देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

जरूरी सावधानियों से ही मिलेगी बीमारियों से आजादी: डॉ सूर्यकांत 

डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि कोरोना के साथ ही इस समय मौसमी बीमारियों फ्लू सर्दी, जुकाम व बुखार, डेंगू, चिकनगुनिया, कॉलरा, निमोनिया, टाइफाइड से भी खास सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए घर व आस-पास साफ़-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

हुज़ैफ़ा अबरार
August 13 2022 Updated: August 13 2022 23:35
0 31864
जरूरी सावधानियों से ही मिलेगी बीमारियों से आजादी: डॉ सूर्यकांत  प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। प्रदेश में कई महीने बाद एक बार फिर से 24 घंटे में कोरोना संक्रमितों की तादाद हजार के आंकड़े को पार कर गयी है। इतना ही नहीं, एक बार फिर से कोरोना की चपेट में आने वाले गंभीर बीमार, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी (weak immunity) वालों के सामने यह बड़ी दिक्कत खड़ी कर रहा है, हालत अस्पताल में भर्ती होने तक की पैदा हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण मौसमी बीमारियों के लिए मुफीद इस मौसम में समुदाय का जरूरी सावधानी न बरतना है। यह कहना है आईएमए-एएमएस के वाइस चेयरमैन डॉ. सूर्यकांत का।  

  
डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि हर किसी को यह जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना (corona) अभी पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुआ है बल्कि कमजोर हुआ है। ऐसे में कोरोना को लेकर लापरवाही बरतना खुद के साथ घर-परिवार और समाज को संकट में डालने वाला साबित हो सकता है। इसलिए पिछले दो-ढाई साल से जिस अनुशासन का पालन कर समय-समय पर कोरोना को पीछे धकेलने का काम समुदाय के हर किसी ने किया है, उसी अनुशासन का कड़ाई से पालन करने का वक्त एक बार फिर से आ गया है। यह अनुशासन है, 

  • एक दूसरे से उचित शारीरिक दूरी बनाकर रखना,
  • भीडभाड़ में जाने से बचना,
  • घर से बाहर निकलने पर नाक व मुंह को मास्क से अच्छी तरह ढकना और
  • हाथों के साथ शारीरिक साफ-सफाई का ख्याल रखना। 


इसके अलावा अगर किसी अन्य ने कोरोना को सही मायने में मात देने में कारगर साबित हुआ है तो वह है टीकाकरण (vaccination)। इसलिए कोविड टीके की पहली और दूसरी डोज लेने में हर किसी ने जैसी तत्परता दिखाई थी, वैसी ही तत्परता अब एहतियाती डोज (precautionary dose) को लेकर भी दिखाने का समय आ गया है। इसी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 75 दिनों के लिए 18 से 59 साल वालों के लिए कोविड टीके की एहतियाती डोज को बिल्कुल मुफ्त कर दिया है। 60 साल से ऊपर वालों को यह डोज पहले से ही फ्री दी जा रही थी। इसलिए बिना समय गंवाए जिनको दूसरी डोज लिए हुआ छह माह बीत चुके हैं वह एहतियाती डोज जरूर लगवाएं। यह डोज कोरोना से सुरक्षा प्रदान करने में पूरा साथ निभाएगी। 


डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि कोरोना के साथ ही इस समय मौसमी बीमारियों फ्लू (viral) सर्दी, जुकाम व बुखार, डेंगू (dengue), चिकनगुनिया (chikungunya), कॉलरा (cholera), निमोनिया (pneumonia), टाइफाइड (typhoid) से भी खास सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए घर व आस-पास साफ़-सफाई का विशेष ख्याल रखें, जलजमाव न होने दें ताकि मच्छर न पनपने पाएँ। मच्छरों को पनपने से रोककर इनमें से कई बीमारियों से समुदाय को सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसके अलावा घर का बना ताजा और पौष्टिक भोजन का ही सेवन करें, हरी साग-सब्जी और मौसमी फल का सेवन करें। स्ट्रीट फ़ूड (street food) से दूरी बनाकर संक्रमण से बचें। इस समय फ्लू, कोरोना, मंकीपॉक्स, निमोनिया और टीबी के मिलते-जुलते लक्षणों के चक्कर में इलाज में देरी करना भारी पड़ सकता है। इसलिए जब भी ऐसे मिलते-जुलते लक्षण नजर आयें तो बिना घबराये स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र (health center) पर जाकर चिकित्सक से सम्पर्क करें, जहाँ जाँच और इलाज की सुविधा मुफ्त है। साधारण जुकाम-बुखार-सर्दी समझकर अपने मन से कोई इलाज कतई न करें, यह जोखिम में डालने वाला कदम साबित हो सकता है। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे में बीमारियों से आजादी पाने के लिए इन सभी जरूरी कर्तव्य को निभाकर हर कोई इसमें बड़ा योगदान दे सकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

