देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

पुरुषों को अवसादरोधी दवा देने से घरेलू हिंसा से निपटने में मदद मिल सकती है: शोध

अवसादरोधी दवा सेर्ट्रालाइन मस्तिष्क में सेरोटोनिन की कार्यप्रणाली को बढ़ाकर काम करती है, जो आवेग नियंत्रण और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अत्यधिक आवेगशील पुरुषों के लिए, यह सीधे तौर पर हिंसा के मुख्य कारक को कम करता है – भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को रोकने और नियंत्रित करने में असमर्थता। घरेलू हिंसा में प्रायः अंतरंग संबंधों में भावनात्मक रूप से आवेशित, आवेगपूर्ण प्रतिक्रियाएं शामिल होती हैं।

हे.जा.स.
December 07 2025 Updated: December 07 2025 20:31
0 4480
पुरुषों को अवसादरोधी दवा देने से घरेलू हिंसा से निपटने में मदद मिल सकती है: शोध प्रतीकात्मक चित्र

सिडनी (भाषा)। न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय और न्यूकैसल विश्वविद्यालय द्वारा एक शोध किया गया कि क्या अवसादरोधी दवा सेर्ट्रालाइन आवेगशील पुरुषों में हिंसक अपराध करने की प्रवृत्ति को कम कर सकती है। दुनिया का यह पहला परीक्षण घरेलू और पारिवारिक हिंसा को नियंत्रित करने का एक नया रास्ता प्रस्तुत कर सकता है। इस परीक्षण में यह पता लगाने की कोशिश की गयी कि क्या दवा हिंसा और घरेलू हिंसा को कम कर सकती है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री (Australian) एंथनी अल्बानीज ने अप्रैल 2024 में, घरेलू और पारिवारिक हिंसा को एक ‘राष्ट्रीय संकट’ घोषित करते हुए इसकी रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की थी। उन्होंने घरेलू हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भी आह्वान किया था। तब से इस समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ है।

घरेलू और पारिवारिक हिंसा जैसी जटिल समस्या के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण - A comprehensive approach to a complex problem like domestic and family violence

इस परीक्षण में यह जांच की गई कि क्या अवसादरोधी दवा सेर्ट्रालाइन (sertraline) आवेगशील पुरुषों में हिंसक अपराध करने की प्रवृत्ति को कम कर सकती है। शोधकर्ताओं ने 2013 और 2021 के बीच न्यू साउथ वेल्स (New South Wales) में 1,738 पुरुषों की जांच की, और अंततः 630 प्रतिभागियों को “डबल-ब्लाइंड” परीक्षण में सेर्ट्रालाइन या प्लेसिबो (placebo) प्राप्त करने के लिए यादृच्छिक रूप से चुना। इसका मतलब यह है कि शोधकर्ताओं, नर्सों, मनोचिकित्सकों और प्रतिभागियों को यह पता नहीं था कि कौन से पुरुष सेर्ट्रालाइन या प्लेसिबो ले रहे थे।

अधिकांश प्रतिभागियों की भर्ती सामुदायिक सुधार कार्यालयों और अदालतों के माध्यम से की गई थी। सामान्य हिंसा पर सेर्ट्रालाइन के प्रभाव के परिणाम अनिर्णायक थे। हालांकि, जिन लोगों ने सेर्ट्रालाइन लिया, उनमें घरेलू हिंसा के पुनः अपराध करने में महत्वपूर्ण कमी देखी गई:

1. 12 महीनों में, प्लेसिबो (24.8 प्रतिशत) की तुलना में सेर्ट्रालाइन दवा लेने वाले समूह (19.1 प्रतिशत) में घरेलू हिंसा में शामिल होने की प्रवृति कम थी।

2. 24 महीनों में, प्लेसिबो समूह (35.7 प्रतिशत) की तुलना में सेर्ट्रालाइन समूह (28.2 प्रतिशत) में अपराध कम था।

3. जिन पुरुषों ने अपनी दवाइयां अधिक नियमित रूप से लीं, उनमें 24 महीनों में पुनः अपराध करने की घटनाओं में 30 प्रतिशत की कमी आई।

सेर्ट्रालाइन कैसे काम करता है? - How does Sertraline work?

