











































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। हेल्थकेयर सेक्टर में वेतनमान को लेकर महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है और एक हालिया सर्वेक्षण में पाया गया कि इस क्षेत्र में महिलाएं, पुरुषों की तुलना में 24% कम आय पाती हैं। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताज़ा साझा रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।
साझा रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि हेल्थकेयर सेक्टर (healthcare sector) में महिलाओं को लिंग भेद (gender discrimination) का सामना करना पड़ता है और उन्हें पुरुषों की अपेक्षा 24% कम वेतन मिलता है। सर्वेक्षण में वेतन विसंगति (pay discrepancy) बताते हुए यह भी बताया गया है ऐसा अंतर आयु, एजूकेशन और कार्य की वजह से होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हेल्थ केयरसेक्टर में महिलाओं (women) को उनकी क्षमतानुसार वेतन नहीं मिल रहा है।
सर्वेक्षण में पाया गया कि अन्य सेक्टर्स की अपेक्षा हेल्थ केयर सेक्टर में महिलाओं को लिंग आधारित वेतन विसंगति (gender-based pay discrepancy) का सामना ज्यादा करना पड़ता है। यानि कि दूसरे फाइनेंशियल सेक्टर्स में महिलाओं को ज्यादा वेतन मिलता है बनिस्पत स्वास्थ्य और देखभाल के क्षेत्र से।
रिपोर्ट में बताया गया कि कोरोना काल (Corona period) में महिलाओं ने हेल्थकेयर सेक्टर में जो अविस्मरणीय भूमिका निभाई उससे लिंग भेद आधारित वेतन विसंगति में थोड़ा अंतर जरुर आया लेकिन यह सुधार बहुत मामूली है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि अधिकतम वेतन वाले स्थानों पर ज्यादातर नियुक्तियां (appointments) पुरुषों की होती है और महिलाओं को अधिकांशतः निचले वेतमान वाले स्थानों पर रखा जाता है। प्रसवकाल (pregnancy) में यह अंतर और बढ़ जाता है जिसको कम करने की आवश्यकता है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labor Organization) के मैनुएला टोमेई ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में महिलाएं पुरुषों (men in the health care sector) की अपेक्षा ज्यादा बड़ी भूमिका निभा सकती है इसलिए लिंग आधारित वेतन विसंगति को शीघ्र दूर किए जाने की जरूरत है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं (better health services) के लिए महिलाओं (women) का आगे आना जरूरी है और अब समय आ गया है कि वेतन विसंगति को दूर किया जाए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के जिम कैम्पबेल ने टोमेई की बात का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह की वजह से लिंग आधारित वेतन विसंगति है जबकि हेल्थ केयर सेक्टर में अधिकतर श्रमिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट काफी हद तक महिलाओं के साथ हो रही वेतन विसंगति को दर्शाती है और इसे सभी देशों और स्वास्थ्य सेवाओं (health services) को यह जान लेना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हेल्थ केयर सेक्टर के साथ साथ ऐसी वेतन विसंगति को दूर करने के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता भी बहुत जरूरी है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4011
एस. के. राणा January 20 2026 0 3906
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
एस. के. राणा January 13 2026 0 3885
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3248
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34126
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35007
लेख विभाग March 19 2022 0 34489
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71783
सेक्स के बाद गुप्तांगों को जरूर साफ करना चाहिए। ऐसा करने से आपके गुप्तांगों से खराब गंध नहीं आयेगी।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नई रणनीति से सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में सामान्य बीमारी से पीड़ित
डायबिटिक मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले मिलते रहते हैं लेकिन अगर किसी का शुगर लेवल कंट्रोल में
उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में सैकड़ों गांव में वायरल फीवर और डेंगू का कहर चरम सीमा पर फैला हुआ है
रोटरी क्लब दुनिया में एक मानवीय सेवा संगठन के रूप में विख्यात है। उन्होंने विश्व में रोटरी द्वारा कि
एमपी के बीना जिले में सोमवार को नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह के विशेष प्रयासों से खुरई
शुरुआती परीक्षणों में देखा गया है कि इन गोलियों को खाने से कोरोना संक्रमण के गंभीर लक्षणों को नियंत्
कानपुर में संक्रामक बीमारियों ने अपने पांव पसार लिए हैं। जिसके कारण लोगों में डर और दहशत का आलम भी द
पीएम मोदी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से फिजी में श्री सत्य साई संजीवनी चिल्ड्रन हार्ट अ

COMMENTS