देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

सरकार ने ज़ारी किया कोविड पाजिटिव व लक्षणयुक्त बच्चों के लिए दवाओं की सूची 

विभिन्न आयु वर्गों के कोविड पाजिटिव व लक्षणयुक्त व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए समिति द्वारा तय की गईं दवाओं को लोगों को उपलब्ध कराने को कहा है । इसके तहत शून्य से 12 साल तक के बच्चों को तीन श्रेणी में बांटते हुए और 12 साल से ऊपर वालों के लक्षणों के आधार पर जरूरी दवाओं के सेवन की सलाह दी है ।

हुज़ैफ़ा अबरार
January 14 2022 Updated: January 14 2022 16:01
0 31847
सरकार ने ज़ारी किया कोविड पाजिटिव व लक्षणयुक्त बच्चों के लिए दवाओं की सूची  प्रतीकात्मक

लखनऊ। कड़ाके की सर्दी के बीच कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए इस वक्त छोटे बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखना सभी के लिए बहुत ही जरूरी है । एक साल तक के बच्चे को अधिक खांसी आ रही हो, पसली चल रही हो, बच्चा दूध व खुराक लेना बंद कर दे, तेज बुखार हो और दस्त न रुके तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक से जरूर संपर्क करें । इसके साथ ही दिन में तीन-चार बार बच्चे के सांस लेने की दर (रेस्परेटरी रेट) और आक्सीजन सेचुरेशन (पल्स आक्सीमीटर से) जरूर नापें, आक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसद व उससे अधिक ही होना चाहिए । इससे कम होने पर चिकित्सक से सलाह ली जानी चाहिए ।    

महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं वेदव्रत सिंह ने इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आयु वर्गों के कोविड पाजिटिव व लक्षणयुक्त व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए समिति द्वारा तय की गईं दवाओं को लोगों को उपलब्ध कराने को कहा है । इसके तहत शून्य से 12 साल तक के बच्चों को तीन श्रेणी में बांटते हुए और 12 साल से ऊपर वालों के लक्षणों के आधार पर जरूरी दवाओं के सेवन की सलाह दी है । इसके तहत शून्य से 12 माह, एक से पाँच साल और छह से 12 साल तक के बच्चों की तीन श्रेणी बनाई गई है और लक्षणों के आधार पर व कोरोना पाजिटिव होने की स्थिति में निर्धारित दवाओं के सेवन की सलाह दी गई है ।   

मेडिकल किट में शामिल दवाएं :

शून्य से 12 माह तक के शिशुओं के लिए निर्धारित दवाएं :
लक्षण युक्त शिशु (जिनका कोविड टेस्ट रिजल्ट अभी ज्ञात नहीं है या टेस्ट नहीं हुआ है) तथा पाजिटिव शिशु जिनको केवल बुखार है, उनके लिए दी जा रही किट में पैरासिटामाल ड्रॉप (100 मिग्रा प्रति मिली.) की दो शीशी, मल्टी विटामिन ड्रॉप की एक शीशी और ओआरएस का एक पैकेट शामिल है । पैरासिटामाल ड्रॉप बुखार आने की स्थिति में बच्चे को देना है और ध्यान रहे इसे खाली पेट नहीं देना है । शून्य से दो माह तक के शिशु को पैरासिटामाल ड्रॉप दशमलव पाँच मिली. दिन में तीन बार देना है, तीन से छह माह तक के शिशु को एक मिली. दिन में तीन बार और सात से 12 माह के शिशु को एक मिली. दिन में चार बार बुखार आने पर देना है । मल्टी विटामिन का ड्रॉप छह माह तक के शिशुओं को नहीं देना है, सात से 12 माह तक के शिशु को दशमलव पाँच मिली. सात दिन तक देना है । इसके अलावा दस्त की स्थिति में ओआरएस का घोल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें ।  

एक से पाँच वर्ष के लिए :
पैरासिटामाल सिरप (बुखार आने पर दें, ध्यान रहे खाली पेट नहीं देना है)- एक से दो वर्ष के बच्चे को पाँच मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार, दो से तीन वर्ष को 10 मिली. आठ घंटे के अंतराल पर दिन में तीन बार, तीन से पाँच वर्ष के बच्चे को 10 मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार देना है । मल्टीविटामिन सिरप- एक से दो वर्ष के बच्चे को ढाई  मिली. रात को एक बार, दो से पाँच वर्ष तक के बच्चे को ढाई मिली. सुबह और रात को सात दिन तक देना है । ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है ।   

छह से 12 वर्ष के लिए :  
टैबलेट पैरासिटामाल (500 मिलीग्राम) बुखार आने पर आधी गोली दिन में तीन बार (खाली पेट नहीं देना है)-आठ घंटे के अंतराल पर, टैबलेट आइवरमेक्टिन छह मिलीग्राम-रात को खाना खाने के एक घंटे बाद एक गोली तीन दिन तक, मल्टीविटामिन टैबलेट- रात को सोने से पहले एक गोली सात दिन तक, ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है । 