नीट (यूजी) 2022 परीक्षा के लिए अधिसूचना जल्द ही जारी करेगा एनटीए

नीट (यूजी) 2022 परीक्षा के लिए अधिसूचना जल्द ही जारी करेगा एनटीए

अखण्ड प्रताप सिंह March 24 2022 49964

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानि नीट (यूजी) के लिए अ

जच्चा और बच्चा, दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है पोस्ट पार्टम डिप्रेशन : मनोरोग विशेषज्ञ

जच्चा और बच्चा, दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है पोस्ट पार्टम डिप्रेशन : मनोरोग विशेषज्ञ

हे.जा.स. October 12 2025 3567

ब्रिटिश नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार प्रति एक हजार महिलाओं में से एक को प्रसव के बाद पोस्ट पार्टम डि

खराब जीवनशैली, हार्ट फेलियर का प्रमुख कारण

खराब जीवनशैली, हार्ट फेलियर का प्रमुख कारण

लेख विभाग April 19 2022 29172

हाइपरटेंशन भारत में हृदय रोगों के सबसे प्रमुख जोखिम के कारकों में से एक है। रक्‍त वाहिकाओं में बाधा

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने गोद लिए 9.5 लाख मरीज

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने गोद लिए 9.5 लाख मरीज

विशेष संवाददाता September 18 2022 23340

मोदी सरकार ने 2030 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। वहीं टीबी को खत्म करने के उद्देश्य से राष्

सोसायटी आफ मिडवाईफ इन्डिया की राष्ट्र स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ

सोसायटी आफ मिडवाईफ इन्डिया की राष्ट्र स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ

रंजीव ठाकुर September 27 2022 78047

सोसायटी आफ मिडवाईफ इन्डिया की राष्ट्र स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में राष्ट्रीय स्तर की कान्फ्रें

मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने 19 वर्षीया किशोरी को मिर्गी के दौरों से दिलाई निजात।

मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने 19 वर्षीया किशोरी को मिर्गी के दौरों से दिलाई निजात।

हुज़ैफ़ा अबरार February 09 2021 35392

मिर्गी के मरीज के परिजन अज्ञानता की वजह से मिर्गी से जुडी भ्रांतियों पर आँख मूँद कर विश्वास कर लेते

हरी मिर्च खाने के ये फायदे जो सेहत के लिए है जरूरी

हरी मिर्च खाने के ये फायदे जो सेहत के लिए है जरूरी

लेख विभाग May 14 2023 37938

हरी मिर्च कई तरह के पोषक तत्वों जैसे- विटामिन ए, बी6, सी, आयरन, कॉपर, पोटेशियम, प्रोटीन और कार्बोहाइ

ओमीक्रोन के खतरे के बीच लखनऊ स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती।

ओमीक्रोन के खतरे के बीच लखनऊ स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती।

हुज़ैफ़ा अबरार December 13 2021 29610

ओमीक्रोन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुस्त बने हुए हैं। अभी तक ओमीक्रोन संक्रमितों के लिए

देश में मंकीपॉक्स का पहला मरीज़ 16 दिनों बाद संक्रमणमुक्त और स्वस्थ्य 

देश में मंकीपॉक्स का पहला मरीज़ 16 दिनों बाद संक्रमणमुक्त और स्वस्थ्य 

admin July 30 2022 31652

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के निर्देशों के अनुसार 72 घंटे के अंतराल पर दो बार परीक्षण किए गए और

6 सेंटीमीटर ‘लंबी पूंछ’ के साथ पैदा हुई बच्ची

6 सेंटीमीटर ‘लंबी पूंछ’ के साथ पैदा हुई बच्ची

हे.जा.स. November 27 2022 25244

एक बच्ची लंबी पूंछ के साथ पैदा हुई। इस पूंछ की लंबाई करीब 6 सेंटीमीटर थी। डॉक्टर भी इसे देख कर हैरान

Login Panel