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नयी दिल्ली। देश में कोरोना को लेकर अलग-अलग रिसर्च की जारी है। वहीं इस बीच इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) के एक पूर्व छात्र ने दावा किया है कि उसने एक ऐसा बायोसेंसर डेवलप (Biosensor Develop) किया है, जो पसीने के सैंपल की मदद से कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगा सकता है।
दरअसल नोएडा के क्वांटा कैलकुलस में बतौर साइंटिस्ट कार्यरत 34 साल के अमित दुबे ने बताया कि उन्होंने कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए बायोमेडिकल और बायोसेंसिंग एप्लीकेशन्स (Biosensing Applications) के लिए दुनिया का पहला स्पेसिफिक और भरोसेमंद अल्ट्रा-स्मॉल गोल्ड नैनोक्लस्टर को डेवलप किया है। उनके इस प्रयास से इफेक्टिव और चीप यानी सस्ती टेस्टिंग किट (testing kit) की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जो किसी व्यक्ति के पसीने के सैंपल से कोविड संक्रमण का पता लगा सकती है।
बता दें कि ये रिसर्च हाल ही में विली द्वारा पब्लिश एक अमेरिकी मैगजीन (american magazine) 'ल्यूमिनेसिसेंस: द जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल एंड केमिकल ल्यूमिनसेंस' में छपी है। अपनी इस रिसर्च को शेयर करते हुए अमित दुबे ने कहा कि बायोसेंसर वन-स्टेप आइडेंटिफिकेशन या सेंसिंग टेक्नीक (sensing technique) होगी। साइंटिस्ट ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस रिसर्च से सस्ते वाले बायोसेंसर की एक नई जनरेशन तैयार हो सकती है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण (corona infection) से भारत में अब तक 5,30,740 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 1783 है। वहीं, कोरोना से पीड़ित अभी तक 4,41,50,372 लोग ठीक हो चुके हैं।







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