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लखनऊ। कोरोना के बाद नए-नए वायरस दस्तक दे रहे है। वहीं वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक्टिव नजर आ रहा है। जिसके तहत इफेक्टिव वैक्सीन (effective vaccine) मैनेजमेंट सिस्टम को और बेहतर तरीके से लागू किया जा रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इसके सभी मानकों की निगरानी की जा रही है। वैक्सीन की गुणवत्ता बरकरार रखने में अहम कामयाबी मिली है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वैक्सीन (vaccine) के रखखाव में गड़बड़ी से गुणवत्ता प्रभावित होती है। दवा का प्रभाव कम होने की आशंका भी बनी रहती है। और वैक्सीन की गुणवत्ता के लिए कोल्ड चेन दुरूस्त रखना चुनौतीपूर्ण होता है। कंपनी से निकलने के बाद वैक्सीन एयरपोर्ट, फिर स्टेट और डिस्ट्रिक वैक्सीन स्टोर (District Vaccine Store) आती है। उसके बाद वैक्सीन की आपूर्ति अस्पतालों में होती है। इस दौरान कोल्ड चेन (cold chain) टूटने का खतरा रहता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि पांच साल तक छोटे बच्चों को गंभीर 12 तरह की बीमारियों से बचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीन (free vaccine) लगाई जाती है। इसमें बीसीजी, पोलियो, विटिमिन ए, पैंटावैलेंट, मिजल्स और निमोकॉकल समेत अन्य जानलेवा बीमारियों से बचाव (prevention of diseases) की वैक्सीन शामिल हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं को टिटनेस और डिप्थीरिया (diphtheria) से बचाव की वैक्सीन लगाई जा रही है। कोविड से बचाव के लिए भी वैक्सीन लगाई गई है।







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