 2022 45408

रिसर्च के मुताबिक खाली पेट दूध वाली चाय पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। लेकिन वहीं चाय को ब

ओमिक्रॉन वैरिएंट के मिथक और वास्तविकता की जानकारी के लिए ज़रूर पढ़ें।

ओमिक्रॉन वैरिएंट के मिथक और वास्तविकता की जानकारी के लिए ज़रूर पढ़ें।

लेख विभाग December 13 2021 24137

ओमिक्रॉन वैरिएंट पर वैक्सीन असरदार नहीं होगी। हालांकि एजेंसी ने यह भी कहाकि यह डेल्टा वैरिएंट की तुल

रूसी वैक्सीन स्पुतनिक लाइट वन-शॉट अब बाज़ार में उपलब्ध, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने दी मंज़ूरी

रूसी वैक्सीन स्पुतनिक लाइट वन-शॉट अब बाज़ार में उपलब्ध, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने दी मंज़ूरी

आनंद सिंह February 05 2022 29601

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया की विषय विशेषज्ञ समिति ने रूस के स्पुतनिक लाइट वन-शॉट कोरोना वैक्सीन

एक्यूपंचर चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में मान्यता दी जाए: एक्यूपंचर स्पेशलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया

एक्यूपंचर चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में मान्यता दी जाए: एक्यूपंचर स्पेशलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया

हुज़ैफ़ा अबरार July 06 2021 35489

प्रस्ताव के अनुसार एक्यूपंचर चिकित्सा पद्धति को केंद्र सरकार केे अनुरूप प्रदेश में भी मान्यता दी जाए

कोविशील्ड वैक्सीन की दो करोड़ डोज मुफ्त देने को तैयार, कोरोना के खतरे के बीच SII की सरकार को पेशकश

कोविशील्ड वैक्सीन की दो करोड़ डोज मुफ्त देने को तैयार, कोरोना के खतरे के बीच SII की सरकार को पेशकश

एस. के. राणा December 29 2022 22433

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार को कोविशील्ड वैक्सीन की दो करोड़ खुराक नि:शुल्क देने की

स्पर्म डोनर निकला 60 बच्चों का पिता दिखने में सभी लगभग एक जैसे

स्पर्म डोनर निकला 60 बच्चों का पिता दिखने में सभी लगभग एक जैसे

हे.जा.स. February 22 2023 26394

ऑस्ट्रेलिया का एक स्पर्म डोनर फर्जी नामों से स्पर्म डोनेट कर 60 बच्चों का पिता बन गया। इसका खुलासा त

चंदन हॉस्पिटल ने विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया

चंदन हॉस्पिटल ने विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया

हुज़ैफ़ा अबरार October 29 2025 2261

गंभीर स्वास्थ्य चुनौती को संबोधित करते हुए, डॉ. ऋत्विज बिहारी प्रमुख और अध्यक्ष न्यूरोलॉजी विभाग चंद

ओमिक्रॉन के दूसरे सब-वेरिएंट स्टील्थ की पहचान आरटीपीसीआर जाँच में मुश्किल से होती है

ओमिक्रॉन के दूसरे सब-वेरिएंट स्टील्थ की पहचान आरटीपीसीआर जाँच में मुश्किल से होती है

admin March 21 2022 40051

ओमिक्रॉन का दूसरा सब-वेरिएंट BA.2 को स्टील्थ वेरिएंट (Stealth variant) भी कहा जाता है, जो इस वक्त कई

चेहरे पर चमक लाकर आकर्षक बनाने के लिए अपनाएँ ये उपाय 

चेहरे पर चमक लाकर आकर्षक बनाने के लिए अपनाएँ ये उपाय 

आयशा खातून December 05 2022 140553

खूबसूरत चेहरा आज हर लड़की की ख्वाहिश हैl अपने चेहरे पर चमक लाने के उपाय के लिए घर और किचन में कई ऐसी

Login Panel