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गंजापन क्या है? - (What Is Baldness?)
गंजापन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपके सिर पर से बहुत ज्यादा बाल गिरते हैं, और आपका स्कैल्प स्पष्ट रूप से दिखने लगता है। जब स्कैल्प पर से सारे बाल झड़ जाते हैं, तो इसे 100 फीसद गंजापन कहते हैं। देखा जाए तो हर व्यक्ति के सिर पर से रोजाना 50 से 100 बाल गिरते हैं, जो आम बात है। लेकिन जब आप इससे ज्यादा बाल रोजाना खोते हैं और गिरने की तुलना में नए बाल कम उगते हैं, तो यह जरूर चिंता का विषय है। इसे ही गंजापन कहा जाता है। जब पैटर्न में बाल गिरें, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, उसे भी गंजापन कहा जाता है।
गंजेपन का इलाज - (Symptoms Of Baldness)
अमूमन गंजापन सिर के सामने और किनारे से शुरू होता है। हेयर लाइन धीरे- धीरे पीछे की ओर जाने लगती है। पुरुषों में अंग्रेजी अल्फाबेट का एम बनने लगता है और महिलाएं जहां मांग निकालती हैं, वहां से बाल सबसे पहले कम होने लगते हैं। धीरे- धीरे यह बढ़ता है और बाल बारीक, छोटे और पतले होने लगते हैं। कई दफा सर्कुलर या पैची स्पॉट्स भी दिखने लगते हैं।
गंजापन के लक्षण - (Causes Of Baldness)
गंजापन के कई कारण हैं, लेकिन इनमें से कुछ मुख्य कारण निम्न हैं –
1. एण्ड्रोजेनिक एलोपिसिया (androgenic alopecia)
एण्ड्रोजेनिक एलोपिसिया गंजेपन का एक पैटर्न है। फ्रेंकलिन स्थित अमेरिकन हेयर लॉस काउन्सिल के अनुसार, एण्ड्रोजेनिक एलोपिसिया 95% गंजेपन का कारण है। यह स्त्री और पुरुष दोनों में पाया जाता है। यह एक बायोलॉजिकल स्थिति है, जिसे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
ये टेस्टोस्टेरोन को डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) में तब्दील कर देते हैं। डीएचटी के बढ़े हुए स्तर से बालों के रोम कूप अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। वे कम होने लगते हैं, और यही गंजेपन का कारण बनता है। धूम्रपान करने, सप्लीमेंट या स्टेरॉयड लेने, वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज करने, तनाव में रहने या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन रीप्लेसमेंट थेरेपी करवाने से डीएचटी के बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।
2. एलोपिसिया एरीटा (alopecia areata)
यह एक ऑटो इम्यून डिजीज [3] है, जिसमें हमारा शरीर ही अपने बालों के रोम कूपों पर हमला करता है और जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसमें बाल वापस आ भी सकते हैं और नहीं भी। यह स्त्री और पुरुष सहित बच्चों को भी अपना शिकार बना सकता है।
3. एलोपिसिया टोटलिस (alopecia totalis)
इसमें स्कैल्प के सारे बाल गिर जाते हैं। शुरुआत में हेयर लॉस के छोटे पैच दिखते हैं लेकिन धीरे धीरे यह बढ़ता जाता है। यह अचानक शुरू होता है और इसके साथ नाखून भी टूटने शुरू हो जाते हैं।
4. ट्रैक्शन एलोपिसिया (traction alopecia)
यह लाइफस्टाइल में आए कुछ बदलावों की वजह से हो जाता है। जैसे हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करना, बहुत टाइट बाल बनाना आदि। बालों में आए तनाव की वजह से बाल गिरने लगते हैं। यदि शुरुआत में इस पर नियंत्रण पा लिया गया तो यह ठीक हो सकता है।
5. एनेजेन एफ्लुवियम (anagen effluvium)
यह कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या कुछ दवाइयों के सेवन की वजह से होता है। इन थेरेपीज से जुड़े टॉक्सिन बालों के रोम कूप को खराब कर देते हैं। यह भी ठीक हो सकता है।
6. टेलोजेन एफ्लुवियम (telogen effluvium)
यह किसी ट्रॉमा या तनाव की वजह से होता है। सर्जरी, वायरल बुखार, अचानक से वजन का कम होना या किसी दुर्घटना की वजह से ऐसा हो सकता है। यह ठीक हो सकता है।
7. टीनिया कैप्टिस (tinea captis)
इसे स्कैल्प का रिंगवर्म भी कहा जाता है। इस स्थिति में स्कैल्प पर फंगस की वजह से पैच बन जाते हैं और यदि तुरंत इलाज न किया गया तो स्थायी गंजापन हो सकता है।
गंजापन क्यों होता है? - (Baldness Treatment In Hindi)
गंजेपन को ठीक करने के लिए कई इलाज होते हैं और उनमें से कई अपने देश में भी उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ कॉस्मेटिक तो कुछ टेक्नोलॉजी आधारित हैं। कुछ दवाइयां भी हैं, जो गंजेपन की प्रक्रिया को धीमा करती हैं और बालों को दोबारा उगाने का काम करती हैं।
1. दवाएं - (Medicines)
कई ऐसी दवाइयां होती हैं, जो बालों को दोबारा उगा सकती हैं और गंजेपन की प्रक्रिया को धीमा करती हैं। लेकिन इन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं लेना चाहिए।
2. बालों का प्रत्यारोपण - (Hair Transplant)
यह एक ऐसी सर्जरी है, जिसमें सर्जन आपके सारे बाल हटाकर उसे वापस आपके स्कैल्प पर लगाता है। ऐसा वह अमूमन सिर के पिछले हिस्से से करता है।
3. सप्लीमेंट्स (आहार पूरक) - Supplements (dietary supplements)
कई शोध और अध्ययन बताते हैं कि जिन लोगों के सिर पर से सामान्य से ज्यादा बाल गिरते हैं, उन्हें एंटी- ऑक्सीडेंट के साथ ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स युक्त चीजें अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए। जैसे- मछली (सालमन), अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां, मीठा आलू, फल, नट्स, सीड्स आदि।







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