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नयी दिल्ली। दिवाली के बाद राजधानी में पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण कम होने की वजह से दिल्ली के अस्पतालों में इस साल श्वसन रोग के कम मामले आए। इसके साथ ही, 2021 की तुलना में अस्पतालों में जलने के मामले भी कम संख्या में आए।
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टिट्यूट में श्वसन रोग (respiratory diseases) विभाग के डायरेक्टर डॉ. मनोज गोयल ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार हवा की गुणवत्ता बेहतर है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में सांस के मामलों में वृद्धि हुई है, लेकिन यह संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम है।"
हालांकि, डॉक्टरों ने कहा कि दीपावली (Diwali) के बाद सांस की बीमारी के प्रसार के बारे में किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा क्योंकि लोग अस्पतालों में तभी आते हैं जब उनकी स्थिति खराब हो जाती है।
जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक (medical director) डॉक्टर सुभाष गिरि ने कहा कि इस बार सांस की बीमारियों (respiratory diseases) के कम मामले आए क्योंकि संभवत: हवाओं की स्थिति और पटाखों पर प्रतिबंध के कारण इस साल हवा की गुणवत्ता थोड़ी बेहतर है।







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