अवसादरोधी दवा सेर्ट्रालाइन मस्तिष्क में सेरोटोनिन की कार्यप्रणाली को बढ़ाकर काम करती है, जो आवेग नियंत्रण और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अत्यधिक आवेगशील पुरुषों के लिए, यह सीधे तौर पर हिंसा के मुख्य कारक को कम करता है – भावनात्मक प्रतिक्रियाओं (emotional reactions) को रोकने और नियंत्रित करने में असमर्थता। घरेलू हिंसा में प्रायः अंतरंग संबंधों में भावनात्मक रूप से आवेशित, आवेगपूर्ण प्रतिक्रियाएं शामिल होती हैं।

इन प्रतिक्रियात्मक संदर्भों में क्रोध और आक्रामकता का प्रकार मस्तिष्क सेरोटोनिन न्यूरोट्रांसमिशन को विनियमित करने के लिए सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील माना जाता है। सामान्य हिंसा कहीं अधिक विविध होती है, जिसमें पूर्व नियोजित कृत्य भी शामिल होते हैं, और यह आमतौर पर कम प्रतिक्रियात्मक होते हैं।

यादृच्छिकीकरण से पहले प्रारंभिक चार सप्ताह की अवधि के दौरान, सभी प्रतिभागियों को सेर्ट्रालाइन दिया गया और हमने देखा:—

1) अवसाद में 55 प्रतिशत की कमी

2) मनोवैज्ञानिक संकट में 44 प्रतिशत की कमी

3) क्रोध में 35 प्रतिशत की कमी

4) चिड़चिड़ापन में 25 प्रतिशत की कमी

5) आवेगशीलता में 20 प्रतिशत की कमी।

ये परिवर्तन परीक्षण के अधिकांश मनोसामाजिक समर्थन के पूर्ण प्रभाव से पहले ही घटित हो गए थे, जिससे दवा का प्रत्यक्ष प्रभाव प्रदर्शित हुआ।

जेल में काफी समय बिता चुके एक प्रतिभागी ने हमें बताया, ‘‘ मैं सड़क पर गुस्से में था, एक आदमी अपनी कार से बाहर कूद पड़ा और मुझ पर हमला करने लगा, और अगर ऐसा नहीं होता तो मैं उसे कुचल देता। लेकिन मैंने बस इतना कहा, ‘यार, पुलिस बुलाए जाने से पहले ही भाग जाओ।’ मुझे पूरा यकीन है कि ये दवा की वजह से हुआ। मुझे गर्व है, बहुत समय हो गया है, लेकिन आखिरकार मैंने खुद पर काबू पा लिया है।’’

कई प्रतिभागियों के सामने बेघर होने, इलाज न होने पर मानसिक स्वास्थ्य (mental health) संबंधी विकार, मादक पदार्थों का सेवन, रिश्तों में संकट, स्वास्थ्य सेवाओं से विमुखता और सरकारी संस्थाओं के साथ टकराव जैसी समस्याएं थीं।

कई पुरुष ‘अनदेखी’ में फंस गए, क्योंकि उनके मामले मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं या मानक सुधार कार्यक्रमों के लिए बहुत जटिल थे। इसका मतलब है कि उन्हें जरूरी सहायता नहीं मिल पाई। इसका अर्थ यह है कि उन्हें आवश्यक सहायता नहीं मिल सकी। यह महसूस किया गया कि इन व्यापक मनोसामाजिक आवश्यकताओं को संबोधित किए बिना दवा देना हमारी देखभाल के कर्तव्य में विफलता होगी।

इसलिए अध्ययन में एक व्यापक सहायता मॉडल को शामिल किया गया, जिसमें फार्माकोथेरेपी (pharmacotherap) को आघात-सूचित नैदानिक ​​परामर्श (clinical counseling) के साथ जोड़ा गया, प्रतिभागियों का सक्रिय रूप से अनुवर्तन किया गया, 24 घंटे संकट सहायता दी गई, पुरुषों को सहायता सेवाओं और साथी सुरक्षा योजना का उपयोग करने में सहायता की गई।

