











































प्रतीकात्मक
ऑस्ट्रेलिया। मेलबर्न स्थित फ्लोरे इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस एंड मेंटल हेल्थ के शोधकर्ताओं ने एक प्रयोग के दौरान नर चूहों को कोविड वायरस से संक्रमित किया। संक्रमण के बाद उन्हें प्रजनन करने के लिए मादा चूहों के साथ रखा गया। मकसद था, इस ब्रीडिंग से पैदा हुई भावी संतानों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का आकलन करना।
शोध की प्रमुख लेखिका एलिजाबेथ क्लीमैन के मुताबिक, हमें पता चला कि गैर संक्रमण वाले पिता की संतानों के मुकाबले, संक्रमित पिता की संतानों में घबराहट जैसा व्यवहार ज्यादा था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, संक्रमित पिता की मादा संतानों में बदलाव ज्यादा स्पष्ट था। उनके मस्तिष्क के हिप्पोकैंपस क्षेत्र में कुछ जीन अलग तरह से सक्रिय थे। दिमाग का यही हिस्सा भावनाओं को नियंत्रित करता है।
चूहे के स्पर्म पर कोविड का असर (COVID's Effect on Mice Sperm)
यह शोध अब प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर कम्युनिकेशन में छापा गया है। शोध की सहायक वरिष्ठ लेखिका कारोलिना गुबेर्ट के मुताबिक, "भावी पीढ़ी में हमने जिस तरह की बेचैनी देखी शायद, यह इसी का नतीजा हो सकता है।"
वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कोविड संक्रमण के दिमाग और व्यवहार पर पड़ने वाले दीर्घकालीन असर को जांचने वाली पहली रिसर्च है। इसी दौरान पता चला कि वायरस, पिता के शुक्राणु में मौजूद आरएनए पर असर डालता है। आरएनए के अणु (RNA molecules) मस्तिष्क का विकास करने वाले जीनों के लिए जिम्मेदार होते हैं।
क्या इंसान पर भी होगा ऐसा ही असर(Will this effect be similar in humans?)
शोध के मुख्य रिसर्चर एंथनी हैनन के मुताबिक, यह देखना अभी बाकी है कि चूहों में सामने आया ये बदलाव क्या इंसान पर भी ऐसा ही असर डालेगा. वह कहते हैं, "अगर हमारे नतीजे इंसान पर भी लागू होते हैं तो ये दुनिया भर में लाखों बच्चों, उनके परिवार और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी बड़ा असर डालेगा।"
2020 की शुरुआत में दुनिया ने कोविड-19 महामारी देखी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के मुताबिक इस महामारी ने 70 लाख से ज्यादा लोगों की जान ली। बुरी तरह संक्रमण की चपेट में आने वाले लोग और रोकथाम में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, महामारी ने मानसिक स्वास्थ्य (mental health) पर भी गहरा असर छोड़ा है।
15 देशों में किए गए करीब 40 शोधों के मुताबिक, कोविड लॉकडाउन के दौरान अलग थलग हुए बच्चे आज भी अधूरी पढ़ाई का गैप भर नहीं सके हैं।
ओंकार सिंह जनौटी, एडिटर, डीडब्ल्यू - हिन्दी
World Health Organization COVID lockdown mental health RNA molecules







हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 763
हुज़ैफ़ा अबरार October 11 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 63
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 5593
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 763
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 756
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 609
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 581
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 546
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 483
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9989
एस. के. राणा February 01 2026 0 6223
एस. के. राणा January 20 2026 0 6111
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5733
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5677
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 5593
एस. के. राणा January 13 2026 0 5229
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87547
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35764
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38734
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36211
लेख विभाग March 19 2022 0 35798
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73715
सीरम इंस्टीट्यूट इंडिया को भारत की विशाल जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है और इसके स
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर होप इनिशिएटिव तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लखनऊ और निर्वान हॉस्पिटल द
दस्तक अभियान में फिजिकल डिस्टेंसिंग, हाथों की धुलाई और मास्क की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
आलू में विटामिन सी,मैग्नीशियम, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में आप पोटैटो आइस
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में नैक ग्रेडिंग के लिए पहली बार तैयारी कर रहे सं
इस योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि प्रदेश में योजना के लागू होने से अब-तक
पढ़ाई काल से ही लोगों की सेवाभाव को अपना धर्म बना लिया था। उन्होंने सेवा पेशे को चुना। जीएनएम का कोर
न्यू चंडीगढ़ में पीएम मोदी ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री किसी अस्पताल का
52 वायल जम गई थीं जिन्हें हटाकर दूसरी वैक्सीन मंगाई गई। वैक्सीन की खराबी की जांच के लिए दो सदस्यीय ज
कोरोना से बचाव के प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। मास्क लगाएं, दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें और बा

COMMENTS