देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

आने वाले वर्षों में कोरोना की ही तरह और भी महामारियां आ सकती है: वैज्ञानिक

वैज्ञानिक चिंता जता चुके हैं कि आने वाले वर्षों में कोरोना की ही तरह और भी महामारियां आ सकती हैं, जिसको लेकर हम सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। एक जर्नल में वैज्ञानिकों ने ऐसी परेशानियों से बचने का कारगर तरीका भी सुझाया है।

एस. के. राणा
February 23 2022 Updated: February 23 2022 23:38
0 27558
आने वाले वर्षों में कोरोना की ही तरह और भी महामारियां आ सकती है: वैज्ञानिक प्रतीकात्मक

नई दिल्ली। पिछले दो साल से अधिक समय से पूरी दुनिया कोरोना की मार झेल रही है। अब तक सामने आए वैरिएंट्स के कारण बनी स्थिति, लॉकडाउन आदि ने सेहत को गंभीर तौर से प्रभावित किया है। हाल में ही देश में तीसरी लहर का कारण बने ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron variant) के कुछ अन्य सब-वैरिएंट्स भी सामने आए हैं, जिसे अध्ययनों में काफी संक्रामक बताया जा रहा है। मसलन हम सभी अब इस महामारी (pandemic) से पूरी तरह थक चुके हैं। सभी के मन में बस एक ही सवाल है कि कितनी जल्दी इस महामारी से छुटकारा मिलेगा? जन-जीवन कब सामान्य होगा? पर क्या यह इतना आसान है?

कुछ अध्ययनों में वैज्ञानिक चिंता जता चुके हैं कि आने वाले वर्षों में कोरोना की ही तरह और भी महामारियां आ सकती हैं, जिसको लेकर हम सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। हालांकि हाल ही में साइंस एडवांस जर्नल (Science Advances journal ) में छपी एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने ऐसी परेशानियों से बचने का एक कारगर तरीका सुझाया है। विशेषज्ञ कहते हैं, अगर मानव जाति अगली महामारी को रोकने के लिए गंभीर है, तो उसे वनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। महामारी से बचने के लिए अभी से हम सभी को पेड़ लगाने (plantation) और वनों के संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिस तरह से हाल के वर्षों में पर्यावरण का प्रदूषण बढ़ा है, ऐसे में कई तरह की महामारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है।

कोरोना के बाद भी बना रह सकता है खतरा - Danger may remain even after Corona
रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यावरण के क्षरण तेजी से बढ़ा है। बर्फ तेजी से पिघल रहे हैं, वैश्विक तापमान बढ़ रहा है और समुद्र के स्तर में वृद्धि होती देखी जा रही है। इन कारणों से घटते वन आवरण ने जानवरों और पक्षियों की लाखों प्रजातियों को बेघर कर दिया है। पर्यावरण का बढ़ता इस तरह का असंतुलन भविष्य के लिए गंभीर मुसीबतों का कारण बन सकता है। इसके चलते कोरोना की तरह या संभवत: इसे भी खतरनाक महामारी जैसी स्थिति बन सकती है।

वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट - Scientists alert
एनर्जी एंड एनवायरनमेंट न्यूज पीएम की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस (corona virus) से एचआईवी (HIV) जैसी समस्याओं तथा  हर साल उभरती संक्रामक बीमारियों के चलते वैश्विक स्तर पर मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। अगर समय रहते वन्यजीवों की निगरानी और पर्यावरण पर ध्यान न दिया गया तो पशुओं से इंसानों में होने वाली कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाएगा। प्रकृति की व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ की हमारी आदतें बड़ी गंभीर समस्याओं का न्योता दे रही हैं।

महामारी के खतरों से बचाव के लिए क्या करें? - What to do to prevent the dangers of epidemics?
रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाली संभावित महामारियों के खतरे से बचने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि वनों की कटाई पर रोकथाम लगाई जाए साथ ही व्यक्तिगत तौर पर हम सभी को पेड़ लगाने चाहिए। सरकारों को वनों के संरक्षण की योजना बनाकर इसपर गंभीरता से काम करना चाहिए। इसके अलावा  वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिकों को मुश्तैद रहना होगा जिससे समय रहते उभरते वायरस और रोगजनकों का पता लगाकर उन्हें नियंत्रित करने के उपाय किए जाएं। वन्यजीवों और पशुओं में आकस्मिक रोगों की निगरानी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन।

माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन।

रंजीव ठाकुर March 19 2021 51815

प्रोग्राम मैनेजर भावना राई ने बताया कि देश की आधी आबादी आज भी माहवारी स्वच्छता प्रबंधन में बहुत पीछे

जबरन स्थानांतरण के खिलाफ चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ ने आंदोलन की घोषणा।

जबरन स्थानांतरण के खिलाफ चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ ने आंदोलन की घोषणा।

हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2021 27956

महासंघ ने मांग किया कि यदि स्थानांतरण करना है तो स्वयं के अनुरोध पर ही स्थानांतरण किया जाये। जिससे इ

गर्म हवा वर्ष 2050 तक दुनिया भर के बच्चे को करेगी बीमार: यूनिसेफ

गर्म हवा वर्ष 2050 तक दुनिया भर के बच्चे को करेगी बीमार: यूनिसेफ

हे.जा.स. October 26 2022 44096

यूएन बाल एजेंसी ने रेखांकित किया है कि वर्तमान में लगभग 50 कआरोड़ बच्चे, पहले ही अनेक तरह की गर्म हव

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के मुताबिक ऑनलाइन फार्मेसी गैरकानूनी है: एआईओसीडी

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के मुताबिक ऑनलाइन फार्मेसी गैरकानूनी है: एआईओसीडी

रंजीव ठाकुर September 16 2022 24454

दवा के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं की एक बैठक निरालानगर स्थित एक होटल में सम्पन्न हुई। दवा व्यापार में

सहारा हॉस्पिटल में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, विशेषज्ञ डाक्टर प्रशिक्षित होंगें जटिल एंजियोप्लास्टी तकनीक में 

सहारा हॉस्पिटल में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, विशेषज्ञ डाक्टर प्रशिक्षित होंगें जटिल एंजियोप्लास्टी तकनीक में 

हुज़ैफ़ा अबरार April 14 2022 34993

सहारा हॉस्पिटल का हृदय रोग विभाग प्रदेश का एकमात्र ऐसा अस्पताल बन गया है, जो नये आने वाले हृदय रोग व

आधुनिक चिकित्सा का सबसे कारगर विकल्प बनेगा आयुर्वेद: डॉ. भट्ट

आधुनिक चिकित्सा का सबसे कारगर विकल्प बनेगा आयुर्वेद: डॉ. भट्ट

आनंद सिंह April 06 2022 25742

डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, आरोग्यता के साथ आयुर्वेद व्यापक रोजगार देने में भी सक्षम, गुरु ग

जानिए आवंले का जूस पीने के बेमिसाल फायदे

जानिए आवंले का जूस पीने के बेमिसाल फायदे

लेख विभाग May 29 2023 35495

आंवला औषधीय गुणों से भरपूर एक बेहतरीन फल है, जिसका सेवन करने से सेहत को अद्भुत फायदे मिलते हैं। आंवल

न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स में करियर की असीम सम्भावना।

न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स में करियर की असीम सम्भावना।

अखण्ड प्रताप सिंह November 03 2021 28468

12वीं के बाद स्टूडेंट्स इस फील्ड में बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। एक स

स्किन टाइटनिंग के लिए मॉर्फस 8 टेक्निक हो रही पॉपुलर, जानें इसके बारे में सब कुछ

स्किन टाइटनिंग के लिए मॉर्फस 8 टेक्निक हो रही पॉपुलर, जानें इसके बारे में सब कुछ

श्वेता सिंह August 27 2022 28825

ज्यादातर महिलाओं में स्किन के लूज होने की वजह बढ़ती उम्र होती है। लेकिन आज के समय में कम उम्र में भी

हिमाचल सरकार ने केंद्र से मांगी कोविशील्ड की 10 लाख डोज

हिमाचल सरकार ने केंद्र से मांगी कोविशील्ड की 10 लाख डोज

विशेष संवाददाता January 07 2023 25368

हिमाचल सरकार ने केंद्र से कोविशील्ड की 10 लाख और कॉर्बेवैक्स की एक लाख डोज मांगीं हैं।

Login Panel