











































Dr Vikram Maiya, Lead Consultant- Radiation Oncology, Manipal hospital Yelahanka
लखनऊ। भारत में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति के तहत मणिपाल हॉस्पिटल येलहंका बेंगलुरु देश का पहला स्वास्थ्य संस्थान बन गया है, जहाँ कंपनी का एआई-सक्षम एडैप्टिव सीटी-लिनैक प्लेटफॉर्म एलेक्टा इवो स्थापित किया है। इस स्थापना से डॉक्टरों को ऑनलाइन एडैप्टिव रेडियोथेरेपी (एआरटी) देने की सुविधा मिलेगी, जिससे मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार अधिक व्यक्तिगत और सटीक रेडिएशन थेरेपी प्रदान की जा सकेगी। यह उपलब्धि एलेक्टा इवो के भारत में पहले परिचय के बाद हासिल हुई है। एलेक्टा इवो को पहली बार वर्ष 2025 में कोलकाता में आयोजित एआरओआईकॉन 2025, जो देश का प्रमुख रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सम्मेलन है, में प्रस्तुत किया गया था। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार भारत में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और हर वर्ष 14.6 लाख नए कैंसर रोगियों का डाग्नोसिस किया जाता है। जैसे-जैसे रेडिएशन थेरेपी की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है और कई मरीज जटिल या कैंसर की उन्नत अवस्था में इलाज के लिए पहुँच रहे हैं, ऐसे में ऐसी तकनीकों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है, जो उपचार को अधिक सटीक और प्रत्येक मरीज की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत बना सकें।
फेरास अल हसन एलेक्टा में रीजन टाइमिया (TIMEA) प्रमुख ने कहा मणिपाल हॉस्पिटल में भारत के पहले एलेक्टा इवो की स्थापना देश में एडैप्टिव रेडिएशन थेरेपी तक पहुँच का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पिछले वर्ष एआरओआईकॉन में एलेक्टा इवो को प्रस्तुत करने के बाद से हमारा लक्ष्य यही रहा है कि अगली पीढ़ी की यह सटीक रेडिएशन थेरेपी उन डॉक्टरों तक पहुँचे, जो लगातार अधिक जटिल कैंसर मामलों का इलाज कर रहे हैं। एआई-सक्षम इमेजिंग और ऑनलाइन एडैप्टिव क्षमताओं को एक बहुउपयोगी सीटी-लिनैक प्लेटफॉर्म पर एक साथ जोड़कर, एलेक्टा इवो डॉक्टरों को मरीज के पूरे उपचार के दौरान अधिक सटीक जानकारी के आधार पर बेहतर उपचार संबंधी निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। भारत में इस नवाचार को लाने के लिए मणिपाल हॉस्पिटल के साथ साझेदारी पर हमें गर्व है और हम पूरे क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
मणिपाल हॉस्पिटल के लिए यह स्थापना रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में उसकी उपचार क्षमताओं को और मजबूत बनाती है, क्योंकि इससे एडैप्टिव रेडियोथेरेपी को नियमित चिकित्सा अभ्यास का हिस्सा बनाया जा सकेगा। यह तकनीक डॉक्टरों को मरीज के पूरे उपचार के दौरान उसकी बदलती स्थिति के अनुसार इलाज को अनुकूलित करने में सक्षम बनाती है, जिससे वे अधिक सटीक और बेहतर जानकारी के आधार पर उपचार संबंधी निर्णय ले सकते हैं। इससे उपचार की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो जाती है। एडैप्टिव रेडियोथेरेपी को नियमित उपचार में अधिक सुलभ बनाकर यह प्लेटफॉर्म अधिक मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत रेडिएशन थेरेपी का लाभ प्रदान करता है, वह भी उपचार की गुणवत्ता और सटीकता से समझौता किए बिना। इस तकनीक का उपयोग मणिपाल हॉस्पिटल में अब नियमित उपचार में भी शुरू हो चुका है। अस्पताल ने एलेक्टा इवो प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन एडैप्टिव रेडियोथेरेपी (ओएआरटी) के माध्यम से स्थानीय रूप से उन्नत रेक्टल कैंसर के अपने पहले मरीज का सफलतापूर्वक इलाज किया है। मरीज ने नियोएडजुवेंट कीमोरेडियोथेरेपी का उपचार बहुत कम रेडिएशन-संबंधी दुष्प्रभावों के साथ पूरा किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रतिदिन मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार में किए जाने वाले बदलाव ट्यूमर को अधिक सटीकता से निशाना बनाने के साथ-साथ आसपास के स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखने में भी प्रभावी हैं।
डॉ. विक्रम मैया लीड कंसल्टेंट रेडिएशन ऑन्कोलॉजी मणिपाल हॉस्पिटल येलहंका ने कहा मणिपाल हॉस्पिटल में हम अपने मरीजों तक कैंसर उपचार की नवीनतम तकनीकें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत का पहला अस्पताल बनकर एलेक्टा इवो स्थापित करना हमारी इसी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह प्लेटफॉर्म हमारी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी टीम को उपचार के दौरान मरीज के शरीर में होने वाले बदलावों के अनुसार इलाज को अनुकूलित करने में सक्षम बनाता है। इससे मरीज की स्थिति के अनुरूप अधिक व्यक्तिगत उपचार संबंधी निर्णय लिए जा सकते हैं और उच्च गुणवत्ता वाली व्यक्तिगत कैंसर देखभाल प्रदान करने की हमारी क्षमता भी बढ़ती है। ऑनलाइन एडैप्टिव रेडियोथेरेपी से उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों में हमने पहले ही इसके सकारात्मक चिकित्सीय परिणाम देखे हैं। उपचार के दौरान प्रतिदिन किए जाने वाले आवश्यक बदलावों ने ट्यूमर को अधिक सटीकता से निशाना बनाने में मदद की है, साथ ही आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर रेडिएशन के प्रभाव को भी कम किया है। रेक्टल, सर्वाइकल और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों के उपचार में हमारा शुरुआती अनुभव काफी उत्साहजनक रहा है।
अब तक उपचार अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है और मरीजों में उपचार से जुड़े दुष्प्रभाव भी बहुत कम देखने को मिले हैं। आइरिस की हाई-डेफिनिशन एआई-सक्षम इमेजिंग तकनीक से सुसज्जित एलेक्टा इवो डॉक्टरों को ट्यूमर और उसके आसपास के स्वस्थ ऊतकों को असाधारण स्पष्टता के साथ देखने में सक्षम बनाता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन एडैप्टिव क्षमताओं के साथ मिलकर यह प्लेटफॉर्म एक ही सिस्टम पर रेडिएशन थेरेपी की अनेक उन्नत तकनीकों का समर्थन करता है। इससे डॉक्टर अधिक सटीकता के साथ उपचार प्रदान कर सकते हैं, साथ ही आसपास के स्वस्थ ऊतकों







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