











































प्रतीकात्मक चित्र
ब्रिसबेन। पराबैंगनी किरणों से रक्षा के नाम ओर बिक रहे सनस्क्रीन लोशन त्वचा के हिस्सों की सुरक्षा कर पाने के दावें की कसौटी पर विफल रहें हैं। ऑस्ट्रेलिया में ‘च्वाइस’ नामक एक संस्था के शोध में ऐसे परिणाम पाए गए हैं।
‘च्वाइस’ (Choice) ने जून में की गई जांच में पाया गया कि ऑस्ट्रेलिया (Australia) की दुकानों में बिक रहे 16 उत्पाद अपने पैकेज पर लिखे गए एसपीएफ सुरक्षा स्तर के अनुसार सुरक्षा प्रदान नहीं कर पातें। ‘च्वाइस’ ऑस्ट्रेलिया में एक गैर-लाभकारी और स्वतंत्र उपभोक्ता संगठन है जो उत्पादों की जांच करता है। एसपीएफ सुरक्षा स्तर से आशय सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (ultraviolet rays) से सुरक्षा के स्तर से है।
जुलाई में ‘थेरेप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन’ (Therapeutic Goods Administration) ने एक समीक्षा रिपोर्ट जारी की जिसमें सनस्क्रीन में कुछ रासायनिक अवयवों की मात्रा कम करने की सिफारिश की गई है। तब से कई अन्य सनस्क्रीन को या तो निर्माण संबंधी दोषों के कारण या खराब एसपीएफ सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण वापस ले लिया गया है या उनकी समीक्षा की जा रही है।
आधुनिक सनस्क्रीन से नियमित रूप से एसपीएफ 30+ या 50+ सुरक्षा मिलने की उम्मीद की जाती है। कंपनियों को वही एसपीएफ स्तर प्रदान करना चाहिए जिसका वे विज्ञापन (advertisment) कर रही हैं। लेकिन इस शोध से पता चलता है कि (आधुनिक मानकों के अनुसार) घटिया सनस्क्रीन भी दैनिक रूप से उपयोग करने पर महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करती हैं।
इन सब बातों ने हममें से कई लोगों को इस बात को लेकर असमंजस में डाल दिया है कि कौन से सनस्क्रीन सुरक्षित, प्रभावी और लेबल पर लिखे दावों के अनुसार काम करते हैं।
एसपीएफ के दावों का खरा उतरना सुनिश्चित करना - Ensuring SPF claims are met
ऑस्ट्रेलिया में टीजीए सनस्क्रीन में एसपीएफ से जुड़े आकलन को नियंत्रित करता है, लेकिन स्वयं परीक्षण नहीं करता। इसके बजाय कंपनियां खुद ही परीक्षण करती हैं या किसी अन्य कंपनी से ‘आउटसोर्स’ के आधार पर यह परीक्षण कराती हैं जो मानव त्वचा पर किया जाना चाहिए। इसके बाद कंपनी टीजीए को जांच के परिणाम से अवगत कराती है।
लेकिन जब ‘च्वाइस’ ने स्वतंत्र रूप से 20 ऑस्ट्रेलियाई सनस्क्रीन का परीक्षण किया, तो पाया कि 16 के लेबल पर किए गए एसपीएफ कारक संबंधी दावे को पूरा नहीं करते थे। टीजीए ने तब से लोगों को ‘वाइल्ड चाइल्ड’ (Wild Child) के बेस वाले 21 उत्पादों का उपयोग बंद करने की सिफारिश की है।







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