(टोनी बटलर, एमेडियोंग आई. अकपनेकपो, ली नाइट, राइज़ मैन्टेल, यूएनएसडब्ल्यू सिडनी; पीटर विलियम स्कोफ़ील्ड, न्यूकैसल विश्वविद्यालय)

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मुख्यमंत्री गहलोत ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक ली

मुख्यमंत्री गहलोत ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक ली

जीतेंद्र कुमार October 28 2022 29187

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने निवास पर स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का फीडबैक लिया। इसके लिए

लोहिया संस्थान ने वर्ष 2016 की भर्ती प्रक्रिया को किया रद्द।

लोहिया संस्थान ने वर्ष 2016 की भर्ती प्रक्रिया को किया रद्द।

हे.जा.स. March 17 2021 24262

लोहिया संस्थान में वर्ष 2016 में 456 गैर शैक्षणिक पदों की मंजूरी मिली थी। इनमें कंप्यूटर आपरेटर, टेक

देश के बड़े शहर बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण रहने लायक नही

देश के बड़े शहर बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण रहने लायक नही

एस. के. राणा April 12 2022 35844

साइंस एडवांस्ड में प्रकाशित एक अध्ययन की माने तो भारत के ज़्यादातर बड़े शहर वायु-प्रदूषण के कारण श्मशा

एम्स दिल्ली को मिलेगा नया डायरेक्टर, डॉ रणदीप गुलेरिया 23 मार्च को हो रहे रिटायर

एम्स दिल्ली को मिलेगा नया डायरेक्टर, डॉ रणदीप गुलेरिया 23 मार्च को हो रहे रिटायर

एस. के. राणा February 18 2022 29660

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को नया डायरेक्टर मिलने वाला है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए 32 ल

नालंदा के सदर अस्पताल में गायब मिले डॉक्टर

नालंदा के सदर अस्पताल में गायब मिले डॉक्टर

आरती तिवारी July 01 2023 33229

बिहार शरीफ सदर अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिले जिसकी वजह से मरीजों को इलाज

35 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को साल में एक बार सर्वाइकल कैंसर का टेस्ट जरूरी : डॉ. नीतू गोयल जैन

एस. के. राणा February 23 2026 4634

इस टेस्ट में दर्द नहीं होता, सुई नही लगाई जाती बच्चेदानी के मुंह से ब्रश के द्वारा एक नमूना लेते हैं

नीट यूजी की काउंसिलिंग 27 से 31 जनवरी के बीच केजीएमयू व लोहिया संस्थान लखनऊ में

नीट यूजी की काउंसिलिंग 27 से 31 जनवरी के बीच केजीएमयू व लोहिया संस्थान लखनऊ में

हे.जा.स. January 24 2022 31968

एमबीबीएस, बीडीएस में दाखिला लेने वाले छात्रों को सात फरवरी तक दाखिला देना होगा। 15 फरवरी से काउंसिलि

सीरम इंस्टीट्यूट कोरोना के खिलाफ चार और नयी वैक्सीन लाने की तैयारी में ।

सीरम इंस्टीट्यूट कोरोना के खिलाफ चार और नयी वैक्सीन लाने की तैयारी में ।

हे.जा.स. January 18 2021 18086

इससे पहले यह कंपनी एस्ट्राजेनेका ऑक्सफोर्ड के सहयोग से कोविशिल्ड (Covishield) नाम की वैक्सीन विकसित

ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस की तबियत बिगड़ी 

ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस की तबियत बिगड़ी 

यादवेंद्र सिंह February 24 2025 150588

पोप फ्रांसिस का 14 फरवरी से रोम के जेमेली अस्पताल में इलाज चल रहा है। अचानक उनकी श्वसन प्रणाली में स

प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए खोला खज़ाना 

प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए खोला खज़ाना 

हुज़ैफ़ा अबरार May 11 2022 31918

प्रदेश में मेडिकल कोर्स के लिए सीटों की संख्या को दोगुनी करने के अलावा राज्य में 6,000 से अधिक डॉक्ट

Login Panel