











































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। राजधानी में 19 जनवरी से रोजाना कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है, लेकिन 45 दिन बाद भी 11 में से केवल एक जिला ही ग्रीन जोन में शामिल हुआ है। छह जिले अभी भी रेड जोन में हैं, जहां संक्रमण का जोखिम सबसे अधिक बना हुआ है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग (Delhi Health Department) ने जिलावार रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें 22 से 28 जनवरी के बीच साप्ताहिक संक्रमण दर को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 11 में से एक जिला ग्रीन जोन में है। छह रेड और चार जिले ऑरेंज जोन में शामिल हैं। केवल उत्तर पूर्वी जिले को ग्रीन जोन घोषित किया गया है, जहां एक सप्ताह में 4.37 फीसदी नमूने कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस जिले में एक सप्ताह के भीतर 86 फीसदी जांच आरटी-पीसीआर (RT-PCR) माध्यम से हुई थी, जबकि 14 फीसदी एंटीजन किट्स (antigen kits) के जरिए की गई।
फिलहाल दिल्ली की स्थिति यह है कि दक्षिण जिले में सबसे अधिक 19.87 फीसदी संक्रमण दर देखने को मिली है। सबसे कम संक्रमण उत्तर पूर्वी जिले में है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 15 दिसंबर तक दिल्ली के सभी जिले ग्रीन जोन में थे। इसके बाद महज चार दिन में ही सभी जिले रेड जोन की ओर बढ़ते चले गए और 22 दिसंबर 2021 तक यहां संक्रमण पांच फीसदी से आगे निकल गया। तब से 22 जनवरी तक सभी जिलों में संक्रमण दर 25 से 30 फीसदी के बीच दर्ज की गई।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि रेड जोन (red zone) का मतलब साप्ताहिक संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक होने से है। ऑरेंज जोन में यह पांच से 10 फीसदी के बीच होती है। अगर संक्रमण दर पांच फीसदी से नीचे है तो उसे ग्रीन जोन माना जा सकता है। क्योंकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मानक तय किए हैं उसके अनुसार पांच फीसदी से कम संक्रमण होने की स्थिति में उक्त स्थान को नियंत्रण में माना जा सकता है, जो कि अभी दिल्ली में केवल एक ही जिले में देखने को मिल रहा है। इसलिए भी लोगों को और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि राजधानी में फिर से प्रतिबंध हटना शुरू हुए हैं। ऐसे में अगर लोगों ने संयम नहीं बरता तो फिर से हालात गंभीर हो सकते हैं।
इन चार जिलों पर ध्यान सबसे जरूरी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तर पूर्वी जिले में संक्रमण अब कम है। इस स्थिति को आगे भी बरकरार रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इतनी ही बड़ी जिम्मेदारी चार जिले दक्षिण पश्चिम, उत्तरी, शाहदरा और मध्य दिल्ली प्रशासन की है, जहां संक्रमण दर पांच से 10 फीसदी के बीच है। यहां अधिक ध्यान देते हुए संक्रमण को नियंत्रण की स्थिति में लाया भी जा सकता है।







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