











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। प्रदेश में कई महीने बाद एक बार फिर से 24 घंटे में कोरोना संक्रमितों की तादाद हजार के आंकड़े को पार कर गयी है। इतना ही नहीं, एक बार फिर से कोरोना की चपेट में आने वाले गंभीर बीमार, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी (weak immunity) वालों के सामने यह बड़ी दिक्कत खड़ी कर रहा है, हालत अस्पताल में भर्ती होने तक की पैदा हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण मौसमी बीमारियों के लिए मुफीद इस मौसम में समुदाय का जरूरी सावधानी न बरतना है। यह कहना है आईएमए-एएमएस के वाइस चेयरमैन डॉ. सूर्यकांत का।
डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि हर किसी को यह जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना (corona) अभी पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुआ है बल्कि कमजोर हुआ है। ऐसे में कोरोना को लेकर लापरवाही बरतना खुद के साथ घर-परिवार और समाज को संकट में डालने वाला साबित हो सकता है। इसलिए पिछले दो-ढाई साल से जिस अनुशासन का पालन कर समय-समय पर कोरोना को पीछे धकेलने का काम समुदाय के हर किसी ने किया है, उसी अनुशासन का कड़ाई से पालन करने का वक्त एक बार फिर से आ गया है। यह अनुशासन है,
इसके अलावा अगर किसी अन्य ने कोरोना को सही मायने में मात देने में कारगर साबित हुआ है तो वह है टीकाकरण (vaccination)। इसलिए कोविड टीके की पहली और दूसरी डोज लेने में हर किसी ने जैसी तत्परता दिखाई थी, वैसी ही तत्परता अब एहतियाती डोज (precautionary dose) को लेकर भी दिखाने का समय आ गया है। इसी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 75 दिनों के लिए 18 से 59 साल वालों के लिए कोविड टीके की एहतियाती डोज को बिल्कुल मुफ्त कर दिया है। 60 साल से ऊपर वालों को यह डोज पहले से ही फ्री दी जा रही थी। इसलिए बिना समय गंवाए जिनको दूसरी डोज लिए हुआ छह माह बीत चुके हैं वह एहतियाती डोज जरूर लगवाएं। यह डोज कोरोना से सुरक्षा प्रदान करने में पूरा साथ निभाएगी।
डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि कोरोना के साथ ही इस समय मौसमी बीमारियों फ्लू (viral) सर्दी, जुकाम व बुखार, डेंगू (dengue), चिकनगुनिया (chikungunya), कॉलरा (cholera), निमोनिया (pneumonia), टाइफाइड (typhoid) से भी खास सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए घर व आस-पास साफ़-सफाई का विशेष ख्याल रखें, जलजमाव न होने दें ताकि मच्छर न पनपने पाएँ। मच्छरों को पनपने से रोककर इनमें से कई बीमारियों से समुदाय को सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसके अलावा घर का बना ताजा और पौष्टिक भोजन का ही सेवन करें, हरी साग-सब्जी और मौसमी फल का सेवन करें। स्ट्रीट फ़ूड (street food) से दूरी बनाकर संक्रमण से बचें। इस समय फ्लू, कोरोना, मंकीपॉक्स, निमोनिया और टीबी के मिलते-जुलते लक्षणों के चक्कर में इलाज में देरी करना भारी पड़ सकता है। इसलिए जब भी ऐसे मिलते-जुलते लक्षण नजर आयें तो बिना घबराये स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र (health center) पर जाकर चिकित्सक से सम्पर्क करें, जहाँ जाँच और इलाज की सुविधा मुफ्त है। साधारण जुकाम-बुखार-सर्दी समझकर अपने मन से कोई इलाज कतई न करें, यह जोखिम में डालने वाला कदम साबित हो सकता है। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे में बीमारियों से आजादी पाने के लिए इन सभी जरूरी कर्तव्य को निभाकर हर कोई इसमें बड़ा योगदान दे सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार September 13 2026 0 1120
हुज़ैफ़ा अबरार September 16 2026 0 182
हुज़ैफ़ा अबरार September 16 2026 0 133
हुज़ैफ़ा अबरार September 17 2026 0 98
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3507
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1379
हुज़ैफ़ा अबरार September 13 2026 0 1120
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 861
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 623
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 504
हुज़ैफ़ा अबरार September 12 2026 0 455
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9191
एस. के. राणा January 20 2026 0 5677
एस. के. राणा February 01 2026 0 5516
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5327
एस. के. राणा January 13 2026 0 4956
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4893
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87330
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35414
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35945
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73267
एमसीसी 21 अक्टूबर 2022 को नीट यूजी राउंड 1 सीट अलॉटमेंट का परिणाम घोषित करेगा। काउंसलिंग प्रक्रिया च
आरोग्य स्वास्थ्य मेला का सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्
सुबह उठने के साथ सूजी आंखें कई लोगों को परेशान करती है। वहीं कभी-कभी दिन भर लोगों की आंखों में सूजन
चीन की राजधानी बीजिंग में मिडिल स्कूल के 10 स्टूडेंट्स कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। इसे लेकर च
Among patients with mild-to-moderate acute ischaemic stroke and systolic blood pressure between 140
प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 94.54 प्रतिशत लोगों ने टीके की पहली डोज लगवा ली है। 15-17 आयु वर्
जिला क्षय रोग केंद्र के सीनियर ट्रीटमेंट प्रयोगशाला पर्यवेक्षक लोकेश कुमार वर्मा ने बताया कि टीबी के
हम सब जानते हैं कि जंक फूड हमारी सेहत को नुकसान पहुंचता है लेकिन फिर भी इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है। क
सेक्स के बारे में महसूस करने का कोई "सही" तरीका नहीं है और सेक्स करने का कोई सही तरीका नहीं है। लोग
वैक्सीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ओर से भारत की नीति को लेकर भी साफ कर दिया है कि भ

COMMENTS