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वॉशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना महामारी से जंग अभी तक जारी है। अमेरिका के बाइडेन प्रशासन ने देश में लागू कोविड पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (health emergency) और नेशनल इमरजेंसी को खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए देश में बड़े पैमाने पर महामारी उपायों को लागू किए जाने के लगभग 3 साल बाद अमेरिका 11 मई को कोविड इमरजेंसी को खत्म करने के लिए तैयार है। 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कोविड नेशनल इमरजेंसी (covid national emergency) और पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी लगाया था, जिसे मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) की ओर से बार-बार बढ़ाया गया।
अमेरिका के हेल्थ एंड ह्युमन सर्विसेज डिपार्टमेंट (Health and Human Services Department ने वादा किया है कि वह राज्यों को इमरजेंसी खत्म होने से 60 दिन पहले नोटिस देगा, जिससे राज्य अपने हेल्थ केयर सिस्टम (health care system) को फिर से तैयार कर लें। बता दें कि अमेरिका में कोविड इमरजेंसी लागू होने के बाद हर 90 दिनों पर उसे बढ़ाया जा रहा था। इस तरह जैसे अमेरिका में कोरोना के नए वैरिएंट का असर दिख रहा था, वैसे ही हेल्थ इमरजेंसी (health emergency) को विस्तार दिया जा रहा था। अब जब अमेरिका में कोविड के हालात सामान्य हैं और स्थिति नियंत्रण में है तो अमेरिकी सरकार (US government) ने इमरजेंसी खत्म करने का फैसला किया है।
सरकार ने इमरजेंसी (emergency) को मई में खत्म करने के पीछे का तर्क बताते हुए कहा कि इससे अस्पतालों (hospitals) को समय मिल जाएगा कि वह अपने पेमेंट्स आदि को क्लीयर कर लें। बयान में कहा गया है कि अगर तुरंत इमरजेंसी खत्म कर दी जाती तो इससे कई अस्पतालों को नुकसान उठाना पड़ता। व्हाइट हाउस अब अमेरिका में कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) को निजी सेक्टर को सौंपने की तैयारी कर रहा है। अभी तक वैक्सीन का खर्च सरकार द्वारा उठाया जा रहा था लेकिन अब मॉडर्ना (Moderna) और फाइजर (Pfizer) जैसी वैक्सीन के लिए लोगों को 130 डॉलर प्रति वैक्सीन की दर से खर्च करने पड़ सकते हैं।







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