











































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। पिछले दो साल से अधिक समय से पूरी दुनिया कोरोना की मार झेल रही है। अब तक सामने आए वैरिएंट्स के कारण बनी स्थिति, लॉकडाउन आदि ने सेहत को गंभीर तौर से प्रभावित किया है। हाल में ही देश में तीसरी लहर का कारण बने ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron variant) के कुछ अन्य सब-वैरिएंट्स भी सामने आए हैं, जिसे अध्ययनों में काफी संक्रामक बताया जा रहा है। मसलन हम सभी अब इस महामारी (pandemic) से पूरी तरह थक चुके हैं। सभी के मन में बस एक ही सवाल है कि कितनी जल्दी इस महामारी से छुटकारा मिलेगा? जन-जीवन कब सामान्य होगा? पर क्या यह इतना आसान है?
कुछ अध्ययनों में वैज्ञानिक चिंता जता चुके हैं कि आने वाले वर्षों में कोरोना की ही तरह और भी महामारियां आ सकती हैं, जिसको लेकर हम सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। हालांकि हाल ही में साइंस एडवांस जर्नल (Science Advances journal ) में छपी एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने ऐसी परेशानियों से बचने का एक कारगर तरीका सुझाया है। विशेषज्ञ कहते हैं, अगर मानव जाति अगली महामारी को रोकने के लिए गंभीर है, तो उसे वनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। महामारी से बचने के लिए अभी से हम सभी को पेड़ लगाने (plantation) और वनों के संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिस तरह से हाल के वर्षों में पर्यावरण का प्रदूषण बढ़ा है, ऐसे में कई तरह की महामारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है।

कोरोना के बाद भी बना रह सकता है खतरा - Danger may remain even after Corona
रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यावरण के क्षरण तेजी से बढ़ा है। बर्फ तेजी से पिघल रहे हैं, वैश्विक तापमान बढ़ रहा है और समुद्र के स्तर में वृद्धि होती देखी जा रही है। इन कारणों से घटते वन आवरण ने जानवरों और पक्षियों की लाखों प्रजातियों को बेघर कर दिया है। पर्यावरण का बढ़ता इस तरह का असंतुलन भविष्य के लिए गंभीर मुसीबतों का कारण बन सकता है। इसके चलते कोरोना की तरह या संभवत: इसे भी खतरनाक महामारी जैसी स्थिति बन सकती है।
वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट - Scientists alert
एनर्जी एंड एनवायरनमेंट न्यूज पीएम की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस (corona virus) से एचआईवी (HIV) जैसी समस्याओं तथा हर साल उभरती संक्रामक बीमारियों के चलते वैश्विक स्तर पर मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। अगर समय रहते वन्यजीवों की निगरानी और पर्यावरण पर ध्यान न दिया गया तो पशुओं से इंसानों में होने वाली कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाएगा। प्रकृति की व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ की हमारी आदतें बड़ी गंभीर समस्याओं का न्योता दे रही हैं।
महामारी के खतरों से बचाव के लिए क्या करें? - What to do to prevent the dangers of epidemics?
रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाली संभावित महामारियों के खतरे से बचने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि वनों की कटाई पर रोकथाम लगाई जाए साथ ही व्यक्तिगत तौर पर हम सभी को पेड़ लगाने चाहिए। सरकारों को वनों के संरक्षण की योजना बनाकर इसपर गंभीरता से काम करना चाहिए। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिकों को मुश्तैद रहना होगा जिससे समय रहते उभरते वायरस और रोगजनकों का पता लगाकर उन्हें नियंत्रित करने के उपाय किए जाएं। वन्यजीवों और पशुओं में आकस्मिक रोगों की निगरानी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।







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