12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए : 
टैबलेट पैरासिटामाल (650 अथवा 500 मिलीग्राम) की 15 गोली-पाँच दिन के लिए,  टैबलेट आइवरमेक्टिन 12 मिलीग्राम पाँच दिन के लिए पाँच गोली-रात के खाने के बाद  (गर्भवती व धात्री महिलाओं और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं देना है), टैबलेट एजिथ्रोमायिसिन-500 मिलीग्राम पाँच दिन के लिए पाँच गोली, टैबलेट विटामिन-सी, टैबलेट/कैप्सूल विटामिन बी काम्प्लेक्स, विटामिन डीथ्री । इन दवाओं के सेवन के साथ ही सांस संबंधी व्यायाम, योग व प्राणायाम करने की सलाह दी गई है । तीन से चार लीटर प्रतिदिन हल्का गर्म या गुनगुना पानी पियें और दिन में तीन से चार बार आक्सीजन सेचुरेशन पर ध्यान दें । आक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसद से अधिक होना चाहिए ।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

काली खाँसी: लक्षण, कारण और निदान

काली खाँसी: लक्षण, कारण और निदान

लेख विभाग June 09 2022 46796

काली खांसी (Whooping cough) नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों को सामान्यत: प्रभावित करता है। यह विशेषकर ए

इतने कम समय में 100 करोड़ टीके लगाना बहुत बड़ी कामयाबी, भारत को बधाई: विश्व स्वास्थ्य संगठन

इतने कम समय में 100 करोड़ टीके लगाना बहुत बड़ी कामयाबी, भारत को बधाई: विश्व स्वास्थ्य संगठन

हे.जा.स. October 22 2021 23151

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के कोविड-19 से संघर्ष में गौरवशाली दिया है, हम निरन्तर, विश्व में सबसे बड़े

हिमाचल प्रदेश में बढ़ने लगा स्क्रब टायफस का कहर

हिमाचल प्रदेश में बढ़ने लगा स्क्रब टायफस का कहर

विशेष संवाददाता September 10 2022 28955

हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस जानलेवा हो गया है। स्क्रब टाइफस से प्रदेश में पहली मौत हुई है। इंदि

लखनऊ में वैक्सिनेशन के प्रति बढ़ रही जागरूकता। 

लखनऊ में वैक्सिनेशन के प्रति बढ़ रही जागरूकता। 

हुज़ैफ़ा अबरार July 05 2021 24101

सोमवार से राजधानी के 88 अस्पतालों में कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगाई जाएगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी

नागपुर: अस्पताल की लापरवाही के चलते थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के शिकार, एक की मौत 

नागपुर: अस्पताल की लापरवाही के चलते थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के शिकार, एक की मौत 

विशेष संवाददाता May 30 2022 45073

छह बच्चों का इलाज थैलेसीमिया के लिए किया जा रहा था, जिसमें खून चढ़ाने के लिए पहले न्यूक्लिक एसिड टेस

सहारा हॉस्पिटल के पैथोलॉजी सैम्पल कलेक्शन सेन्टर का शुभारम्भ

सहारा हॉस्पिटल के पैथोलॉजी सैम्पल कलेक्शन सेन्टर का शुभारम्भ

हुज़ैफ़ा अबरार February 03 2023 33794

हास्पिटल के पैथोलॉजी विभाग की हेड डा. अंजू शुक्ला ने बताया कि 2012 पैथालॉजी को एनएबीएल की मान्यता मि

नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के संभावित खतरे पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं: केंद्र सरकार

नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के संभावित खतरे पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं: केंद्र सरकार

हे.जा.स. December 25 2021 31051

इस समय देश के 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में 358 ओमिक्रॉन के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से

डॉ. शोभा बडिगर से जानिये रक्त कैंसर का कारण, लक्षण और उपचार

डॉ. शोभा बडिगर से जानिये रक्त कैंसर का कारण, लक्षण और उपचार

लेख विभाग July 15 2022 38328

ल्यूकेमिया डब्ल्यूबीसी के कैंसर से संबंधित है और शायद ही कभी लाल रक्त कोशिकाओं और समयपूर्व प्लेटलेट्

प्राणायाम से फेफड़ों में ऑक्सीजन कैरिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

प्राणायाम से फेफड़ों में ऑक्सीजन कैरिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

हुज़ैफ़ा अबरार June 22 2021 33825

प्राणायाम जरूर करिए क्योंकि यह फेफड़ों में आक्सीजन संग्रह करने की क्षमता को बढ़ाता है,हमारी श्वांस क

लड़कियों में होने वाली माहवारी को समझें

लड़कियों में होने वाली माहवारी को समझें

लेख विभाग August 13 2022 39197

पीरियड के इन संकेतों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि इससे आप सेनेटरी पैड्स और टेम्पन्स जैसे

Login Panel