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लखनऊ। ट्रॉमा जागरूकता माह के उपलक्ष्य में अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लखनऊ और हार्ले ओनर्स ग्रुप (एचओजी) यूनाइटेड चैप्टर लखनऊ इंडिया ने मिलकर हेल्थ विद हार्ले नाम से विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इसका मकसद लोगों को सड़क सुरक्षा दुर्घटनाओं से बचाव और एमरजेंसी की हालत में तुरंत मदद देने के तरीकों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर की गई। रैली को एसीपी राधा रमण सिंह और अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक सोमानी ने रवाना किया। रैली शहर के विभिन्न इलाकों से होकर करीब 50 किमी चली और अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के बाद हार्ले ओनर्स ग्रुप के सदस्यों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया।
इस प्रशिक्षण में एडीसीपी राघवेंद्र सिंह समेत ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। उन्हें बताया कि किसी व्यक्ति की सांस या धड़कन रुकने जैसी स्थिति में शुरुआती मदद कैसे दी जा सकती है। साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में लखनऊ ट्रैफिक पुलिस के 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों को एमरजेंसी की हालत में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए शुरुआती मदद देने के तरीके बताए गए। साथ ही सड़क सुरक्षा और ट्रॉमा से बचाव को लेकर एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया। एसीपी राधारमण सिंह ने सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देते हुए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने पर जोर देते हुए कहा यह वाहन की पहचान और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है। उन्होंने वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर के बढ़ते इस्तेमाल काली फिल्म लगाने जैसी नियम विरुद्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी।
ट्रैफिक पुलिस विभाग ने असली और नकली एचएसआरपी की पहचान को लेकर एक विशेष प्रस्तुति भी दी गई, ताकि लोग किसी तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हों। एसीपी राधारमण सिंह ने कहा सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है। सुरक्षित वाहन सही नंबर प्लेट और जिम्मेदार व्यवहार भी उतने ही जरूरी हैं। एचएसआरपी वाहन सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और लोगों को असली और नकली प्लेट के बीच अंतर की जानकारी होना चाहिए। हमें खुशी है कि इस कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस के 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी भी सीपीआर प्रशिक्षण का हिस्सा बने हैं। ऐसी ट्रेनिंग आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकती है। अपोलोमेडिक्स और हार्ले ओनर्स ग्रुप की यह पहल निश्चित रूप से जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक सोमानी ने कहा दुर्घटना के बाद के शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अगर सही समय पर सही मदद मिल जाए तो कई बार किसी की जान बचाई जा सकती है। हेल्थ विद हार्ले के जरिए हमने लोगों तक यही संदेश पहुंचाने का प्रयास किया है कि जागरूकता और सही जानकारी किसी भी आपात स्थिति में बहुत काम आती है। हार्ले ओनर्स ग्रुप यूनाइटेड चैप्टर लखनऊ के अध्यक्ष अजय ने कहा हम हमेशा ऐसे अभियानों का हिस्सा बनना चाहते हैं जो समाज के लिए उपयोगी हों। ट्रॉमा जागरूकता माह के दौरान अपोलोमेडिक्स के साथ मिलकर यह अभियान चलाना हमारे लिए गर्व की बात है। उम्मीद है कि इस पहल से अधिक से अधिक लोग सड़क सुरक्षा और सीपीआर के महत्व को समझेंगे।







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