











































प्रतीकात्मक
वाशिंगटन (भाषा)। अमेरिकी कंपनी जगत भारत को कोविड19 महामारी के प्रकोप का सामाना करने में मदद के लिए सहायता सामग्री बढ़ाने में लगा है।
कंपनियां यहां से वेंटिलेटर और अक्सीजन कंसेंटेटर आदि भोजने में जुटी हैं ताकि वहां तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की प्राण रक्षा में मदद हो सके। भारत में इस समय हर दिन चार लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जा रहे है। अस्पताल खाट और आक्सीजन सहायाता की कमी से जूझ रहे हैं।
थर्मो फिशर ने शनिवार को यूनाइटेड एयरलाइन की मदद से भारत के लिए आवश्यक सहायता सामग्री की एक खेप रवाना की। कंपनी ने कहा कि, ‘ हम विनम्रता के साथ कोविड19 का सामाना करने के भारत के अपने साथियों वहां के लोगों की यह सहायता करना चाहते हैं।’ कंपनी की ओर से भेजी गयी सामग्री में 46 लाख वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम ट्यूब भी हैं जो वयरल के नमूनों को सूखने से और सूक्षम जीवाणुओं के प्रदूषण से बचाती हैं।
भारत-अमेरिका रणनीतिक भागीदारी एवं मंच के अध्यक्ष मुकेश अघी ने इस मदद के लिए कंपनी के प्रति आभार जताया।
अमेरिकन एयरलाइन्स ने कहा कि वह रेडक्रास के साथ मिल कर पूरी दुनिया में कोविड19 से बचाव में लोगों की मदद कर रही है।
कंपनी एमवे ने अमेरिकी वाणिज्य मंडल के नेतृत्व में काम कर रहे एक न्यास को 5 लाख डालर का चंदा दिया है। इससे भारत को 1000 वेंटिलेटर और 25,0000 आक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें भेजी जाएंगी। कंपनी के मुख्य अधिशासी मिलिंद पंत ने कहा, ‘एमवे के वैश्वि परिवार का मन-मस्तिष्क इस समय भारत पर लगा है।’
डेविड एंड कैरॉल फेमिली फाउंडेशन ने भी ढाई लाख डालर की सहायता की घोषणा की है।
अमेरिका इंडिया फाउंडेशन ने कहा है कि उसे भारत में कोविड19 चिकित्सा सुविधाओं में सहायता के लिए चुब चैरिटेबल फाउंडेशन से 5 लाख रुपये की मदद मिली है। इससे अस्पतालों को 100 सुविधाओं से सुसज्जित पोर्टेबल खाट उपलब्ध कराए जाएंगे।
भारत में कोविड19 की दूसरी लहर में नित नए मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए अमेरिका की सरकार, कंपनियां और यहां के लोग भारत के लिए राहत सामग्री भेजने में बराबर जुटे हैं।
अमेरिका की 45 से अधिक बड़ी कंपनियां और उनके मुख्य अधिशासी अधिकारी अमेरकी इस उद्येश्य से गठित एक कार्यबल में शामिल हैं। इसका गठन अमेरिकी वाणिज्य उद्योगमंडल और बिजनस राउंडटेबल नाम के कंपनी संघों ने अमेरिका-भारत व्यावसायिक परिषद और अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी मंच ने किया है।
इस कार्यबल ने अब तक भारत को 25,000 आक्सीजन कंसंट्रेटर और 1000 वेटिलेटर भेजने की घोषणा की है। गूगल, डेलाइट , माइक्रोसाफ्ट, वालमार्ट , बोइंग और मास्टरकार्ड जैसे बड़े अमेरिकी व्यावसायिक प्रतिष्ठान भारत को कोविड सहायता भेजने में हाथ बंटा रहे हैं।
अमेरिका की सरकारी एजेंसी यूएसयेड अब तक भारत को छह विमानों में स्वास्थ्य सेवाओं में काम आने वाली सामग्री भेज चुकी है।
जो बाइडन सरकार ने अभी भारत को 10 करोड़ डालर की सहायता देने की घोषणा की है और उम्मीद है कि समीक्षा के बाद राष्ट्रपति इस राशि को और बढ़ा सकते हैं।
इस समय भारतीय मूल के अमरीकी भी भारत को सहायता भेजने में बढ़ चढ़ कर आगे आ रहे हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार August 25 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार August 25 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 91
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8141
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1974
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1715
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1596
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8141
एस. के. राणा January 20 2026 0 5292
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4914
एस. के. राणा January 13 2026 0 4788
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4753
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87204
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35777
लेख विभाग March 19 2022 0 35406
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73015
स्वास्थ्य मंत्री विभिन्न विभागों के अध्यक्षों, डॉक्टरों, नर्सों, सुरक्षा तथा शुचिता सेवाओं के प्रमुख
थैलासीमिया इण्डिया सोसायटी, लखनऊ द्वारा लोहिया अस्पताल की ओपीडी-2 में एचएलए कैम्प आयोजन किया गया। शि
जब हम पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं पीते हैं तो हम डीहाइड्रेशन से पीड़ित हो जाते हैं। अगर समय पर इस स्थित
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कप्पा घातक साबित नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव
ग्रेटर नोएडा में स्थित लुक्सर जेल में 31 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इस मामले के बाद जिला प्रशा
हम सभी जानते हैं कि देर तक पानी में रहने या नहाने के बाद हाथ और पैर की त्वचा सिकुड़ जाती है लेकिन शा
हड्डी रोग विभाग ने करीब 400 से ज्यादा सर्जरी कर मरीजों को राहत दी। इस पर कुलपित लेफ्टिनेंट जनरल डॉ.
These five year breast cancer mortality risks for patients with a recent diagnosis may be used to es
ठंडी हवाओं और मौसम के बदलने से होंठों की नमी कहीं खो सी जाती है और वे फटने लग जाते हैं। ऐसे में ये
ठंडी हवाएं स्किन की नमी को सोख लेती हैं जिससे त्वचा पर रूखापन आ जाता है। इस रूखेपन को दूर करने के ल

COMMENTS